-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* पुत्रदा एकादशी - 30 दिसम्बर 2025, मंगलवार
* पारण का समय - 01:42 पीएम से 03:50 पीएम (31 दिसम्बर 2025)
* पारण के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय - 10:12 एएम
* एकादशी तिथि प्रारम्भ - 30 दिसम्बर 2025 को 07:50 एएम बजे
* एकादशी तिथि समाप्त - 31 दिसम्बर 2025 को 05:00 एएम बजे
पारण, व्रत को पूरा करने को कहा जाता है. एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करते हैं.
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना जरूरी माना जाता है. एकादशी व्रत का पारण हरिवासर की अवधि में भी नहीं होता है.
हरिवासर द्वादशी तिथि की पहली एक चौथाई समयावधि होती है.
व्रत पूर्ण हो जाने के बाद पहले भोजन के लिए सबसे सही समय सवेरे होता है.
मध्याह्नकाल में पारण से बचें लेकिन सवेरे किसी कारण से पारण नहीं हो पाए तो मध्याह्न के बाद पारण करना चाहिए.
कभी-कभी एकादशी व्रत दो दिनों के लिए लगातार हो जाता है तब स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पहली या दूजी एकादशी करनी चाहिए.
श्रीविष्णुभक्त ऐसे अवसर पर दोनों एकादशी करते हैं.
संन्यास और मोक्ष प्राप्ति के इच्छुक श्रीनारायणभक्तों को दूजी एकादशी का व्रत करना चाहिए.
यथासंभव व्रत नियमों का पालन करना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की उलझन होने पर स्थानीय धर्मगुरु के निर्देशानुसार निर्णय करना चाहिए.
जानबूझ कर नियमों के उल्लंघन से ही व्रतभंग होता है इसलिए अनजाने में हुई गलती के लिए मन में आशंकाएं नहीं पालें और व्रत के अंत में पारण के समय जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए अपनी भाषा और भाव में श्रीविष्णुदेव से क्षमा प्रार्थना कर भोजन ग्रहण करें!
दैनिक चौघड़िया - 30 दिसम्बर 2025
* दिन का चौघड़िया
रोग - 07:19 से 08:39
उद्वेग - 08:39 से 09:58
चर - 09:58 से 11:18
लाभ - 11:18 से 12:38
अमृत - 12:38 से 01:58
काल - 01:58 से 03:17
शुभ - 03:17 से 04:37
रोग - 04:37 से 05:57
* रात्रि का चौघड़िया
काल - 05:57 से 07:37
लाभ - 07:37 से 09:17
उद्वेग - 09:17 से 10:58
शुभ - 10:58 से 12:38
अमृत - 12:38 से 02:18
चर - 02:18 से 03:59
रोग - 03:59 से 05:39
काल - 05:39 से 07:19
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!
आज का राशिफल -
मेष राशि:- वैवाहिक जीवन में तकरार हो सकता है. जीवनसाथी का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. अपने साझेदार तथा व्यापारियों के साथ धीरज से काम लें. संभव हो तो निरर्थक चर्चा या विवाद में ना जाएं. कोर्ट-कचहरी के कार्य में सफलता कम मिलेगी.
वृष राशि:- आज के दिन आप स्फूर्ति तथा स्वस्थता का अनुभव करेंगे. घर में भी तथा नौकरी के स्थल में भी वातावरण आनंददायी रहेगा. साथ काम करने वालों का सहयोग मिलेगा. रोगी व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार होगा. मायके से अच्छे समाचार मिलेंगे. कार्य संपन्नता के कारण आपको यश मिलेगा. खर्च अधिक हो सकता है.
मिथुन राशि:- आप का दिन मध्यम फलदायी होगा. संतान की चिंता आपको परेशान कर सकती है. वाद-विवाद या बौद्धिक चर्चा से दूर रहें. नए कार्य का प्रारंभ आज न करें तो बेहतर होगा. किसी प्रियजन के साथ भेंट होगी. प्रवास टालिएगा. नौकरी तथा व्यापार में लाभ होने की संभावना है. सामाजिक क्षेत्र में आपकी ख्याति बढ़ेगी.
कर्क राशि:- संबंधियों के साथ मनमुटाव हो सकता है. आर्थिक हानि की आशंका है. दांपत्य जीवन का सुख और आनंद मिलेगा. आज आपका व्यवहार सामान्य रहेगा. रुचिकर भोजन मिल सकता है. सामाजिक क्षेत्र में यशकीर्ति में वृद्धि होगी.
सिंह राशि:- नए कार्य के प्रारंभ के लिए आज का दिन शुभ है. भाई-बंधुओं से मेल-जोल में वृद्धि होगी तथा परिजनों के साथ प्रवास का आयोजन हो सकता है. भाग्य में वृद्धि होने की संभावना है. आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी. कार्य सफलता का दिन है. सामाजिक दृष्टि से मान-सम्मान मिलेगा.
कन्या राशि:- आज के दिन परिजनों के साथ कलह के प्रसंग न हो, इसका ध्यान रखने की जरूरत हैं. वाणी पर संयम आपको कठिनाई से बाहर निकाल लेगा. आंख में पीड़ा होने की आशंका है. विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक ध्यान देना होगा. आप जो भी कार्य करेंगे उसमें यश प्राप्त होगा. आरोग्य की प्राप्ति होगी. नौकरीपेशा लोगों को लाभ होगा.
तुला राशि:- आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा. शारीरिक तथा मानसिक रूप से आप प्रसन्न रहेंगे. भौतिक तथा आध्यात्मिक दृष्टि से आपको अच्छा अनुभव हो सकता है. परिजनों के साथ प्रवास में सुरुचिपूर्ण भोजन करने का तथा भेंट उपहार मिलने पर आप आनंदित होंगे. आध्यात्मिक विचार आपके मन को छू लेंगे.
वृश्चिक राशि:- लोभ या लालच में फसने से बचे. आर्थिक विषय में बहुत सावधानी रखें. पूंजी-निवेश अथवा सही, मुहर करने से पहले ध्यान रखिएगा. शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. एकाग्रता भी कम रहेगी. धार्मिक कार्यों के पीछे धन का खर्च हो सकता है. परिजनों से मतभेद होने की आशंका है.
धनु राशि: आज आपका मित्रों के साथ लेन-देन करने का दिन है. मित्रों से भेंट उपहार मिलेंगे तथा आपका भी मित्रों के पीछे खर्च होगा. नई मित्रता के कारण भविष्य में भी लाभ हो सकता है. संतान से लाभ होगा. प्रवास का आयोजन हो सकता है. सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी.
मकर राशि:- आज का दिन नौकरी करने वालों के लिए शुभ है. नए कार्य का आयोजन सफलतापूर्वक कर सकेंगे. उच्चाधिकारियों की कृपादृष्टि आप पर रहेगी. प्रमोशन भी हो सकता है. गृहस्थ जीवन में मधुरता आएगी. आपके अधूरे कार्य पूर्ण होंगे. सरकारी लाभ मिलेगा.
कुम्भ राशि:- किसी भी नए कार्य का प्रारंभ करने के लिए दिन अनुकूल नहीं है. शरीर में थकान और आलस्य रहने से कार्य करने में उत्साह नहीं होगा. पेट संबंधित रोगों से परेशानी हो सकती है. नौकरी या व्यापार में भी विपरीत परिस्थितियां रहेंगी, इससे उच्चाधिकारियों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है. खर्च भी अधिक हो सकता है. महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आज कोई निर्णय न लें.
मीन राशि:- आज का दिन आपके लिए सचेत रहने वाला है. पारिवारिक सदस्यों के साथ वाद-विवाद न करें. वाणी पर तथा क्रोध पर संयम रखने से अनिष्ट दूर कर सकेंगे. अधिक खर्च होने की भी आशंका है. निषेधात्मक तथा अनैतिक कार्यों से दूर रहने की जरूरत हैं.
* आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) वाट्सएप नम्बर 7879372913
* यहां राशिफल चन्द्र के गोचर पर आधारित है, व्यक्तिगत जन्म के ग्रह और अन्य ग्रहों के गोचर के कारण शुभाशुभ परिणामों में कमी-वृद्धि संभव है, इसलिए अच्छे समय का सद्उपयोग करें और खराब समय में सतर्क रहें.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

