एडिलेड में एशेज सीरीज अपने नाम करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल पूरी तरह जश्न में डूबा नजर आया। जीत की खुशी सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि ड्रेसिंग रूम के भीतर भी उत्सव का रंग चढ़ गया। इस जश्न की अगुवाई की ट्रैविस हेड ने, जो न केवल मैच के नायक रहे, बल्कि जीत के बाद टीम के उत्साह को भी नई ऊंचाई पर ले गए।
जैसे ही ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत के बाद ड्रेसिंग रूम में लौटी, ट्रैविस हेड ने हर खिलाड़ी को एक नई सफेद टी-शर्ट थमाई। इन टी-शर्ट्स पर बड़े लाल अक्षरों में लिखा था ‘Ronball’ और उसके साथ मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड का एक कार्टून बना हुआ था, जिन्हें टीम के भीतर प्यार से ‘रोनाल्ड’ कहा जाता है। यह टी-शर्ट सिर्फ कपड़ों का टुकड़ा नहीं, बल्कि इस जीत के पीछे की सोच, रणनीति और टीम संस्कृति का प्रतीक बन गई।
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एशेज जीत का जश्न इतना जोश से भरा था कि ट्रैविस हेड को चौथे टेस्ट से पहले एक-दो ट्रेनिंग सेशन मिस करने पड़ सकते हैं। एडिलेड के घरेलू नायक रहे हेड ने इस मुकाबले में अहम भूमिका निभाई। दूसरी पारी में लगाया गया उनका शानदार शतक इंग्लैंड के लिए लक्ष्य को पूरी तरह पहुंच से बाहर ले गया और अंततः ऑस्ट्रेलिया ने 82 रन से जीत दर्ज कर एशेज ट्रॉफी कम से कम अगले 18 महीनों के लिए अपने नाम कर ली।
यह जीत महज एक टेस्ट मैच की नहीं थी, बल्कि पूरी सीरीज पर ऑस्ट्रेलिया की पकड़ को मजबूत करने वाली साबित हुई। सिर्फ 11 दिनों के भीतर एशेज अपने नाम कर लेना ऑस्ट्रेलियाई टीम के आत्मविश्वास और दबदबे को दर्शाता है। ऐसे में ड्रेसिंग रूम का जश्न भी उसी स्तर का था। ‘रॉनबॉल’ शब्द दरअसल कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड की खेल शैली और रणनीति की ओर इशारा करता है, जो खिलाड़ियों के बीच अब एक पहचान बन चुकी है।
टी-शर्ट पहनकर खिलाड़ियों ने न सिर्फ जीत का जश्न मनाया, बल्कि अपने कोच के प्रति सम्मान और भरोसे को भी सार्वजनिक रूप से दिखाया। तस्वीरों में उस्मान ख्वाजा समेत कई खिलाड़ी ‘Ronball’ टी-शर्ट पहने मुस्कुराते नजर आए। यह दृश्य बताता है कि टीम के भीतर माहौल कितना सकारात्मक और एकजुट है।
ट्रैविस हेड के लिए यह जीत और भी खास रही। अपने घरेलू मैदान पर शतक जड़कर उन्होंने न केवल मैच का रुख पलटा, बल्कि खुद को इस एशेज सीरीज के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल कर लिया। उनके प्रदर्शन और नेतृत्व ने उन्हें जश्न का स्वाभाविक केंद्र बना दिया।
अब नजरें मेलबर्न में होने वाले चौथे एशेज टेस्ट पर हैं। हालांकि एशेज पहले ही ऑस्ट्रेलिया के नाम हो चुकी है, लेकिन टीम की कोशिश रहेगी कि वह इसी लय और आक्रामकता के साथ सीरीज को आगे बढ़ाए। जश्न के बीच यह भी साफ है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम जीत से संतुष्ट होकर ढीली नहीं पड़ना चाहती।
‘रॉनबॉल’ टी-शर्ट के साथ मनाया गया यह जश्न लंबे समय तक याद रखा जाएगा। यह सिर्फ एक जीत का उत्सव नहीं, बल्कि उस टीम भावना का प्रतीक है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर एशेज में अजेय बना दिया।