-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* मासिक दुर्गाष्टमी - 28 दिसम्बर 2025, रविवार
* शुक्ल अष्टमी प्रारम्भ - 01:09 पीएम, 27 दिसम्बर 2025
* शुक्ल अष्टमी समाप्त - 11:59 एएम, 28 दिसम्बर 2025
देवी दुर्गा का आठवां स्वरूप महागौरी है. नवरात्रि दुर्गा अष्टमी के दिन देवी महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है.
यह भोलेनाथ की अर्धांगिनी है, जिन्होंने कठोर तपस्या के बाद शिवजी को अपने पति के रूप में प्राप्त किया था.
देवी महागौरी की चार भुजाएं है जिनमें से उनके दो हाथों में डमरू और त्रिशूल है और शेष दो हाथ- अभय और वर मुद्रा में है.
देवी महागौरी की पूजा-अर्चना से राहु ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है.
जिन श्रद्धालुओं की राहु की दशा-अंतर्दशा चल रही हो, उन्हें देवी महागौरी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.
जिनका पढ़ाई में मन नहीं लगता हो उन्हें भी देवी महागौरी की उपासना करनी चाहिए.
देवी महागौरी की पूजा-अर्चना से परिवार में शैक्षिक समृद्धि आती है.
संतान के रूप-सौन्दर्य-वैभव प्राप्ति के लिए श्रद्धालुओं को देवी महागौरी की आराधना करनी चाहिए.
जिन श्रद्धालुओं को रहस्यमय एवं अज्ञात शत्रुओं से भय हो उन्हें देवी महागौरी की रक्षार्थ आराधना करनी चाहिए.
देवी की इस मंत्र से पूजा-अर्चना करें... ॐ देवी महागौर्यै नम:॥
दैनिक चौघड़िया - 27 दिसम्बर 2025
* दिन का चौघड़िया
काल - 07:18 से 08:37
शुभ - 08:37 से 09:57
रोग - 09:57 से 11:17
उद्वेग - 11:17 से 12:36
चर - 12:36 से 01:56
लाभ - 01:56 से 03:16
अमृत - 03:16 से 04:35
काल - 04:35 से 05:55
* रात्रि का चौघड़िया
लाभ - 05:55 से 07:35
उद्वेग - 07:35 से 09:16
शुभ - 09:16 से 10:56
अमृत - 10:56 से 12:37
चर - 12:37 से 02:17
रोग - 02:17 से 03:57
काल - 03:57 से 05:38
लाभ - 05:38 से 07:18
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
AajKaDin: 27 दिसम्बर 2025, परिवार की शैक्षिक समृद्धि के लिए... महागौरी पूजा-अर्चना करें!
प्रेषित समय :21:55:08 PM / Fri, Dec 26th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

