कंपकंपाती ठंड और घने कोहरे में नए साल के स्वागत की तैयारी, जबलपुर की सर्द सुबहें सोशल मीडिया पर ट्रेंड

कंपकंपाती ठंड और घने कोहरे में नए साल के स्वागत की तैयारी, जबलपुर की सर्द सुबहें सोशल मीडिया पर ट्रेंड

प्रेषित समय :19:48:52 PM / Wed, Dec 31st, 2025
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. नए साल की दहलीज पर खड़ा संस्कारधानी जबलपुर इस समय कुदरत के कड़े तेवरों का सामना कर रहा है. बीते कई दिनों से लगातार गिरते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात शहर का न्यूनतम तापमान करीब 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि खुले इलाकों और नर्मदा घाटी क्षेत्र में इससे भी कम तापमान महसूस किया गया. ताजा अपडेट के अनुसार आज सुबह पारा और लुढ़ककर 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जिससे ठंड का असर और तीखा हो गया है. हालात ऐसे हैं कि सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो रही है और सड़क, रेल तथा सामान्य जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है.

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक फैले मौसमी बदलावों के पीछे इस समय ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय “जेट स्ट्रीम” और उत्तर-पश्चिम से आ रहे शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त प्रभाव प्रमुख कारण है. जेट स्ट्रीम तेज़ गति से ठंडी हवाओं को मध्य भारत की ओर खींच रही है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ वातावरण में नमी बढ़ा रहा है. इसी मेल ने जबलपुर और महाकोशल अंचल में घने कोहरे और शीतलहर की स्थिति बना दी है. जबलपुर, कटनी, सिहोरा, पाटन और मंडला से सटे इलाकों में सुबह-सुबह कोहरे की मोटी चादर छाई रहती है और सूरज देर से निकलता है. कई इलाकों में दृश्यता घटकर 50 मीटर तक पहुंच गई, जिससे वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी जबलपुर की सर्द सुबहें ट्रेंड कर रही हैं. शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग अलाव जलाते हुए, धुंध में लिपटी गलियों और सड़कों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर रहे हैं. इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ‘विंटर वाइब्स’, ‘कोहरे भरा जबलपुर’ और ‘नर्मदा किनारे शीतलहर’ जैसे हैशटैग के साथ रील्स और पोस्ट वायरल हो रही हैं. भेड़ाघाट, ग्वारीघाट और मदन महल क्षेत्र से कोहरे में डूबी सुबह की तस्वीरें खास तौर पर लोगों का ध्यान खींच रही हैं.

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है. दोपहर के समय अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है, जो सामान्य से 4 से 5 डिग्री कम है. ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं दिनभर चलती रहने से धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन बनी रहती है. शाम होते ही तापमान तेजी से गिर जाता है और सर्दी का असर और बढ़ जाता है.

आवागमन पर भी मौसम का असर साफ दिख रहा है. सुबह के समय कोहरे के कारण हाईवे और शहर के बाहरी मार्गों पर वाहनों की गति धीमी हो जाती है. कई जगहों पर फॉग लाइट के बिना वाहन चलाना जोखिम भरा साबित हो रहा है. रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है और कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कुछ उड़ानों के भी देरी से पहुंचने की जानकारी सामने आई है. ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने, फॉग लाइट का उपयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है.

खेती-किसानी के लिहाज से भी यह मौसम अहम माना जा रहा है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए यह ठंड फायदेमंद है, लेकिन अगर कोहरा लंबे समय तक बना रहा और धूप नहीं निकली तो पाले का खतरा बढ़ सकता है, जिससे दलहनी और सब्जी फसलों को नुकसान होने की आशंका है. ग्रामीण इलाकों में किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए खेतों की मेड़ों पर धुआं करते नजर आ रहे हैं.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटों में जबलपुर और आसपास के जिलों में शीतलहर का असर और तेज हो सकता है. न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना जताई गई है. सुबह के समय घना से मध्यम कोहरा छाया रहेगा, जबकि दिन में आंशिक धूप निकल सकती है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद 3 जनवरी के बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल ठंड से तुरंत राहत के आसार नहीं हैं.

नए साल का स्वागत जबलपुर में कंपकंपाती ठंड और कोहरे के बीच हो रहा है. अलाव की आंच, गरम चाय और ऊनी कपड़ों के सहारे लोग इस सर्दी से मुकाबला कर रहे हैं. मौसम विभाग और प्रशासन की नजर हालात पर लगातार बनी हुई है और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है. फिलहाल पूरा शहर कोहरे की सफेद चादर में ढका हुआ है और बर्फीली हवाओं ने नए साल के जश्न की तैयारियों के बीच लोगों को घरों में ही रहने पर मजबूर कर दिया है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-