जबलपुर. माघ मेला 2026 को लेकर भारतीय रेलवे ने तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए एक अहम और दूरदर्शी पहल करते हुए ‘मेल रेल सर्विस पोर्टल’ को लॉन्च कर दिया है. इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए माघ मेले में आने-जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए रेल यात्रा और टिकट प्रबंधन को पहले से कहीं अधिक आसान, सुगम और व्यवस्थित बनाने की तैयारी की गई है. रेलवे के इस कदम को मेला प्रबंधन और यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में एक तकनीकी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि हर वर्ष माघ मेले के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़, टिकटों की किल्लत और जानकारी के अभाव जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं.
माघ मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु संगम तट की ओर रुख करते हैं. ऐसे में रेलवे पर यात्रियों के आवागमन का सबसे अधिक दबाव रहता है. इस दबाव को बेहतर ढंग से संभालने और तीर्थयात्रियों को परेशानी से बचाने के उद्देश्य से ‘मेल रेल सर्विस पोर्टल’ को तैयार किया गया है. यह पोर्टल यात्रियों को एक ही मंच पर ट्रेन सेवाओं से जुड़ी तमाम जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराएगा, जिससे उन्हें अलग-अलग स्रोतों पर भटकना नहीं पड़ेगा.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह पोर्टल माघ मेले के दौरान चलने वाली विशेष ट्रेनों, उनके समय, रूट, ठहराव, सीट उपलब्धता और टिकट बुकिंग से जुड़ी सूचनाओं को रियल-टाइम आधार पर उपलब्ध कराएगा. इसके अलावा यात्रियों को स्टेशन सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन, हेल्पडेस्क, मेडिकल सहायता और आपातकालीन संपर्क जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी इसी प्लेटफॉर्म पर मिल सकेंगी. इससे न केवल यात्रियों की यात्रा सुगम होगी, बल्कि रेलवे प्रशासन के लिए भी भीड़ और यातायात नियंत्रण आसान हो जाएगा.
पिछले वर्षों में माघ मेले के दौरान यह देखा गया था कि अंतिम समय में जानकारी के अभाव के कारण यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता था. कई बार विशेष ट्रेनों की घोषणा के बावजूद लोगों तक सही सूचना समय पर नहीं पहुंच पाती थी. ‘मेल रेल सर्विस पोर्टल’ के माध्यम से रेलवे इस समस्या को जड़ से खत्म करने की कोशिश कर रहा है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक क्लिक में उपलब्ध जानकारी से यात्रियों को पहले से योजना बनाने में मदद मिलेगी और स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति कम होगी.
इस पोर्टल को विशेष रूप से तीर्थयात्रियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि तकनीक से ज्यादा परिचित न होने वाले लोग भी इसे आसानी से उपयोग कर सकें. सरल भाषा, स्पष्ट निर्देश और यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि मोबाइल या कंप्यूटर का सीमित ज्ञान रखने वाला यात्री भी इस सेवा का लाभ उठा सके. रेलवे का मानना है कि डिजिटल सशक्तिकरण के इस प्रयास से माघ मेले के दौरान रेल यात्रा का अनुभव पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा.
रेलवे प्रशासन का यह भी कहना है कि इस पोर्टल से विशेष ट्रेनों के संचालन में पारदर्शिता आएगी. यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि कौन-सी ट्रेन कब और किस प्लेटफॉर्म से रवाना होगी. इससे अफवाहों पर लगाम लगेगी और अनावश्यक भीड़ जुटने से रोका जा सकेगा. साथ ही, टिकट प्रबंधन को बेहतर बनाने से कालाबाजारी और अवैध टिकट बिक्री जैसी शिकायतों पर भी अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है.
माघ मेला 2026 के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा दक्षिण, पश्चिम और पूर्वी भारत से भी प्रयागराज क्षेत्र की ओर यात्रा करते हैं. ऐसे में रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती विभिन्न दिशाओं से आने वाली ट्रेनों का समन्वय और समयबद्ध संचालन होता है. ‘मेल रेल सर्विस पोर्टल’ के जरिए इस समन्वय को डिजिटल रूप से मजबूत करने का प्रयास किया गया है, जिससे यात्री और प्रशासन दोनों के लिए योजना बनाना आसान हो सके.
पर्यटन और यात्रा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे की यह पहल न केवल माघ मेले तक सीमित रहेगी, बल्कि भविष्य में अन्य बड़े धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए भी एक मॉडल के रूप में अपनाई जा सकती है. कुंभ, अर्धकुंभ और अन्य बड़े मेलों में भी इसी तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म से यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है. इससे रेलवे की छवि एक आधुनिक और तकनीक-समर्थ संस्थान के रूप में और मजबूत होगी.
रेलवे के इस कदम का स्वागत करते हुए यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि पोर्टल का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर भी उतना ही प्रभावी होगा, जितना इसकी परिकल्पना में दिखाया जा रहा है. उनका कहना है कि यदि पोर्टल पर दी जाने वाली जानकारी समय पर अपडेट होती रही और हेल्पलाइन जैसी सेवाएं सक्रिय रहीं, तो यह माघ मेले के दौरान यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा.
कुल मिलाकर ‘मेल रेल सर्विस पोर्टल’ का लॉन्च भारतीय रेलवे के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. माघ मेला 2026 जैसे विशाल आयोजन में तकनीक के इस उपयोग से न केवल यात्रा व्यवस्था सुचारू होगी, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, व्यवस्थित और तनाव-मुक्त रेल यात्रा का अनुभव भी मिल सकेगा. यह पहल दर्शाती है कि भारतीय रेलवे अब केवल ट्रेनों के संचालन तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि यात्रियों की सुविधा और अनुभव को केंद्र में रखकर आधुनिक समाधान अपनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है.