इंदौर में जहरीले पानी से मौत का कहर, भागीरथपुरा में 7 लोगों की जान गई, सैकड़ों बीमार

इंदौर में जहरीले पानी से मौत का कहर, भागीरथपुरा में 7 लोगों की जान गई, सैकड़ों बीमार

प्रेषित समय :21:47:36 PM / Wed, Dec 31st, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में साल के आख़िरी दिन एक भयावह जल त्रासदी सामने आई है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित और जहरीले पानी के सेवन से अब तक 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए हैं। यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है, बल्कि शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था की गंभीर खामियों को भी उजागर करती है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से इलाके में सप्लाई हो रहे पानी से तेज बदबू और असामान्य रंग आ रहा था। इसके बावजूद लोगों ने मजबूरी में उसी पानी का उपयोग किया। धीरे-धीरे लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर और बुखार जैसे लक्षण सामने आने लगे। हालत बिगड़ने पर कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अनेक मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 3 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय सूत्रों का दावा है कि मृतकों की संख्या 7 तक पहुंच चुकी है। इस विरोधाभास ने हालात को और गंभीर बना दिया है। प्रशासनिक आंकड़ों और जमीनी सच्चाई के बीच अंतर पर सवाल उठने लगे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन हरकत में आया। प्रभावित क्षेत्र में पानी की आपूर्ति तत्काल रोक दी गई है और टैंकरों से वैकल्पिक पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि पानी की पाइपलाइन में सीवेज का रिसाव या किसी रासायनिक तत्व के मिल जाने से पानी जहरीला हुआ।

इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार पानी की शिकायत नगर निगम से की थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो जानलेवा स्थिति पैदा नहीं होती।

अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश मरीजों में फूड पॉयजनिंग और वॉटर-बोर्न डिजीज के लक्षण हैं। बच्चों और बुजुर्गों की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। मेडिकल टीमों को इलाके में तैनात किया गया है और घर-घर जाकर स्वास्थ्य सर्वे किया जा रहा है।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान के लिए आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। यदि पाइपलाइन, टंकी या जलशोधन संयंत्र में लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, सप्लाई के पानी का उपयोग न करें और केवल सुरक्षित या उबला हुआ पानी ही पिएं।

यह घटना इंदौर जैसे स्मार्ट सिटी के दावों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। साल के आख़िरी दिन सामने आई यह त्रासदी प्रशासन के लिए चेतावनी है कि बुनियादी सुविधाओं में जरा-सी चूक भी आम लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। फिलहाल पूरा भागीरथपुरा इलाका दहशत और गुस्से के माहौल में है, जबकि लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं — आख़िर जिम्मेदार कौन?

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-