कोल इंडिया के पहले सीईओ बने बी.साईराम, कोल इंडिया लिमिटेड के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव

कोल इंडिया के पहले सीईओ बने बी.साईराम, कोल इंडिया लिमिटेड के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव

प्रेषित समय :18:41:04 PM / Sun, Dec 28th, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अनिल मिश्र/रांची 

 अपने देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के शीर्ष नेतृत्व ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है.  इस बीच कोल इंडिया कंपनी के बोर्ड ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए चेयरमैन (चेयरमैन) पद को समाप्त कर दिया है. वहीं इसके स्थान पर चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) आधारित नेतृत्व मॉडल लागू कर दिया है. कोल इंडिया लिमिटेड के इस निर्णय के साथ बी. साईराम को कंपनी का पहला सीईओ नियुक्त किया गया है.

वह पहले सीएमडी (चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर) नियुक्त किए गए थे, अब उन्हें सीईओ का औपचारिक और अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है. यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. इस संबंध में आवश्यक जानकारी कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंजों को भेज दी है.इस फैसले के बाद अब कंपनी में सीईओ आधारित नेतृत्व व्यवस्था लागू करते हुए बी. साईराम  को कोल इंडिया के पहले सीईओ  बनाया गया है. इसके साथ ही  बोर्ड के निर्देश पर तुरंत प्रभाव से लागू  हो गया है. जानकारी के मुताबिक बदलाव का उद्देश्य कंपनी के अनुसार, यह कदम कॉरपोरेट गवर्नेंस को आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है.

सीईओ अब कंपनी का शीर्ष कार्यकारी प्रमुख होगा, जो रणनीतिक निर्णय,उत्पादन लक्ष्य,संचालन,निवेश,ऊर्जा एवं विकास योजनाओं की सीधी निगरानी करेगा. जबकि इससे एकीकृत नेतृत्व से काफी फायदे  होने की उम्मीद है.इस बीच रेगुलेटरी फाइलिंग में स्पष्ट किया गया है कि अब अलग से चेयरमैन का पद नहीं रहेगा और बोर्ड की अध्यक्षता और कार्यकारी अधिकारों को एकीकृत किया जाएगा.

वहीं इस मामले में विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी,जवाबदेही स्पष्ट होगी,संचालन बेहतर होगा lदेश की ऊर्जा सुरक्षा में कोल इंडिया पहले से ही देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा करती है. ऐसे में सीईओ आधारित मॉडल अपनाने से—संचालन,निवेश नीतियां, ऊर्जा परिवर्तन रणनीति और मजबूत होने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है. वहीं बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम कोल इंडिया को वैश्विक सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने का काम करेगी.