AajKaDin: 6 जनवरी 2026, संकष्टी चतुर्थी, सर्वकष्ट नष्ट करे अष्टविनायक यात्रा!

AajKaDin: 6 जनवरी 2026, संकष्टी चतुर्थी, सर्वकष्ट नष्ट करे अष्टविनायक यात्रा!

प्रेषित समय :22:45:11 PM / Mon, Jan 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 8875863494)
* लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी - 6 जनवरी 2026, मंगलवार
* संकष्टी के दिन चन्द्रोदय - 09:14 पीएम
* चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 6 जनवरी 2026 को 08:01 एएम बजे
* चतुर्थी तिथि समाप्त - 7 जनवरी 2026 को 06:52 एएम बजे

* भगवान श्रीगणेश का आशीर्वाद, कष्ट को नष्ट करता है और इसीलिए सर्वकष्ट नष्ट करने के लिए अष्टविनायक यात्रा की जाती है.
* इन स्वनिर्मित अष्टविनायक का धार्मिक विशेष महत्व है श्रीगणेशभक्त जीवन में जब भी अवसर मिलता है अष्टविनायक यात्रा अवश्य करते हैं.
* महाराष्ट्र के इन आठ पवित्र मंदिरों की एक हजार किमी यात्रा पूरा करने के बाद ही भगवान श्रीगणेश के आठ दिव्य स्वरूपों के दर्शन होते हैं जिसे पूरा करने में करीब तीन दिन का समय लगता है.
* अष्टविनायक यात्रा मोरगांव से शुरू होती है और वहीं आकर संपूर्ण होती है.
* अष्टविनायक यात्रा के दौरान बीच में घर नहीं जाते हैं तथा पवित्र मूर्तियों के प्राकट्य के क्रम के सापेक्ष ही अष्टविनायक की यात्रा होती है.
* इस यात्रा के अष्टविनायक मंदिर है- श्री मयूरेश्वर मंदिर, मोरगांव, सिद्धिविनायक मंदिर, सिद्धटेक, श्री बल्लालेश्वर मंदिर, पाली, श्री वरदविनायक, महाड, चिंतामणि, थेऊर, श्री गिरजात्मज, लेन्यादरी, विघ्नेश्वर गणपति मंदिर, ओजर और महागणपति मंदिर, रांजणगाव.
* जो श्रद्धालु संकष्टी चतुर्थी का व्रत करते हैं उन्हें अवसर मिलने पर अष्टविनायक यात्रा करनी चाहिए!
दैनिक चौघड़िया - 6 जनवरी 2026
* दिन का चौघड़िया
रोग - 07:21 से 08:41
उद्वेग - 08:41 से 10:01
चर - 10:01 से 11:21
लाभ - 11:21 से 12:41
अमृत - 12:41 से 02:01
काल - 02:01 से 03:21
शुभ - 03:21 से 04:41
रोग - 04:41 से 06:02
* रात्रि का चौघड़िया
काल - 06:02 से 07:41
लाभ - 07:41 से 09:21
उद्वेग - 09:21 से 11:01
शुभ - 11:01 से 12:41
अमृत - 12:41 से 02:21
चर - 02:21 से 04:01
रोग - 04:01 से 05:41
काल - 05:41 से 07:21
* चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
* दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
* अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
* यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
* अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-