चांदी में जबरदस्त वापसी चढ़कर 2.5 लाख प्रति किलोग्राम, सोना भी वैश्विक जोखिम के बीच मजबूत उछला

चांदी में जबरदस्त वापसी चढ़कर 2.5 लाख प्रति किलोग्राम, सोना भी वैश्विक जोखिम के बीच मजबूत उछला

प्रेषित समय :22:00:14 PM / Fri, Jan 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली। आज कमोडिटी बाजार में कीमती धातुओं ने एक जोरदार रिबाउंड दिखाया है, जहां चांदी ने लगभग 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज करते हुए 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को छू लिया और सोने की कीमत भी मजबूती के साथ बढ़ी। यह उछाल सुरक्षित निवेश (सेफ‑हेवन) की बढ़ती मांग और वैश्विक आर्थिक व राजनीतिक अनिश्चितता के बीच आया है, जिससे निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।

आज राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत में 6,500 रुपये की वृद्धि हुई और यह 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि पिछले सत्र में कारोबारी मुनाफावसूली के चलते चांदी की कीमत लगभग 2,43,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी। इससे पहले बुधवार को चांदी ने 2,56,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक भी पहुंच बनाई थी।

सोने की बात करें तो 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी मजबूत रही और यह बढ़कर 1,41,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गयी, जो पिछले बंद स्तर 1,40,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है। इस तेजी को विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में जोखिमों के कारण निवेशकों की सुरक्षित परिसंपत्तियों (सोना‑चांदी) की तरफ़ बढ़ती प्रवृत्ति ने बढ़ावा दिया है।

कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग सोने और चांदी दोनों की कीमतों को समर्थन दे रही है। विशेष रूप से राजनीतिक तनाव, व्यापार नीतियों और महत्त्वपूर्ण निर्णयों के सम्मुख आने वाले जोखिमों ने बाजार में “हैवन डिमांड” को बढ़ाया है, अर्थात निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोना‑चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी धातुओं की कीमतों में उतार‑चढ़ाव दर्ज किया गया। वैश्विक व्यापार में सोना मामूली बढ़त के साथ लगभग 4,479.38 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उछाल के संकेत दिखा रही थी। हालांकि सत्र के दौरान चांदी ने कुछ समय के लिए गिरावट भी देखी, लेकिन बाजार के बंद होने तक यह फिर से उठी।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि कुछ वैश्विक फैसले जैसे उच्च शुल्कों से जुड़ी अदालती गतिविधियाँ सकारात्मक दिशा में जाती हैं, तो सोने और चांदी की कीमतों पर आगे की तेजी सीमित हो सकती है। इसके विपरीत, यदि वैश्विक तनाव बढ़ते हैं, तो इन धातुओं की मांग और भी मजबूत हो सकती है, जिससे कीमतों में और उछाल आने की संभावना बनी रहेगी।

आज की तेजी के साथ ही चांदी और सोने दोनों ही निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण निवेश उपकरण बने हुए हैं। चांदी, जो पिछले कुछ समय में गिरावट के दौर से गुजर रही थी, उसने मजबूत वापसी की है और यह संकेत बाजार में निवेशकों के विश्वास की ओर भी माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार चांदी में यह तेजी कुछ हद तक मुनाफावसूली के प्रभाव के बाद भी आया है, लेकिन सुरक्षित संपत्ति की बढ़ती मांग ने इसे समर्थन दिया है।

आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पर नजर रखने वाले विश्लेषकों का मानना है कि अगर वैश्विक जोखिम लंबे समय तक बना रहता है, तो सोने और चांदी जैसी संपत्तियों के प्रति सुरक्षित निवेश की प्रवृत्ति और मजबूत हो सकती है। इससे धातुओं की कीमतों में नए रिकॉर्ड बन सकते हैं, जबकि निवेशकों को अल्पकालिक उतार‑चढ़ाव से भी सावधान रहना चाहिए।

आज के कारोबारी सत्र में चांदी की तेज़ उछाल और सोने की मजबूती ने घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों पर अस्थिरता के बीच निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया है। खासकर चांदी का 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचना और उसके बाद भी मजबूती बनाए रखना निवेशकों के बीच मजबूत संकेत माना जा रहा है कि सुरक्षित निवेश की मांग अभी बरकरार है।

पिछले कुछ समय में चांदी और सोने के भाव में उतार‑चढ़ाव बांसते रहे हैं, लेकिन आज दोनों की कीमतों में वही तेजी और rebound देखने को मिला है जो निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। निवेश विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम निवेशकों के लिए एक मौका भी पेश करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता देते हैं।

कुल मिलाकर आज का बाजार संकेत देता है कि वैश्विक जोखिम और अस्थिरता की वजह से कीमती धातुओं की मांग मजबूत बनी है और इस मांग ने चांदी को लगभग 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंचा दिया है, जबकि सोने ने भी बढ़त बनाये रखी है और सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी भूमिका निभाई है। 

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-