रिकॉर्ड तोड़कर नई ऊंचाइयों की ओर जैकब डफी, भारत-इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया दौरों पर अब टिकीं निगाहें

रिकॉर्ड तोड़कर नई ऊंचाइयों की ओर जैकब डफी, भारत-इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया दौरों पर अब टिकीं निगाहें

प्रेषित समय :21:02:25 PM / Tue, Dec 23rd, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

न्यूजीलैंड क्रिकेट में साल 2025 जैकब डफी के नाम हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। जिस रिकॉर्ड को दशकों तक महान रिचर्ड हैडली की पहचान माना जाता रहा, उसे तोड़कर डफी ने खुद को कीवी क्रिकेट के नए भरोसेमंद तेज गेंदबाज के रूप में स्थापित कर दिया है। एक कैलेंडर वर्ष में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट मिलाकर 81 विकेट लेकर डफी ने न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि यह भी संकेत दे दिया कि वह आने वाले वर्षों में न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ बनने को तैयार हैं। अब उनकी नजरें भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के उन दौरों पर टिकी हैं, जिन्हें वह अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौतियों और उपलब्धियों के रूप में देख रहे हैं।

रिचर्ड हैडली ने 1985 में 79 विकेट लेकर जो मानक स्थापित किया था, वह चार दशक तक अटूट रहा। डफी ने उसे पीछे छोड़ते हुए यह साबित किया कि निरंतरता, फिटनेस और मौके का सही इस्तेमाल किस तरह किसी खिलाड़ी को रिकॉर्ड बुक में पहुंचा सकता है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि उन्होंने ऐसे समय में हासिल की, जब न्यूजीलैंड का तेज गेंदबाजी आक्रमण लगातार चोटों से जूझ रहा था। मैट हेनरी, काइल जैमीसन और विल ओ’रूर्क जैसे सीनियर गेंदबाज अलग-अलग समय पर बाहर रहे, लेकिन डफी ने हर फॉर्मेट में जिम्मेदारी उठाई और टीम को संभाले रखा।

वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई घरेलू टेस्ट सीरीज ने डफी की बढ़ती हैसियत पर मुहर लगा दी। माउंट माउंगानुई के बे ओवल में उन्होंने दिन-पांच की चुनौतीपूर्ण पिच पर सटीक लाइन-लेंथ और स्विंग का शानदार नमूना पेश किया। हार्ड लेंथ से उछाल निकालते हुए उन्होंने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को बार-बार परेशान किया। उसी सीरीज में उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 23 विकेट झटके और 15.43 के औसत से गेंदबाजी करते हुए एक और न्यूजीलैंड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह किसी घरेलू टेस्ट सीरीज में किसी कीवी गेंदबाज द्वारा लिए गए सर्वाधिक विकेट हैं, जिसमें उन्होंने ट्रेंट बोल्ट जैसे दिग्गज को भी पीछे छोड़ दिया।

न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2-0 से सीरीज जीतकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र की शानदार शुरुआत की है। इस समय टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है और उसकी नजर एक बार फिर खिताब की दौड़ में मजबूती से बने रहने पर है। आने वाले महीनों में कीवी टीम के सामने भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज है, जबकि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के कठिन दौरे भी तय हैं। ये वही देश हैं, जहां रेड-बॉल क्रिकेट को सबसे बड़ी कसौटी माना जाता है। जैकब डफी खुद मानते हैं कि यही वे दौर हैं, जो किसी भी खिलाड़ी के करियर की दिशा तय करते हैं।

डफी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज उनके लिए बेहद खास होगी। उनका मानना है कि भारतीय टीम के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि वहां तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती तीनों की परीक्षा होती है। वहीं इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे को वह रेड-बॉल क्रिकेट के शिखर के रूप में देखते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अब तक ढाई बार इंग्लैंड दौरे का हिस्सा रहे हैं, लेकिन वहां खेलने का मौका नहीं मिला। ऐसे में अगर इस बार मैदान पर उतरने का अवसर मिलता है, तो यह उनके करियर का बड़ा पल होगा।

डफी की सफलता का एक बड़ा कारण यह भी रहा है कि उन्होंने खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं डाला। उनका कहना है कि वह अपने करियर को बहुत दूर तक सोचकर नहीं देखते, बल्कि हर मैच और हर स्पेल का आनंद लेने की कोशिश करते हैं। हालांकि यह भी साफ है कि कप्तान टॉम लैथम का उन पर भरोसा लगातार बढ़ा है। डफी ने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया कि कप्तान उन्हें बार-बार गेंद सौंपते हैं और मुश्किल हालात में उनसे ही उम्मीद करते हैं। उनके अनुसार, यह भरोसा ही उन्हें बेहतर गेंदबाजी करने की प्रेरणा देता है।

इस साल डफी ने जिस तरह से वर्कलोड संभाला है, वह भी काबिले-तारीफ है। तेज गेंदबाजों की चोटों के बीच लगातार खेलना आसान नहीं होता, लेकिन डफी ने खुद को फिट रखा और हर फॉर्मेट में प्रभाव छोड़ा। टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता ने चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को यह भरोसा दिलाया है कि वे लंबे समय तक टीम का हिस्सा बने रह सकते हैं। खासतौर पर रेड-बॉल क्रिकेट में उनकी स्विंग और सटीकता उन्हें अलग पहचान दिला रही है।

न्यूजीलैंड क्रिकेट के नजरिए से देखें तो जैकब डफी का उभार बेहद अहम समय पर हुआ है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के इस चक्र में टीम को लगातार मजबूत प्रदर्शन की जरूरत है और इसके लिए एक ऐसे गेंदबाज का होना जरूरी है, जो हर परिस्थिति में विकेट निकाल सके। डफी फिलहाल उसी भूमिका में खुद को ढालते नजर आ रहे हैं। उनके आंकड़े और प्रदर्शन यह संकेत दे रहे हैं कि वे सिर्फ एक सीजन के स्टार नहीं, बल्कि लंबे समय के लिए टीम की योजना का हिस्सा बन चुके हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि जब न्यूजीलैंड भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुश्किल दौरों पर उतरेगा, तब जैकब डफी किस तरह अपने इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग फॉर्म को बरकरार रखते हैं। अगर वह इन चुनौतियों में भी सफल रहते हैं, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि कीवी क्रिकेट को रिचर्ड हैडली के बाद एक ऐसा तेज गेंदबाज मिल चुका है, जो इतिहास और वर्तमान के बीच की दूरी को पाट सकता है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-