तमिल सिनेमा के मेगास्टार थलापति विजय के करोड़ों प्रशंसकों के लिए आज का दिन निराशा भरी खबर लेकर आया है क्योंकि मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायक' की रिलीज पर अनिश्चितकाल के लिए ब्रेक लगा दिया है। शुक्रवार 9 जनवरी 2026 को हुई एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की खंडपीठ ने फिल्म के सेंसर बोर्ड (CBFC) प्रमाणन पर अंतरिम रोक लगा दी है जिसके चलते अब यह फिल्म पोंगल के बड़े त्यौहार पर सिनेमाघरों में दस्तक नहीं दे पाएगी। मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस पुराने आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है जिसमें सेंसर बोर्ड को फिल्म को तत्काल यू/ए (U/A) सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए गए थे। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी तय की है जिसका सीधा मतलब यह है कि पोंगल की छुट्टियों के दौरान विजय की इस आखिरी फिल्म का आनंद लेने का इंतजार कर रहे फैंस को अब लंबा इंतजार करना होगा। पत्रकारिता के नजरिए से यह घटनाक्रम न केवल फिल्मी दुनिया बल्कि कानूनी गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं द्वारा दिखाई गई जल्दबाजी और अदालत पर दबाव बनाने की कोशिशों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
अदालती कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने इस बात पर गंभीर सवाल उठाए कि आखिर इस मामले को निपटाने में इतनी अधिक तत्परता क्यों दिखाई गई। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार मुख्य न्यायाधीश ने एकल पीठ के फैसले पर टिप्पणी करते हुए पूछा कि ऐसी क्या आपात स्थिति थी कि सेंसर बोर्ड को मात्र दो दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया और फैसला सुना दिया गया। खंडपीठ ने कड़े शब्दों में कहा कि फिल्म निर्माता अदालत पर दबाव बनाकर तत्काल राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं जो कि उचित प्रक्रिया नहीं है। कोर्ट की इस सख्त टिप्पणी और स्टे ऑर्डर के बाद सेंसर बोर्ड अब 21 जनवरी तक फिल्म को कोई भी प्रमाण पत्र जारी नहीं कर पाएगा। 'जन नायक' थलापति विजय के करियर की सबसे खास फिल्म मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने पिछले महीने ही यह घोषणा की थी कि वे राजनीति में पूर्णकालिक प्रवेश करने जा रहे हैं और शोबिज की दुनिया को अलविदा कह देंगे। ऐसे में उनके अभिनय करियर की इस अंतिम फिल्म को लेकर बॉक्स ऑफिस पर भारी उम्मीदें टिकी थीं और ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूटर्स ने भी इसकी रिलीज को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां कर रखी थीं लेकिन कानूनी अड़चनों ने फिलहाल पूरी फिल्म यूनिट के अरमानों पर पानी फेर दिया है।
एच विनोद के निर्देशन में बनी यह फिल्म अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि और विजय के वास्तविक जीवन के राजनीतिक सफर के कारण पहले से ही विवादों और चर्चाओं के केंद्र में थी। पोंगल जैसे बड़े अवसर पर रिलीज न हो पाना फिल्म के बिजनेस के लिए भी एक बड़ा आर्थिक झटका माना जा रहा है क्योंकि दक्षिण भारत में त्योहारों के दौरान फिल्मों का कारोबार चरम पर होता है। फिल्म की रिलीज टलने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर आई विजय के प्रशंसकों ने निराशा व्यक्त करना शुरू कर दिया है हालांकि फिल्म जगत की कई हस्तियों ने इस मुश्किल घड़ी में विजय और फिल्म की टीम का समर्थन किया है। फिलहाल फिल्म के निर्माताओं की ओर से इस अदालती झटके पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन 21 जनवरी की सुनवाई अब 'जन नायक' के भविष्य का फैसला करेगी। तब तक फिल्म के प्रदर्शन पर अनिश्चितता के बादल मंडराते रहेंगे और थलापति विजय के राजनीतिक और फिल्मी करियर का यह टर्निंग पॉइंट अब कानूनी दांव-पेच में उलझ गया है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

