तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शुमार थलपति विजय ने अपने लाखों प्रशंसकों को भावुक कर देने वाला ऐलान करते हुए अभिनय से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है. 33 साल लंबे फिल्मी करियर के बाद विजय ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने सिनेमा छोड़ने का फैसला अपने फैंस के लिए लिया है. यह ऐतिहासिक घोषणा मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित उनकी आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ के भव्य ऑडियो लॉन्च इवेंट के दौरान की गई, जहां मौजूद हजारों प्रशंसकों की आंखें उस वक्त नम हो गईं जब विजय ने अपने दिल की बात कही.
27 दिसंबर को मलेशिया के बुकित जलील स्टेडियम में आयोजित ‘थलपति तिरुविज्हा’ इवेंट में करीब एक लाख से ज्यादा फैंस जुटे थे. यह आयोजन सिर्फ एक फिल्म का ऑडियो लॉन्च नहीं था, बल्कि थलपति विजय के सिनेमा सफर को विदाई देने वाला ऐतिहासिक पल बन गया. मंच पर खड़े होकर विजय ने अपने संघर्ष, आलोचनाओं और फैंस के अटूट समर्थन को याद किया. उन्होंने कहा कि जब वह सिनेमा में आए थे, तब उनका सपना सिर्फ रेत का एक छोटा सा घर बनाने का था, लेकिन फैंस ने उन्हें महल और किला बना दिया. यही वजह है कि अब वह उन लोगों के लिए सिनेमा छोड़ रहे हैं, जिन्होंने उनके लिए सब कुछ छोड़ दिया.
विजय के इस बयान ने साफ संकेत दे दिया कि वह अब पूरी तरह राजनीति की ओर कदम बढ़ा चुके हैं. तमिलनाडु में ‘कोट्टई’ यानी किला सत्ता और प्रशासन का प्रतीक माना जाता है, और विजय ने इसी प्रतीक का जिक्र करते हुए कहा कि अब वह जनता के लिए खड़े रहेंगे. गौरतलब है कि विजय पहले ही अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ का गठन कर चुके हैं और आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में हैं. सिनेमा से राजनीति तक का यह सफर उनके प्रशंसकों के लिए भावनात्मक होने के साथ-साथ ऐतिहासिक भी माना जा रहा है.
अपने भाषण में विजय ने यह भी स्वीकार किया कि अपने करियर की शुरुआत से ही उन्हें हर तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि कभी उनकी एक्टिंग पर सवाल उठे, कभी उनकी फिल्मों की कहानियों पर, लेकिन इन तमाम उतार-चढ़ाव के बीच फैंस हमेशा उनके साथ खड़े रहे. विजय ने कहा कि यही वजह है कि वह अब अगले 30 से 33 साल तक अपने फैंस और जनता के लिए खड़े रहना चाहते हैं. उनके शब्दों में आत्मविश्वास और कृतज्ञता साफ झलक रही थी.
इस भव्य इवेंट ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए. मलेशियाई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में इसे सबसे ज्यादा दर्शकों की मौजूदगी वाले तमिल फिल्म इवेंट के तौर पर दर्ज किया गया. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और ‘नो पॉलिटिक्स’ नियमों के बीच हुए इस आयोजन में संगीत, भावनाओं और स्टार पावर का अनोखा संगम देखने को मिला. मंच पर अनिरुद्ध रविचंदर ने विजय की फिल्मों के हिट गानों का करीब 45 मिनट का मेलोडी परफॉर्मेंस दिया, जिसे सुनकर पूरा स्टेडियम झूम उठा. टिप्पू, अनुराधा श्रीराम और सैंधवी जैसे मशहूर सिंगर्स ने भी अपनी आवाज़ से माहौल को यादगार बना दिया.
इवेंट में निर्देशक एटली, नेल्सन और लोकेश कनगराज जैसे नामचीन फिल्ममेकर्स भी मौजूद थे, जिन्होंने विजय के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए. सभी ने एक सुर में विजय की मेहनत, अनुशासन और दर्शकों के प्रति उनकी ईमानदारी की तारीफ की. कार्यक्रम के अंत में विजय ने अपनी आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ के गीत ‘थलपति कचेरी’ पर अंतिम बार डांस किया. जैसे ही उन्होंने मंच पर कदम थिरकाए, पूरा स्टेडियम तालियों और नारों से गूंज उठा, मानो दर्शक अपने पसंदीदा हीरो को आखिरी बार पर्दे के रूप में देख रहे हों.
थलपति विजय का फिल्मी सफर बेहद लंबा और प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने महज 10 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार सिनेमा में कदम रखा था और 18 साल की उम्र में मुख्य अभिनेता के रूप में डेब्यू किया. ‘नालैया थीरपू’ से लेकर ‘घिल्ली’, ‘थुप्पाक्की’, ‘मर्सल’, ‘सरकार’ और ‘लियो’ जैसी फिल्मों तक विजय ने हर दौर में खुद को साबित किया. एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और सामाजिक संदेशों से भरपूर फिल्मों के जरिए उन्होंने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाई, बल्कि फैंस के दिलों में भी खास जगह बनाई.
अब विजय की आखिरी फिल्म ‘जना नायकन’ 9 जनवरी 2026 को पोंगल के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. एच. विनोथ के निर्देशन में बनी यह पॉलिटिकल एक्शन फिल्म पहले से ही काफी चर्चा में है. फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, मामिथा बैजू, प्रकाश राज, गौतम वासुदेव मेनन, प्रियामणि और नरेन जैसे कलाकार नजर आएंगे. माना जा रहा है कि यह फिल्म विजय के राजनीतिक सफर की झलक भी दर्शकों को दे सकती है. बॉक्स ऑफिस पर इसकी टक्कर प्रभास की फिल्म ‘द राजा साब’ से होगी, जिससे पोंगल का त्योहार और भी दिलचस्प हो गया है.
विजय के सिनेमा से संन्यास की खबर ने पूरे दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग को भावुक कर दिया है. सोशल मीडिया पर फैंस लगातार पोस्ट शेयर कर अपने चहेते स्टार को धन्यवाद और शुभकामनाएं दे रहे हैं. कई प्रशंसकों का कहना है कि भले ही विजय अब फिल्मों में नजर नहीं आएंगे, लेकिन उनकी फिल्में और किरदार हमेशा जिंदा रहेंगे. वहीं कुछ फैंस उम्मीद जता रहे हैं कि राजनीति में भी विजय उसी तरह जनता के दिलों पर राज करेंगे, जैसे उन्होंने सिनेमा में किया.
थलपति विजय का यह फैसला सिर्फ एक अभिनेता के संन्यास की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस रिश्ते की मिसाल है जो एक स्टार और उसके फैंस के बीच बनता है. मलेशिया के मंच से कही गई उनकी बातें साफ दिखाती हैं कि सच्चा स्टारडम फिल्मों से नहीं, बल्कि दर्शकों के विश्वास और प्यार से बनता है. अब जब विजय सिनेमा को अलविदा कह चुके हैं, तो तमिलनाडु की राजनीति में उनकी अगली भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

