खाप पंचायत का फरमान: लड़कियों के हाफ पैंट पहनने और किशोरों को मोबाइल देने पर लगाई रोक; शादियों के कड़े नियम

खाप पंचायत का फरमान: लड़कियों के हाफ पैंट पहनने और किशोरों को मोबाइल देने पर लगाई रोक; शादियों के कड़े नियम

प्रेषित समय :18:05:41 PM / Sun, Dec 28th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बागपत. उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक बार फिर खाप पंचायत अपने फैसलों को लेकर सुर्खियों में है. यहां की एक खाप पंचायत ने पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव और सांस्कृतिक मूल्यों की दुहाई देते हुए किशोरों और युवाओं पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं.

पंचायत ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया है कि अब 18 से 20 साल से कम उम्र के किशोरों को स्मार्टफोन नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही, लड़के और लड़कियों दोनों के लिए हाफ-पैंट (शॉर्ट्स) पहनने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. पंचायत का तर्क है कि यह कदम अवांछित प्रथाओं को रोकने और बच्चों में पारंपरिक संस्कारों को बचाने के लिए उठाया गया है.

पंचायत ने सिर्फ पहनावे और मोबाइल पर ही नहीं, बल्कि शादी-समारोहों को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की है. नए फरमान के मुताबिक, अब शादियों का आयोजन महंगे मैरिज हॉल या बैंक्वेट हॉल में नहीं, बल्कि गांव या घर पर ही किया जाएगा. शादियों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए अतिथियों की संख्या सीमित रखने और निमंत्रण पत्र छपवाने की जगह व्हाट्सएप के जरिए न्योता भेजने का आदेश दिया गया है. खाप का मानना है कि इससे समाज में दिखावे की संस्कृति खत्म होगी और आर्थिक बोझ कम होगा.

खाप सदस्यों ने इस फैसले के पीछे अजीबोगरीब दलीलें भी दी हैं. खाप सदस्य चौधरी ब्रजपाल सिंह ने कहा कि समाज का निर्णय सर्वोपरि है और वे राजस्थान में लिए गए ऐसे ही फैसलों की सराहना करते हैं. उनका कहना है कि बच्चों को मोबाइल की जगह परिवार और बुजुर्गों के साथ समय बिताना चाहिए. वहीं, दगड़ खाप के चौधरी ओमपाल सिंह ने विवादित बयान देते हुए कहा कि लड़कियों को मोबाइल देने से उनमें गलत आदतें विकसित हो सकती हैं और यही नियम लड़कों पर भी लागू होता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि फोन का इस्तेमाल केवल घर की चारदीवारी के भीतर और अभिभावकों की निगरानी में ही होना चाहिए.

इस फैसले को स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों का समर्थन भी मिल रहा है. स्थानीय निवासी नरेश पाल ने इसे समय की मांग बताते हुए कहा कि स्कूलों में पढ़ाई के लिए मोबाइल ठीक है, लेकिन घर पर इसे नियंत्रित करना जरूरी है. पंचायत अब इस फैसले को केवल बागपत तक सीमित न रखकर पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की योजना बना रही है. इसके लिए अन्य खापों के साथ समन्वय स्थापित कर राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई है, ताकि इन नियमों को सख्ती से अमल में लाया जा सके.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-