क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर देशभर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है. रेलवे ने त्योहारों की छुट्टियों के दौरान कुल 244 स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है, जो अगले 15 दिनों तक विभिन्न रूट्स पर संचालित होंगी. हर साल दिसंबर के आखिरी सप्ताह में और जनवरी की शुरुआत में ट्रेनों में जिस तरह की भीड़ देखने को मिलती है, उसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. रेलवे का उद्देश्य साफ है कि यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट, प्लेटफॉर्म पर अव्यवस्था और आखिरी समय की परेशानी से बचाया जा सके.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार क्रिसमस और न्यू ईयर केवल धार्मिक या कैलेंडर के त्योहार नहीं हैं, बल्कि यह वह समय होता है जब लोग परिवार के साथ छुट्टियां बिताने, पर्यटन स्थलों पर जाने और अपने गृह नगर लौटने के लिए बड़ी संख्या में सफर करते हैं. ऐसे में नियमित ट्रेनों की क्षमता अक्सर कम पड़ जाती है. इसी दबाव को कम करने के लिए 244 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है. इन ट्रेनों में लंबी दूरी के साथ-साथ प्रमुख महानगरों और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले रूट्स शामिल किए गए हैं.
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि सिर्फ स्पेशल ट्रेनें ही नहीं, बल्कि कई व्यस्त रूट्स पर ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ की व्यवस्था के तहत अतिरिक्त कोच भी जोड़े जा रहे हैं. इसका मतलब यह है कि जिन ट्रेनों में अचानक ज्यादा बुकिंग या वेटिंग बढ़ेगी, वहां जरूरत के अनुसार कोच बढ़ाए जाएंगे. इससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और मौजूदा ट्रेनों पर दबाव भी कम होगा.
इस फैसले को यात्रियों के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल के दिनों में कोहरे, मौसम की मार और कुछ जगहों पर तकनीकी कारणों से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही है. ऐसे में त्योहारों की भीड़ अगर बिना तैयारी के आती, तो हालात और बिगड़ सकते थे. रेलवे का कहना है कि इस बार पहले से योजना बनाकर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि यात्रा अनुभव बेहतर हो सके.
स्पेशल ट्रेनों का संचालन उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पूर्व और पश्चिम भारत के प्रमुख रूट्स पर किया जाएगा. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाले रूट्स पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. इसके अलावा कई पर्यटन स्थलों जैसे गोवा, केरल, हिमाचल और उत्तराखंड की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी अतिरिक्त सेवाएं जोड़ी जा रही हैं.
रेलवे के इस ऐलान के बाद टिकट बुकिंग को लेकर भी हलचल तेज हो गई है. ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की नजर अब इन स्पेशल ट्रेनों की उपलब्धता पर है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय रहते टिकट बुक कर लें और अनधिकृत एजेंटों या फर्जी वेबसाइटों से दूरी बनाए रखें. साथ ही यह भी कहा गया है कि स्पेशल ट्रेनों के शेड्यूल और रूट की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध कराई जा रही है.
यात्रियों का कहना है कि हर साल क्रिसमस और न्यू ईयर पर टिकट मिलना किसी चुनौती से कम नहीं होता. कई लोग मजबूरी में वेटिंग टिकट पर यात्रा करने का जोखिम उठाते हैं या फिर महंगे विकल्पों की ओर रुख करते हैं. ऐसे में 244 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा ने लोगों को उम्मीद दी है कि इस बार यात्रा अपेक्षाकृत आसान होगी. खासकर छात्र, नौकरीपेशा लोग और प्रवासी मजदूर इस फैसले से राहत महसूस कर रहे हैं.
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ मॉडल भविष्य के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है. यदि किसी रूट पर अचानक भीड़ बढ़ती है, तो वहां कोच बढ़ाकर या अतिरिक्त फेरे लगाकर स्थिति संभाली जा सकती है. इससे न केवल यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि रेलवे की राजस्व स्थिति भी मजबूत होगी. त्योहारों के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों से रेलवे को भी अच्छी आय की उम्मीद रहती है.
हालांकि रेलवे अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि यात्रियों को नियमों का पालन करना जरूरी होगा. स्पेशल ट्रेनें चलाने का मतलब यह नहीं है कि सुरक्षा या अनुशासन से समझौता किया जाएगा. बिना टिकट यात्रा, अवैध चढ़ाई और प्लेटफॉर्म पर अव्यवस्था के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी. रेलवे सुरक्षा बल और वाणिज्यिक स्टाफ को भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर रेलवे स्टेशन सिर्फ यात्रा के केंद्र नहीं, बल्कि उत्सव के रंग में रंगे नजर आते हैं. इस बार भी स्टेशन परिसरों में सजावट, अतिरिक्त सूचना काउंटर और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जा रही है ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो. रेलवे का दावा है कि भीड़ के बावजूद सफर को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है.
244 स्पेशल ट्रेनों का ऐलान यह संकेत देता है कि रेलवे त्योहारों के दौरान यात्रियों की जरूरतों को गंभीरता से ले रहा है. छुट्टियों के मौसम में जब हर कोई अपनों के बीच पहुंचना चाहता है या नई जगहों की सैर पर निकलना चाहता है, तब यह फैसला लाखों लोगों की यात्रा को आसान बना सकता है. आने वाले दिनों में इन ट्रेनों का संचालन किस हद तक भीड़ का दबाव कम करता है, इस पर सबकी नजरें रहेंगी, लेकिन फिलहाल यह ऐलान क्रिसमस और न्यू ईयर की खुशियों में एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

