मुंबई। बिग बॉस ओटीटी सीजन 3 की विजेता रहीं अभिनेत्री सना मकबूल लंबे समय से स्क्रीन से दूर नजर आ रही हैं, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर लगातार तरह-तरह की चर्चाएं और टिप्पणियां हो रही थीं। कुछ लोग यह कहने लगे कि शो जीतने के बाद भी उन्हें काम नहीं मिल रहा, तो कुछ ने उनकी चुप्पी को करियर की गिरावट से जोड़ दिया। अब सना मकबूल ने इन तमाम अटकलों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है और अपनी गैरमौजूदगी के पीछे की असली वजह सामने रखी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनका स्क्रीन से दूर रहना काम की कमी नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का नतीजा था, जिससे उबरना उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया था।
फ्री प्रेस जर्नल से एक्सक्लूसिव बातचीत में सना मकबूल ने बताया कि बिग बॉस ओटीटी 3 से बाहर आने के बाद वह लगातार काम कर रही थीं। शो जीतने के बाद उनके पास प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं थी और वह लगातार एक के बाद एक काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि वह गायब हो गई हैं या उन्हें काम नहीं मिल रहा, लेकिन यह धारणा पूरी तरह गलत है। सना के मुताबिक, वह उस वक्त पूरी तरह अपने पैरों पर खड़ी थीं और उनका फोकस सिर्फ और सिर्फ काम करने पर था।
सना मकबूल ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि शो के बाद उनका एक ही लक्ष्य था—ज्यादा से ज्यादा काम करना और पैसे जोड़ना। वह अपने लिए एक घर खरीदना चाहती थीं और इसी वजह से उन्होंने बिना रुके लगातार काम किया। इस दौड़ में उन्होंने अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना लगभग छोड़ दिया। काम की व्यस्तता, तनाव और शरीर को लगातार नजरअंदाज करने का असर धीरे-धीरे उनकी सेहत पर पड़ने लगा, लेकिन शुरुआत में उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
दिसंबर के महीने में सना की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी होने की जानकारी दी। यह बीमारी ऐसी स्थिति होती है, जिसमें लिवर की स्वस्थ कोशिकाएं धीरे-धीरे खराब होकर स्कार टिश्यू में बदल जाती हैं। सना के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में वह इस सच्चाई को स्वीकार ही नहीं कर पा रही थीं। उन्हें लग रहा था कि अगर यह बात बाहर आई तो लोग उन्हें गलत नजर से देखने लगेंगे और उनके हाथ से काम भी निकल सकता है।
सना ने खुलासा किया कि उन्होंने अपनी बीमारी को लंबे समय तक निजी ही रखा, क्योंकि इंडस्ट्री में बीमारी को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं होती हैं। उन्हें डर था कि अगर लोग जान गए कि वह बीमार हैं, तो निर्माता और निर्देशक उनके साथ काम करने से हिचकिचाएंगे। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग सोचते हैं कि बीमार कलाकार भरोसेमंद नहीं होते या बार-बार छुट्टी लेंगे, इसलिए उन्हें काम देने से बचते हैं। यही वजह थी कि उन्होंने चुप रहकर इलाज कराने का फैसला किया।
बीमारी के चलते सना मकबूल को लगातार 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। डॉक्टरों ने उनके परिवार और टीम को यहां तक चेतावनी दी थी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो उन्हें लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत भी पड़ सकती है। यह समय सना और उनके परिवार के लिए बेहद मुश्किल था। हालांकि, सही इलाज, आराम और जीवनशैली में बदलाव की वजह से धीरे-धीरे उनकी हालत में सुधार होने लगा। सना ने बताया कि दिसंबर से मार्च तक का समय उन्होंने पूरी तरह अपने इलाज और रिकवरी को दिया।
इस दौरान सना ने अपने जीवन में कई बड़े बदलाव किए। उन्होंने माना कि पहले वह अपनी सेहत को हल्के में लेती थीं और काम को ही सब कुछ मान बैठी थीं, लेकिन बीमारी ने उन्हें रुककर सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में वह अपनी हालत को स्वीकार नहीं कर पा रही थीं, लेकिन वक्त के साथ उन्होंने इसे समझा और खुद को मानसिक रूप से भी मजबूत किया। उनके लिए यह सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और मानसिक लड़ाई भी थी।
अब जब सना धीरे-धीरे काम पर लौट रही हैं, तो उन्होंने अपनी रफ्तार को लेकर भी साफ नजरिया अपनाया है। उन्होंने कहा कि लोग आज भी कमेंट करते हैं कि उन्हें काम नहीं मिल रहा या वह पीछे रह गई हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उन्हें काम मिल रहा है, बस वह अब पहले जैसी रफ्तार से नहीं दौड़ना चाहतीं। सना ने खुद को “खरगोश” नहीं, बल्कि “कछुआ” बताया, जो धीरे-धीरे लेकिन स्थिरता के साथ आगे बढ़ता है।
सना मकबूल का कहना है कि अब वह एक साथ 10 प्रोजेक्ट्स संभालने की कोशिश नहीं करेंगी। उन्होंने सीख लिया है कि काम से ज्यादा जरूरी खुद का ख्याल रखना है। उनका मानना है कि अगर इंसान स्वस्थ नहीं है, तो सफलता और पैसा किसी काम का नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगी में संतुलन बहुत जरूरी है और वह अब उसी संतुलन के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं।
बिग बॉस ओटीटी 3 जीतने के बाद सना मकबूल से उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं और उन्होंने भी खुद पर बहुत दबाव डाल लिया था। लेकिन यह कठिन दौर उनके लिए एक सबक बनकर आया। आज वह न सिर्फ पहले से ज्यादा समझदार हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी ज्यादा मजबूत महसूस करती हैं। सना का कहना है कि यह अनुभव भले ही दर्दनाक रहा हो, लेकिन इसने उन्हें खुद से प्यार करना सिखाया है।
सना मकबूल की यह कहानी उन तमाम कलाकारों और युवाओं के लिए एक संदेश है, जो सफलता की दौड़ में अपनी सेहत को पीछे छोड़ देते हैं। उनका साफ कहना है कि काम मिलता है, नाम भी मिलता है, लेकिन अगर शरीर साथ न दे, तो सब अधूरा रह जाता है। अब सना नए जोश के साथ, लेकिन पहले से कहीं ज्यादा सावधानी और आत्म-विश्वास के साथ अपने करियर की अगली पारी खेलने के लिए तैयार हैं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

