जबलपुर. नगर निगम की साधारण सभा की बैठक से पहले नगर निगम प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. शहर के विकास से जुड़े अहम मुद्दों और आगामी योजनाओं पर चर्चा के लिए आयोजित इस बैठक को व्यवस्थित, गरिमापूर्ण और सुचारू बनाने के उद्देश्य से निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने स्वयं मोर्चा संभाला. बैठक शुरू होने से पहले उन्होंने अधिकारियों के साथ सदन कक्ष का गहन निरीक्षण किया और हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर पैनी नजर रखी. निगमायुक्त की इस सक्रियता का असर यह रहा कि बैठक के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या तकनीकी खामी सामने नहीं आई.
बैठक से पहले निगमायुक्त आरपी अहिरवार का फोकस साफ तौर पर इस बात पर था कि सदन में बैठने वाले सभी पार्षदों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और चर्चा का माहौल सकारात्मक व अनुशासित बना रहे. उन्होंने सभा कक्ष में बैठने की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्रों की कार्यप्रणाली, पेयजल, स्वच्छता और बिजली आपूर्ति जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बैठक के दौरान माइक, साउंड सिस्टम या अन्य तकनीकी साधनों में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए, ताकि सदन की कार्यवाही निर्बाध रूप से चल सके.
निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से सौंपीं और कहा कि साधारण सभा केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि शहर के भविष्य से जुड़े निर्णयों का मंच है, इसलिए इसकी व्यवस्थाएं भी उसी स्तर की होनी चाहिए.
बैठक के महत्व को देखते हुए निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी सदन में मौजूद रहे. समस्त अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त और विभागीय प्रमुखों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित आंकड़ों, प्रगति रिपोर्ट और आवश्यक जानकारियों के साथ पूरी तैयारी में रहें. इसका असर सदन की कार्यवाही में भी देखने को मिला, जहां चर्चा तथ्यात्मक और विषय केंद्रित रही. अधिकारियों की तैयारियों ने पार्षदों के सवालों और सुझावों पर त्वरित व स्पष्ट जवाब देने में मदद की.
साधारण सभा की बैठक के दौरान सदन का माहौल न केवल अनुशासित रहा, बल्कि सकारात्मक भी नजर आया. महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ और निगमाध्यक्ष रिकुंज विज सहित सदन के सभी सम्माननीय पार्षदों ने निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार का स्वागत किया और उनकी कार्यशैली की खुले मंच से सराहना की. पार्षदों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि निगमायुक्त न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर सक्रिय हैं, बल्कि जमीनी धरातल पर भी शहर के विकास और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को गंभीरता से आगे बढ़ा रहे हैं.
सदन में यह भी चर्चा का विषय रहा कि स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं और अन्य शहरी परियोजनाओं में जबलपुर को बेहतर रैंक दिलाने के लिए निगमायुक्त लगातार प्रयासरत हैं. पार्षदों का कहना था कि निगमायुक्त की कार्यशैली में पारदर्शिता, अनुशासन और त्वरित निर्णय क्षमता साफ दिखाई देती है, जिसका लाभ सीधे शहरवासियों को मिल रहा है. सदन में कई सदस्यों ने यह भी कहा कि बैठक से पहले की गई तैयारियों से यह स्पष्ट होता है कि निगम प्रशासन अब सिर्फ योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी उतना ही ध्यान दे रहा है.
इस अवसर पर सदन में पूर्व निगमायुक्त और वर्तमान में आगर मालवा की कलेक्टर श्रीमती प्रीति यादव के कार्यों को भी याद किया गया. सदन के सदस्यों ने उनके कार्यकाल के दौरान किए गए बेहतर प्रयासों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि उनके द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं को वर्तमान प्रशासन आगे बढ़ा रहा है. यह दृश्य नगर निगम में निरंतरता और संस्थागत कार्य संस्कृति को दर्शाता नजर आया.
साधारण सभा की इस बैठक ने यह संकेत दिया कि नगर निगम अब बैठकों को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और प्रभावी मंच के रूप में देख रहा है. निगमायुक्त आरपी अहिरवार की सक्रिय भूमिका और अधिकारियों की तैयारी ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक सजगता से न सिर्फ व्यवस्था सुधरती है, बल्कि जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच भरोसा भी मजबूत होता है. शहर के विकास से जुड़ी इस महत्वपूर्ण बैठक में दिखी यह गंभीरता आने वाले समय में नगर निगम की कार्यप्रणाली को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है.