बंगाल में निपाह वायरस की दस्तक से हड़कंप केंद्र सरकार ने संभाली कमान, दो स्वास्थ्यकर्मी पाए गए संक्रमित

बंगाल में निपाह वायरस की दस्तक से हड़कंप केंद्र सरकार ने संभाली कमान, दो स्वास्थ्यकर्मी पाए गए संक्रमित

प्रेषित समय :23:24:25 PM / Mon, Jan 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहाँ घातक निपाह वायरस (Nipah Virus) के दो संदिग्ध मामले मिलने के बाद राज्य से लेकर केंद्र तक प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारासात शहर के रहने वाले दो स्वास्थ्यकर्मी इस वायरस की चपेट में आए हैं, जिनका परीक्षण रविवार रात नादिया जिले के 'अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान' (AIIMS-Kalyani) में सकारात्मक पाया गया। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप किया है और स्थिति की निगरानी के लिए विशेषज्ञों की टीम को सक्रिय कर दिया है। इधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने आम जनता से पैनिक न होने की अपील की है, लेकिन साथ ही अत्यधिक सतर्कता बरतने और सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने सोमवार रात इस संवेदनशील मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों संक्रमित मरीज वर्तमान में चिकित्सा विशेषज्ञों की गहन निगरानी में हैं और उनका उपचार जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि संक्रमित पाए गए दोनों व्यक्ति स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और उसी अस्पताल में कार्यरत हैं जहाँ उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से अभी उस विशेष चिकित्सा केंद्र के नाम का खुलासा आधिकारिक तौर पर नहीं किया गया है, लेकिन एम्स-कल्याणी की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन ने 'कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग' (संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान) का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है और भविष्य के लिए एक विस्तृत ट्रीटमेंट प्लान तैयार कर लिया गया है।

निपाह वायरस के इन मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता इसलिए बढ़ा दी है क्योंकि यह वायरस एक 'ज़ूनोटिक' संक्रमण है, जो जानवरों (जैसे चमगादड़ या सूअर) से इंसानों में फैलता है और दूषित भोजन या संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क के माध्यम से भी प्रसारित हो सकता है। बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखते हुए प्रभावित इलाकों में संदिग्ध लक्षणों वाले अन्य लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना इस बात का संकेत है कि वायरस का प्रसार स्थानीय स्तर पर हो सकता है, इसलिए अस्पतालों में 'इन्फेक्शन कंट्रोल' प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त कर दिया गया है।

केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं ताकि केरल जैसे राज्यों के पिछले अनुभवों का लाभ उठाकर इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। फिलहाल बारासात और कल्याणी के आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे फलों को अच्छी तरह धोकर खाएं, चमगादड़ों के बसेरे वाले क्षेत्रों से दूर रहें और यदि बुखार, सिरदर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रिपोर्ट करें। बंगाल सरकार ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी आवश्यक दवाओं तथा आइसोलेशन वार्डों की व्यवस्था कर ली गई है।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-