नई दिल्ली. भारतीय रेलवे के इतिहास में आज 9 जनवरी 2026 का दिन पश्चिम मध्य रेलवे और विशेष रूप से संस्कारधानी जबलपुर के लिए स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है क्योंकि देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में जबलपुर मुख्यालय वाले पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) को उसकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली और नवाचारों के लिए सर्वश्रेष्ठ जोनों की श्रेणी में सम्मानित किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुए इस भव्य आयोजन में भारतीय रेलवे के कुल 17 जोनों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद पश्चिम मध्य रेलवे ने अपनी परिचालन दक्षता और यात्री सुविधाओं के दम पर 26 प्रतिष्ठित दक्षता शील्ड्स में से महत्वपूर्ण खिताब अपने नाम किए। यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि पश्चिम मध्य रेलवे ने दक्षिण मध्य रेलवे के साथ संयुक्त रूप से कई श्रेणियों में बाजी मारते हुए यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक और सुरक्षा के मामले में जबलपुर जोन आज देश का नेतृत्व कर रहा है।
जबलपुर जोन की ओर से पुरस्कार ग्रहण करने वाली प्रमुख टीम:
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श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय (महाप्रबंधक, पमरे): इन्होंने रेल मंत्री के हाथों 'ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड' और 'परिचालन दक्षता शील्ड' प्राप्त की। उनकी अगुवाई में पश्चिम मध्य रेलवे ने देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
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श्री अमितौरभ (मुख्य प्रशासनिक अधिकारी - निर्माण): इन्हें अधोसंरचना विकास और नई रेल लाइनों के बिछाने में रिकॉर्ड गति से कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।
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श्री विवेक शील (प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक): जबलपुर जोन में ट्रेनों की औसत गति में सुधार और 549 ट्रेनों के सफल री-शिड्यूलिंग प्रोजेक्ट का नेतृत्व करने के लिए इन्हें विशेष प्रशंसा मिली।
यह खबर केवल एक पुरस्कार की घोषणा नहीं है बल्कि उन हजारों रेल कर्मचारियों के पसीने और समर्पण की कहानी है जिन्होंने शून्य दुर्घटना और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण जैसे लक्ष्यों को समय से पहले हासिल किया है। नई दिल्ली के इस मंच से जब जबलपुर जोन का नाम गूंजा तो वहां मौजूद रेल दिग्गजों ने भी माना कि मध्य भारत का यह रेलवे जोन अब भारतीय रेल का नया पावर हाउस बनकर उभरा है।
इस गौरवशाली उपलब्धि के पीछे पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा पिछले एक वर्ष में किए गए वे क्रांतिकारी बदलाव हैं जिन्होंने यात्री अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। जबलपुर जोन ने न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए 'कवच' तकनीक का सफलतापूर्वक विस्तार किया बल्कि अधोसंरचना विकास और स्टेशनों के पुनर्विकास में भी देश के अन्य जोनों को पीछे छोड़ दिया। रेल मंत्री ने पुरस्कार प्रदान करते हुए विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि पश्चिम मध्य रेलवे ने माल ढुलाई और राजस्व संग्रह के मामले में अपने निर्धारित लक्ष्यों से कहीं अधिक प्रदर्शन किया है। इस समारोह में जहाँ 100 उत्कृष्ट रेल कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से 'अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार' से नवाजा गया वहीं जबलपुर जोन के कई कर्मठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए रजत पदक और प्रशस्ति पत्र प्राप्त किए। यह क्षण जबलपुर के लिए गर्व का विषय है क्योंकि एक छोटे जोन के रूप में पहचान रखने वाले पश्चिम मध्य रेलवे ने आज देश के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्कों को पीछे छोड़ते हुए ओवरऑल परफॉर्मेंस में अपनी बादशाहत कायम की है।
अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कारों की इस चयन प्रक्रिया में सुरक्षा, सतर्कता, तकनीकी नवाचार और यात्री शिकायतों के त्वरित निवारण को मुख्य आधार बनाया गया था। पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने टीम भावना के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया कि जबलपुर, भोपाल और कोटा रेल मंडलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो और जिसका परिणाम आज नई दिल्ली के इस प्रतिष्ठित समारोह में शील्ड के रूप में दिखाई दिया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के बाद अब जबलपुर जोन को रेलवे बोर्ड द्वारा अतिरिक्त फंड और नई परियोजनाओं की सौगात मिलने की संभावनाएं भी प्रबल हो गई हैं। आज का यह सम्मान उन ट्रैक मैन, लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और तकनीकी स्टाफ को समर्पित है जो दिन-रात पटरियों पर मुस्तैद रहकर करोड़ों यात्रियों का सफर सुरक्षित बनाते हैं। इस खबर के जबलपुर पहुंचते ही रेलवे स्टेशन से लेकर मुख्यालय तक जश्न का माहौल है क्योंकि 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कारों की यह गूँज आने वाले लंबे समय तक पश्चिम मध्य रेलवे के कर्मचारियों को और अधिक बेहतर करने के लिए प्रेरित करती रहेगी। यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं बल्कि भारतीय रेल के आधुनिकीकरण में जबलपुर के बढ़ते कद का जीवंत प्रमाण है जिसने आज पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (AVRSP) 2025 में पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) का प्रतिनिधित्व करने वाले और सम्मान प्राप्त करने वाले प्रमुख अधिकारियों एवं रेल कर्मियों की सूची नीचे दी गई है:
जबलपुर जोन की ओर से पुरस्कार ग्रहण करने वाली प्रमुख टीम
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श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय (महाप्रबंधक, पमरे): इन्होंने रेल मंत्री के हाथों 'ओवरऑल एफिशिएंसी शील्ड' और 'परिचालन दक्षता शील्ड' प्राप्त की। उनकी अगुवाई में पश्चिम मध्य रेलवे ने देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
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श्री अमितौरभ (मुख्य प्रशासनिक अधिकारी - निर्माण): इन्हें अधोसंरचना विकास और नई रेल लाइनों के बिछाने में रिकॉर्ड गति से कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।
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श्री विवेक शील (प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक): जबलपुर जोन में ट्रेनों की औसत गति में सुधार और 549 ट्रेनों के सफल री-शिड्यूलिंग प्रोजेक्ट का नेतृत्व करने के लिए इन्हें विशेष प्रशंसा मिली।
व्यक्तिगत पुरस्कार विजेता (जबलपुर जोन के सितारे)
जबलपुर, भोपाल और कोटा रेल मंडल के जिन जांबाज रेल कर्मियों को व्यक्तिगत पदक मिले, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
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श्री राजेंद्र कुमार (सीनियर सेक्शन इंजीनियर, जबलपुर): तकनीकी नवाचार और कोचों के रखरखाव में नई तकनीक विकसित करने के लिए।
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सुश्री आरती सिंह (लोको पायलट, भोपाल मंडल): उत्कृष्ट परिचालन कौशल और आपातकालीन स्थिति में सूझबूझ दिखाकर दुर्घटना टालने के लिए।
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श्री पी.के. शर्मा (स्टेशन मास्टर, कोटा मंडल): परिचालन सुरक्षा और स्टेशन प्रबंधन में शत-प्रतिशत रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए।
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श्री राजेश मीणा (ट्रैक मेंटेनर): कठिन मौसम में भी पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समय रहते दरारों (Fractures) की पहचान करने के लिए।
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श्री आनंद दुबे (तकनीकी विशेषज्ञ, सिगनलिंग विभाग): जबलपुर रेल मंडल में 'कवच' (Kavach) सिस्टम को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए।
सम्मान के मुख्य बिंदु
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रजत पदक और प्रशस्ति पत्र: इन सभी विजेताओं को रेल मंत्री द्वारा सिल्वर मेडल और प्रशस्ति पत्र के साथ ₹50,000 की नगद राशि प्रदान की गई।
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गौरव का क्षण: जबलपुर मुख्यालय के लिए यह पहली बार है जब एक साथ इतने श्रेणियों में (सुरक्षा, परिचालन और तकनीकी) राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) द्वारा जीती गई प्रमुख शील्ड्स
भारतीय रेलवे के 70वें वार्षिक पुरस्कार समारोह में पश्चिम मध्य रेलवे ने कुल 26 में से 5 प्रमुख श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी बादशाहत साबित की है:
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1. व्यापक दक्षता शील्ड (Overall Efficiency Shield): यह सबसे प्रतिष्ठित शील्ड है जो उस जोन को दी जाती है जिसने सुरक्षा, राजस्व, समयपालन और तकनीक जैसे सभी मानकों पर देश में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त किए हों। जबलपुर जोन ने दक्षिण मध्य रेलवे के साथ संयुक्त रूप से इसे जीता।
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2. परिचालन दक्षता शील्ड (Operating Efficiency Shield): जबलपुर जोन को यह पुरस्कार ट्रेनों की औसत गति (Average Speed) में उल्लेखनीय वृद्धि करने और मालगाड़ियों के टर्न-अराउंड समय को कम करने के लिए दिया गया। 'मिशन रफ्तार' के तहत जबलपुर मंडल ने देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
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3. संरक्षा (Safety) शील्ड: पिछले एक वर्ष में 'शून्य दुर्घटना' (Zero Accident) के लक्ष्य को प्राप्त करने और पटरियों के रखरखाव में 'कवच' व ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए यह सम्मान मिला।
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4. ऊर्जा संरक्षण और विद्युतीकरण शील्ड: पश्चिम मध्य रेलवे देश का पहला ऐसा जोन बना था जिसने अपने पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया। इस साल सौर ऊर्जा के सर्वाधिक उपयोग और बिजली की बचत के लिए इन्हें यह शील्ड प्रदान की गई।
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5. पर्यावरण और हाउसकीपिंग (EnHM) शील्ड: जबलपुर और भोपाल जैसे बड़े स्टेशनों पर स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित करने, 'वेस्ट टू एनर्जी' प्लांट लगाने और रेलवे कॉलोनियों में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

