न्यूयॉर्क/कराकास। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच अभूतपूर्व तनाव के बीच अपदस्थ वेनेजुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क की एक अदालत में सुनवाई से पहले हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंचाया गया। समाचार एजेंसियों के अनुसार, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उन्हें सोमवार को मैनहैटन स्थित कोर्ट परिसर लाया गया। इस घटनाक्रम ने लैटिन अमेरिका से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
बताया गया है कि अदालत में प्रारंभिक पेशी के दौरान मादुरो को आरोपों की जानकारी दी जाएगी और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। इसके बाद न्यायाधीश उनके लिए कानूनी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेंगे और जमानत पर विचार किया जा सकता है, हालांकि संकेत हैं कि जमानत मिलना मुश्किल है। अदालत आगे की कार्यवाही का कार्यक्रम और संभावित ट्रायल की तारीख भी तय कर सकती है।
इस बीच अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह वेनेजुएला के साथ औपचारिक युद्ध की स्थिति में नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि “अमेरिका वेनेजुएला से युद्ध में नहीं है,” हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद हालात बेहद संवेदनशील हैं। दूसरी ओर, वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमिर पाद्रिनो ने वॉशिंगटन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी कार्रवाई में मादुरो की सुरक्षा टीम के सदस्य और निर्दोष नागरिक मारे गए, जिसे कराकास ने “सैन्य आक्रमण” करार दिया है।
वेनेजुएला के भीतर सत्ता संचालन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होती नजर नहीं आ रही है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संतुलित और सम्मानजनक संबंधों की अपील की है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला शांति चाहता है और संवाद के रास्ते खुले रहने चाहिए। हालांकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान कि अमेरिका अब “देश चलाएगा,” के बावजूद जमीनी स्तर पर सत्ता अब भी मादुरो समर्थक संस्थानों के हाथ में दिख रही है। सेना ने सार्वजनिक रूप से डेल्सी रोड्रिगेज के समर्थन की पुष्टि की है, जिससे राज्य संस्थानों में निरंतरता का संकेत मिलता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने वेनेजुएला में संभावित अस्थिरता और इसके क्षेत्रीय प्रभावों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से देशों के बीच संबंधों के संचालन को लेकर एक खतरनाक मिसाल कायम हो सकती है। वहीं रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए इसे “नव-औपनिवेशिकता” की ओर कदम बताया है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेन्ज़िया ने मादुरो की रिहाई की मांग की और चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर कर सकती हैं।
तनाव का दायरा क्षेत्रीय राजनीति तक फैलता दिख रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर कोकीन उत्पादन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और उनके नेतृत्व पर तीखे तंज कसे। जब उनसे कोलंबिया में अमेरिकी ऑपरेशन की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह मुझे अच्छा लगता है,” जिससे क्षेत्र में नई आशंकाएं जन्म ले रही हैं। कोलंबिया के राष्ट्रपति पेट्रो ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई को लैटिन अमेरिकी संप्रभुता पर हमला बताया और दावा किया कि उनकी सरकार रिकॉर्ड मात्रा में मादक पदार्थ जब्त कर रही है।
कुल मिलाकर, मादुरो की न्यूयॉर्क कोर्ट में पेशी न केवल कानूनी बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत अहम मानी जा रही है। यह मामला अमेरिका–वेनेजुएला संबंधों की दिशा तय कर सकता है और इसका असर पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। दुनिया की नजरें अब अदालत की कार्यवाही और उससे निकलने वाले संकेतों पर टिकी हैं।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

