जबलपुर. आबोहवा को शुद्ध बनाने और स्वच्छता की राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष मुकाम हासिल करने के लिए नगर निगम ने अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक अभियान छेड़ दिया है. स्वच्छता के इस 'महायुद्ध' में आज एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने न केवल प्रशासनिक हलकों में बल्कि आम जनता के बीच भी नई ऊर्जा का संचार कर दिया. महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू' ने प्रोटोकॉल और पद की गरिमा के पारंपरिक दायरों से बाहर निकलते हुए खुद सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाला और स्वच्छता अभियान की कमान अपने हाथों में ले ली. आज तड़के जब शहर की रफ्तार धीमी थी, तब महापौर लाव-लश्कर के साथ शहर के मुख्य फ्लाईओवर पर पहुंचे और वहां चल रहे सफाई कार्य का न केवल बारीकी से निरीक्षण किया बल्कि खुद भी इस सेवा कार्य का हिस्सा बन गए. महापौर को अचानक अपने बीच पाकर और उन्हें खुद हाथ में पानी की पाइप थामकर फ्लाईओवर की धुलाई करते देख वहां तैनात सफाई मित्रों और राहगीरों का उत्साह चरम पर पहुंच गया. यह पहल केवल सांकेतिक नहीं थी बल्कि उन हजारों सफाई कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनी जो दिन-रात शहर को चमकाने में जुटे रहते हैं.
जबलपुर के बढ़ते प्रदूषण स्तर और धूल के कणों (PM 10 और PM 2.5) को नियंत्रित करने के लिए इस बार नगर निगम ने एक नई और विशेष वैज्ञानिक रणनीति अपनाई है. अमूमन सड़कों पर केवल झाड़ू लगाई जाती है जिससे धूल के कण हवा में तैरने लगते हैं और वायु गुणवत्ता खराब होती है, लेकिन महापौर के निर्देशन में अब सड़कों और फ्लाईओवर्स की जमी धूल को पूरी तरह हटाने के लिए व्यापक स्तर पर पानी से धुलाई का कार्य शुरू किया गया है. महापौर ने खुद पानी की तेज बौछारों से फ्लाईओवर की रेलिंग और सड़क के किनारों को साफ किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारे सफाई मित्र शहर के असली 'अनसंग हीरो' हैं जो हमें एक स्वस्थ वातावरण देने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं और उनके कंधे से कंधा मिलाकर काम करना उनके प्रति सम्मान प्रकट करने का सबसे अच्छा तरीका है. महापौर ने यह संदेश देने की कोशिश की कि जब शहर का प्रथम नागरिक स्वच्छता के लिए सड़क पर उतर सकता है, तो प्रत्येक नागरिक की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह अपने शहर को साफ रखने में सहयोग करे.
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार लाने के लिए नगर निगम ने इस समय संसाधनों की एक विशाल फौज मैदान में उतार दी है. वर्तमान में शहर के कोने-कोने में लगभग 4500 समर्पित सफाई मित्र और 400 आधुनिक गाड़ियां पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात की गई हैं. यह शायद शहर के इतिहास में स्वच्छता को लेकर किया गया अब तक का सबसे बड़ा मैनपावर और मशीनरी का समन्वय है. फ्लाईओवर्स की धुलाई के लिए विशेष जेटिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है ताकि सूक्ष्म धूल के कण पूरी तरह से बह जाएं और हवा में धूल का गुबार न बने. महापौर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सफाई का कार्य केवल सुबह तक सीमित न रहे बल्कि प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों और व्यस्ततम चौराहों पर निरंतर निगरानी रखी जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार हमारा लक्ष्य केवल स्वच्छता सर्वेक्षण के कागजी आंकड़ों में सुधार करना नहीं है, बल्कि जबलपुर के नागरिकों को एक ऐसा स्वच्छ और सांस लेने योग्य वातावरण प्रदान करना है जो उनके स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हो.
स्वच्छता की इस मुहिम को लेकर महापौर की सक्रियता का असर नगर निगम के पूरे अमले पर दिखाई दे रहा है. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर कूड़े के ढेर और निर्माण सामग्री के अवशेष पड़े रहते हैं जिनसे वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसे हटाने के लिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से विशेष टास्क फोर्स को सक्रिय कर दिया है. महापौर ने जोर देकर कहा कि रैंकिंग में नंबर-1 आना हमारे लिए गौरव की बात होगी, लेकिन उससे भी बड़ी उपलब्धि यह होगी कि हम अपने बच्चों को एक प्रदूषण मुक्त संस्कारधानी सौंप सकें. उनके इस अनूठे अंदाज और सफाई मित्रों के साथ बैठकर उनके काम की सराहना करने की शैली ने सोशल मीडिया पर भी काफी सुर्खियां बटोरी हैं, जिससे युवाओं में भी स्वच्छता के प्रति एक नई चेतना जागृत हुई है. शहर के अलग-अलग वार्डों में अब जनता खुद आगे आकर अपने मोहल्लों की सफाई के लिए योजनाएं बना रही है, जो इस अभियान की वास्तविक सफलता मानी जा सकती है.
आज के इस ऐतिहासिक अभियान के दौरान महापौर के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जोनल अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्हें निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में मशीनों की कार्यक्षमता और कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित रिपोर्ट सौंपें. महापौर ने यह भी घोषणा की कि जो वार्ड और जो सफाई मित्र उत्कृष्ट कार्य करेंगे, उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

