बीजापुर/ रायपुर. छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर (बस्तर रीजन) इलाके में डीआरजी-एसटीएफ एवं अन्य सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में आज भारी मुठभेड़ हुई है. इस एनकाउंटर में कुल छह माओवादी मारे गए, जिसमें एक हाई-प्रोफाइल कमांडर बुच अन्ना भी शामिल बताया जा रहा है. फायरिंग अभी भी पूरी तरह थमी नहीं है और इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है.
सुरक्षा बलों ने पूरे मद्देड क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर रखा है, रुक-रुक कर फायरिंग की स्थिति बनी हुई है. IG सुंदरराज पी. ने कहा कि यह सुरक्षा बलों की निर्णायक बढ़त है और इससे दक्षिण बस्तर में माओवादी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि अब मद्देड एरिया कमेटी लगभग खत्म होने की कगार पर है.
स्क्क जितेन्द्र यादव का कहना है कि अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है और इलाके में अभी भी सक्रिय नक्सली तत्व मौजूद हो सकते हैं. स्थानीय आदिवासी-ग्रामीणों ने स्वागत करते हुए कहा कि वे नक्सलियों के दुष्प्रभाव से त्रस्त थे. उन्होंने सरकार से अपील की है कि मारे गए कमांडर और अन्य नक्सलियों के मददगारों की भी जांच हो, और अगर कोई नेटवर्क बचा है तो उन्हें निष्क्रिय किया जाए. इस ऑपरेशन में देखा जा रहा है कि मद्देड कमेटी बहुत अहम थी, क्योंकि यह नेशनल-पार्क इलाके के भीतर थी. सुरक्षा-बलों की चुनौतियों में उत्तरदायी मानी जाती थी. यदि कार्रवाई पूरी तरह सफल होती है, तो यह संगठन के हाथ कमजोर करने का बड़ा संकेत है.
कैंडल इनपुट के बाद चला अभियान
बॉर्डर एरिया में गुप्त खुफिया सूचना मिलने पर डीआरजी-एसटीएफ की टीम को तैयार किया और कार्रवाई शुरू की. जब माओवादी ने फायरिंग की, तो सुरक्षा बलों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी. फायरिंग जारी रहने की जानकारी सामने आई है, साथ ही इलाके में सर्च ऑपरेशन फिलहाल जारी है.
हथियार- विस्फोटक सामग्री जब्त
सूत्रों का दावा है कि यहां से हथियार बरामदगी की रिपोर्ट मिली है. ऑटोमैटिक गन, मैग्जीन, शायद विस्फोटक सामग्री भी मिली है. यह घटना संगठन के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि यहां एक बड़े कमांडर का खात्मा हुआ है. ग्राउंड पर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म की नेटवर्किंग खतरनाक रूप ले सकती थी, लेकिन इस कार्रवाई से सुरक्षा बलों ने अलर्ट बढ़ा दिया है

