ईपीएफओ: सीजीआईटी न्यायालय मे लंबित प्रकरणों के निपटान के लिए विशेष अभियान

ईपीएफओ: सीजीआईटी न्यायालय मे लंबित प्रकरणों के निपटान के लिए विशेष अभियान

प्रेषित समय :20:53:09 PM / Fri, Jan 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. केंद्रीय सरकार औद्ययोगिक न्यायाधिकरण (सी.जी.आई.टी.) एवं श्रम न्यायालय, जबलपुर में क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर से संबंधित 67 लंबित मामलों के त्वरित निपटान किये जाने के संबंध में आज शुक्रवार 9 जनवरी को (सी.जी.आई.टी.) के पिठासीन अधिकारी, श्री पी.के. श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सी.जी.आई.टी. कार्यालय में संबंधित नियोक्ताओं और अधिवक्ताओं का उन्मुखीकरण (ओरीएंटेशन सेशन) सत्र आयोजित किया गया.

उन्मुखीकरण सत्र का संबोध्ति करते हुये उन्होंने नियोक्ताओं एवं अधिवक्ताओं से अनुरोध किया कि न्यायालय के समक्ष लम्बित मामलों के निटान हेतु सकारात्मक प्रक्रिया को अपनाये ताकि मामलों में न्यायालय द्वारा उचित आदेश जारी किये जा सकें और न्यायालय में लम्बित मामलों की संख्या में कम हो सके.

सत्र के दौरान श्री राकेश सहरावत, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-. ने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त दिशानिर्देशों के अनुपालन में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा केंद्रीय सरकार औद्ययोगिक न्यायाधिकरण-सह-श्रम न्यायालय, जबलपुर में लंबित औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 एवं कर्मचारी भविष्य निधि प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम 1952 के तहत लंबित मामलों को विशेष अभियान के तहत निपटाने का निर्णय लिया गया है. लंबित मामलों को निपटाने के लिए आगामी 2 फरवरी 26 से 6 फरवरी तक एक विशेष अभियान चलाया जायेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक संख्या में मामलों में अंतिम आदेश जारी किया जाना है.

श्री राकेश सहरावत, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-. ने आगे बताया कि सी.जी.आई.टी में भविष्य निधि से संबंधित 67 लम्बित मामलों का विश्लेषण किये जाने पर पाया गया है कि वर्ष 2017 से पूर्व के कुल 15 मामले और बाद के वर्षों के 52 मामले लम्बित है. विश्लेषण उपरांत कार्यालय द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि वर्ष 2017 से पूर्व के सभी मामलों का निपटान यथाशीघ्र किया जाये. कार्यालय का यह भी प्रयास रहेगा कि विशेष अभियान के दौरान ही इन मामलों में यथा संभव निर्णय पारित किया जाये.

श्री राकेश सहरावत, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-. ने यह भी बताया कि लम्बित मामलों के विश्लेषण किये जाने पर यह भी पाया गया है कि अधिकांश मामलों में न्यायालय में प्रकरण को दर्ज कराये जाने की आवश्यकता ही नहीं थी, वहीं कई मामले अंतिम स्तर पर लम्बित हैं एवं कई मामलों में नियोक्ता स्वंय मामलों के शीघ्र निपटान हेतु प्रयासरत हैं. अब ऐसे मामलों को जल्द से जल्द निपटाने हेतु प्रयास किए जायेंगे.

श्री वसीम एल हक, उप मुख्य श्रम आयुक्त के द्वारा सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि दिनांक 02 फरवरी 2026 से 06 फरवरी 26 तक आयोजित विशेष अभियान के दौरान वाद लम्बित्ता को कम करने हेतु औद्योगिक विवाद मामलों का अधिकतम निपटारा किये जाने का लक्ष्य है. चिन्हित प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निपटारे के लिए समयबद्ध कार्यवाही की जायेगी. इस पहर से श्रमिकों को शीघ्र न्याय मिलेगा तथा नियोक्ताओं को विवादों के शीघ्र समाधान में सुविधा होगी. अभियान से औद्योगिक सोहार्द एवं विश्वास को बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है.

चर्चा सत्र के दौरान श्री राकेश सहरावत, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-. ने उपस्थित नियोक्ताओं एवं अधिवक्ताओं को इस बात से भी अवगत कराया कि भारत सरकार की यह मंशा है कि विभिन्न न्यायालयों में लम्बित मामलों की संख्या को कम किया जाया ताकि लाभार्थियों/श्रमिकों को उनका हक मिल सके. श्री राकेश सहरावत, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-. ने नियोक्ताओं एवं अधिवक्ताओं से अपील कि है की वे लम्बित मामलों के निपटान में पूर्ण सहयोग प्रदान करें.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-