नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. देशभर के रेलवे स्टेशनों पर स्थित कैटरिंग किचन, फूड प्लाजा और खाद्य सामग्री के स्टोरेज क्षेत्रों में अब सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इस फैसले का उद्देश्य न केवल खानपान व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार करना है, बल्कि भोजन की स्वच्छता, भंडारण और तैयारी की हर प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करना भी है. रेलवे के इस कदम को यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के समाधान की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अब तक कई बार यह शिकायतें सामने आती रही हैं कि स्टेशनों पर मिलने वाला भोजन तय मानकों के अनुरूप नहीं होता, कहीं साफ-सफाई में लापरवाही बरती जाती है तो कहीं खाद्य सामग्री के भंडारण में नियमों की अनदेखी की जाती है. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया है कि कैटरिंग से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. अधिकारियों का कहना है कि कैमरों की मदद से भोजन की तैयारी से लेकर उसके भंडारण और वितरण तक की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होगी, जिससे जवाबदेही तय करना आसान होगा.
रेलवे के इस फैसले से न केवल यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि कैटरिंग एजेंसियों और कर्मचारियों में भी जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी. अब किसी भी प्रकार की लापरवाही, गंदगी या नियमों के उल्लंघन को आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा. रेलवे प्रशासन का मानना है कि जब हर गतिविधि कैमरे की नजर में होगी, तो स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकेगा. इसके साथ ही, शिकायत मिलने पर फुटेज के आधार पर त्वरित जांच और कार्रवाई संभव हो सकेगी.
बताया जा रहा है कि सीसीटीवी कैमरे खास तौर पर उन स्थानों पर लगाए जाएंगे, जहां भोजन पकाया जाता है, कच्चे और पके खाद्य पदार्थों का भंडारण होता है और जहां से भोजन यात्रियों को परोसा जाता है. इसके अलावा, स्टोरेज क्षेत्रों में भी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खाद्य सामग्री सही तापमान और स्वच्छ वातावरण में रखी जा रही है. रेलवे यह भी देखेगा कि कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहे और जरूरत पड़ने पर उसे जांच एजेंसियों या संबंधित अधिकारियों द्वारा देखा जा सके.
रेलवे के इस फैसले को देशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. यात्रियों का कहना है कि ट्रेन यात्रा के दौरान भोजन की गुणवत्ता एक बड़ी चिंता का विषय रही है. कई बार खराब या अस्वच्छ भोजन की वजह से यात्रियों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे में यदि किचन और स्टोरेज क्षेत्रों पर सीधी निगरानी होगी, तो निश्चित तौर पर सुधार देखने को मिलेगा. सोशल मीडिया पर भी रेलवे के इस कदम की सराहना की जा रही है और इसे यात्रियों के हित में उठाया गया साहसिक फैसला बताया जा रहा है.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी निगरानी के साथ-साथ कैटरिंग स्टाफ को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. इसके अलावा, समय-समय पर औचक निरीक्षण और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था भी जारी रहेगी. रेलवे का लक्ष्य है कि यात्रियों को ऐसा भोजन मिले जो न केवल स्वादिष्ट हो, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी पूरी तरह सुरक्षित हो. इस दिशा में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा.
रेलवे प्रशासन यह भी मानता है कि खानपान व्यवस्था किसी भी यात्री की यात्रा के अनुभव को बेहतर या खराब बना सकती है. इसलिए सेवा गुणवत्ता को सुधारना प्राथमिकता है. सीसीटीवी कैमरों के जरिए यह भी देखा जाएगा कि कैटरिंग कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता मानकों जैसे दस्ताने, टोपी और एप्रन का उपयोग किया जा रहा है या नहीं. यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ अनुबंध रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है.
इस पहल का एक और अहम पहलू यह है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी. रेलवे का कहना है कि भविष्य में शिकायतों के निपटारे के लिए सीसीटीवी फुटेज एक मजबूत आधार बनेगा. इससे न केवल गलत आरोपों की सच्चाई सामने आएगी, बल्कि वास्तविक समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई भी संभव हो सकेगी. यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रेलवे अब तकनीक के माध्यम से सेवा गुणवत्ता को नई ऊंचाई देने की कोशिश कर रहा है.
रेलवे बोर्ड के स्तर पर इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी की जा रही है. पहले बड़े और व्यस्त स्टेशनों पर यह व्यवस्था शुरू की जाएगी, उसके बाद इसे छोटे स्टेशनों तक विस्तार दिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के लिए आवश्यक बजट और तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके.
भारतीय रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और संतुष्टि को केंद्र में रखकर उठाया गया माना जा रहा है. लंबे समय से खानपान व्यवस्था को लेकर उठते सवालों के बीच सीसीटीवी निगरानी का फैसला यह संदेश देता है कि रेलवे अब किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा. यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो आने वाले समय में रेलवे यात्रा के दौरान भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है, जिससे यात्रियों का भरोसा और संतोष दोनों बढ़ेंगे.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

