जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन पर विमान की लैंडिंग का दावा, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन पर विमान की लैंडिंग का दावा, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

प्रेषित समय :18:35:46 PM / Fri, Jan 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने जबलपुर में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया है. वीडियो में एक हवाई जहाज को जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म और ट्रैक के बीच उतरते हुए दिखाया गया है. कुछ ही घंटों में यह वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर (एक्स) और व्हाट्सऐप पर हजारों बार साझा किया जाने लगा. वीडियो को देखकर कई लोगों ने इसे चमत्कार, तकनीकी प्रयोग या किसी आपात स्थिति में की गई असाधारण लैंडिंग बताया, जबकि कुछ ने रेलवे और एयरपोर्ट प्रशासन पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए. देखते ही देखते यह वीडियो शहर से लेकर प्रदेश स्तर तक चर्चा का विषय बन गया.

वायरल वीडियो में एक यात्री विमान को बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए दिखाया गया है, जो सीधे रेलवे ट्रैक की दिशा में आता है और ऐसा प्रतीत होता है मानो वह स्टेशन परिसर में ही उतर गया हो. वीडियो में बैकग्राउंड में प्लेटफॉर्म, खड़े यात्री और रेलवे से जुड़ी संरचनाएं भी नजर आती हैं, जिससे आम दर्शक को यह विश्वास हो जाता है कि विमान वास्तव में रेलवे स्टेशन पर लैंड कर रहा है. कई यूजर्स ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि जबलपुर में इतिहास रच दिया गया है, तो कुछ ने इसे प्रशासन की बड़ी लापरवाही करार दिया. कुछ पोस्ट्स में यहां तक दावा किया गया कि किसी तकनीकी खराबी के चलते विमान को रेलवे ट्रैक पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी.

हालांकि, वीडियो के वायरल होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी और प्रशासन हरकत में आ गया. जबलपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस वीडियो को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी करार दिया है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई भी विमान न तो जबलपुर रेलवे स्टेशन पर उतरा है और न ही ऐसी किसी आपात स्थिति की कोई जानकारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल या एयरपोर्ट रिकॉर्ड में दर्ज है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि वीडियो को तकनीकी रूप से एडिट किया गया है या फिर किसी अन्य स्थान की क्लिप को इस तरह से प्रस्तुत किया गया है कि वह जबलपुर रेलवे स्टेशन का प्रतीत हो.

एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, नागरिक उड्डयन के नियमों के तहत किसी भी यात्री विमान का रेलवे स्टेशन या रेलवे ट्रैक पर उतरना न केवल असंभव है, बल्कि यह गंभीर सुरक्षा उल्लंघन भी होगा. जबलपुर एयरपोर्ट के आसपास का एयरस्पेस लगातार निगरानी में रहता है और हर विमान की मूवमेंट का पूरा रिकॉर्ड होता है. ऐसे में किसी विमान की बिना सूचना और बिना अनुमति स्टेशन पर लैंडिंग का दावा पूरी तरह निराधार है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो लोगों में भ्रम फैलाने और सनसनी पैदा करने के उद्देश्य से वायरल किया गया है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जबलपुर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में कहा गया है कि इस तरह के भ्रामक वीडियो से न केवल आम जनता में डर और भ्रम फैलता है, बल्कि रेलवे और विमानन सुरक्षा को लेकर गलत संदेश भी जाता है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वीडियो किसने बनाया, किस प्लेटफॉर्म से इसे सबसे पहले अपलोड किया गया और इसके पीछे क्या मंशा थी. साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है ताकि वीडियो के डिजिटल सोर्स और एडिटिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा सके.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला अफवाह फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने की श्रेणी में आता है. यदि जांच में यह साबित होता है कि वीडियो जानबूझकर फर्जी तरीके से तैयार किया गया और उसे वायरल किया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी वीडियो या खबर को आगे साझा न करें.

इस बीच, रेलवे प्रशासन ने भी इस वीडियो को पूरी तरह झूठा बताया है. रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन पर उस दिन या किसी भी दिन ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड में भी इस तरह की कोई गतिविधि दर्ज नहीं है. रेलवे के अनुसार, अगर ऐसा कोई असाधारण घटनाक्रम होता, तो स्टेशन, यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के बीच भारी अफरा-तफरी मच जाती, जिसकी खबर तुरंत सामने आ जाती.

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दो धड़ों में बंटी नजर आईं. एक ओर जहां कुछ लोग वीडियो को सच मानकर हैरानी और डर जता रहे थे, वहीं कई जागरूक यूजर्स ने इसे फर्जी बताते हुए सवाल उठाए और दूसरों को सतर्क रहने की सलाह दी. कुछ तकनीकी जानकारों ने भी वीडियो के फ्रेम, एंगल और लाइटिंग का विश्लेषण करते हुए दावा किया कि यह वीडियो कंप्यूटर जनरेटेड इमेजरी या एडिटिंग का नतीजा हो सकता है.

यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी खबरों और वीडियो के खतरे को उजागर करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस दौर में एडिटेड और एआई-जनरेटेड कंटेंट को असली से अलग पहचानना आम लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे में किसी भी चौंकाने वाले दावे पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि बेहद जरूरी है.

फिलहाल, जबलपुर में कथित ‘प्लेन लैंडिंग’ का यह वायरल वीडियो जांच के दायरे में है और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शहर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी की संयुक्त कार्रवाई के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस वीडियो के पीछे की सच्चाई सामने आएगी और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. तब तक, प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और जिम्मेदार नागरिक की तरह सोशल मीडिया का उपयोग करने की अपील की है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-