85 दिनों बाद खदान से बाहर निकाला युवक का शव, ट्रिपर सहित खदान में डूबे थे अनिल, शव पाने पत्नी ने जबलपुर हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका

85 दिनों बाद खदान से बाहर निकाला युवक का शव, ट्रिपर सहित खदान में डूबे थे अनिल, शव पाने पत्नी ने जबलपुर हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका

प्रेषित समय :15:20:04 PM / Thu, Jan 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में धनपुरी स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) धनपुरी में कार्यरत अनिल कुशवाहा बंद पड़ी खदान में काम करते समय 11 अक्टूबर 2025 को ट्रिपर सहित पानी से भरी खदान में डूबे गए थे. लगातार उनकी सर्चिंग की गई और आखिरकार 85 दिनों के बाद कर्मचारी अनिल कुशवाहा का शव (कंकाल) निकाला गया. इस दौरान मृतक के परिजन और  SECL   के अधिकारीए कर्मचारी भी मौजूद रहे.

अनिल की पत्नी आरती कुशवाहा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए अंतिम संस्कार के लिए पति के शव की मांग की थी. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर बंद पड़ी खदान में भरा करीब 40 फीट गहरे पानी को मशीनों की मदद से निकाला गया. आज खदान में ट्रिपर दिखा, जिसके अंदर अनिल कुशवाहा का शव मिला. आज उनके गृह ग्राम मऊगंज में अंतिम संस्कार होगा.

ट्रिपर सहित डूबा था कर्मचारी-

एसईसीएल के सोहागपुर एरिया में मऊगंज निवासी अनिल कुशवाहा आरकेटीसी प्राइवेट कंपनी में ठेके पर ट्रिपर चालक का काम करते थे. 11 अक्टूबर 2025 को भारी बारिश के बाद भी उन्हें 15 साल से बंद पड़ी खदान में काम पर भेजा गया, जहां मिट्टी धंसने से वे ट्रिपर सहित गहरे पानी में समा गए.

सेना ने चलाया सर्च ऑपरेशन-

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की मदद से शव और ट्रिपर को तलाश करने की कोशिश की. लेकिन पर पानी अधिक होने के कारण रेस्क्यू नहीं हुआ. प्रशासन ने वाराणसी से NDRF व जबलपुर से सेना की मदद ली. एनडीआरएफ के 94 जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाया, ट्रिपर 84 फीट की गहराई में दिखाई तो दिया पर पानी अधिक होने के कारण उसे निकाला नहीं जा सका. अत्यधिक गहराई और जोखिम की वजह से रेस्क्यू आगे नहीं किया जा सका.

पति का अंतिम संस्कार करना है-

अनिल कुशवाहा की पत्नी आरती कुशवाहा ने कोर्ट से कहा कि कंपनी ने आश्वासन दिया था कि 60 दिनों के भीतर शव मिल जाएगा पर आज तक कुछ नहीं हुआ. दिसंबर 2025 के दूसरे सप्ताह में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई तो आरती ने कोर्ट से कहा कि हिंदू रीति-रिवाज से पति का अंतिम संस्कार करना है, कम से कम अवशेष मिल जाएं, उसी का संस्कार कर दिया जाएगा. जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट ने डीजीएमएस (खनन सुरक्षा महानिदेशालय) शहडोल कलेक्टर, आरकेटीसी कंपनी और धनपुरी थाने को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा, साथ ही निर्देश दिए कि खदान का पानी खाली कर शव को निकाला जाए.
 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-