कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर लगाया भारी टैक्स, बिना प्रोटेक्शन संबंध बनाने के लिए कर रहा प्रेरित ये देश

कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर लगाया भारी टैक्स, बिना प्रोटेक्शन संबंध बनाने के लिए कर रहा प्रेरित ये देश

प्रेषित समय :15:35:25 PM / Sun, Jan 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बीजिंग. दुनिया में अपनी घटती जनसंख्या और गिरती प्रजनन दर से परेशान चीन ने अब एक अजीबोगरीब कदम उठाया है. चीनी सरकार अब अपने देश के युवाओं और कपल्स को बिना कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों के शारीरिक संबंध बनाने के लिए प्रेरित कर रही है. ताकि लोग गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल कम करें, इसके लिए चीन ने इसी महीने (जनवरी) से कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर भारी-भरकम टैक्स लगा दिया है. सरकार की मंशा है कि ये उत्पाद महंगे होने की वजह से लोग इनका इस्तेमाल कम करेंगे, जिससे जन्म दर में बढ़ोतरी होगी.

द कन्वर्सेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन उन एशियाई देशों की सूची में शामिल हो गया है जो बेहद कम प्रजनन दर से जूझ रहे हैं. चीन का लक्ष्य अपनी वर्तमान प्रजनन दर (1.0 बच्चे प्रति महिला) को दोगुना करना है. इसी रणनीति के तहत बीजिंग ने कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियों और अन्य उपायों पर 1 जनवरी से 13 प्रतिशत वैट (मूल्य वर्धित कर) लागू कर दिया है. वहीं, इसके विपरीत लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए चाइल्ड केयर और मैट्रिमोनियल (वैवाहिक) सेवाओं को टैक्स-फ्री रखा गया है.

महंगाई के जरिए परिवार नियोजन रोकने की कोशिश

जनवरी से लागू हुए नए टैक्स के बाद चीन में गर्भनिरोधक उत्पाद काफी महंगे हो गए हैं. टैक्स लगने के बाद वहां एक पैकेट कंडोम की कीमत लगभग 50 युआन (करीब 7 अमेरिकी डॉलर या 630 भारतीय रुपये) हो गई है. इसी तरह एक महीने की गर्भनिरोधक गोलियों की औसत कीमत अब लगभग 130 युआन (19 अमेरिकी डॉलर या 1150 भारतीय रुपये) तक पहुंच गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भनिरोधकों पर 13 प्रतिशत टैक्स लगाना सरकार का एक प्रतीकात्मक और सख्त संदेश है.

बच्चे पैदा करने पर मिल रही नकद सहायता

सिर्फ टैक्स बढ़ाना ही नहीं, बल्कि चीन सरकार बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को आर्थिक मदद भी दे रही है. चीन ने पिछले साल राष्ट्रीय चाइल्ड केयर कार्यक्रम के लिए 90 अरब युआन (लगभग 12.7 अरब अमेरिकी डॉलर) का बजट आवंटित किया था. इसके तहत, तीन साल या उससे कम उम्र के हर बच्चे के लिए परिवारों को एक बार में लगभग 3,600 युआन (500 अमेरिकी डॉलर से अधिक) का भुगतान किया जाता है.

अपनी ही पुरानी नीतियों के जाल में फंसा चीन

चीन में गिरती जन्मदर के पीछे उसकी पुरानी नीतियां ही जिम्मेदार हैं. 1960 के दशक में वहां प्रजनन दर 7.0 से अधिक थी, जो वन-चाइल्ड पॉलिसी की सख्ती के कारण 2015 में घटकर 1.5 रह गई. गिरती आबादी देख सरकार ने 2015 में 'दो-बच्चा नीतिÓ और मई 2021 में तीन-बच्चा नीति लागू की. उम्मीद थी कि इससे बेबी बूम आएगा, लेकिन प्रजनन दर में गिरावट जारी रही. साल 2021 में यह 1.2 थी, जो 2024 में गिरकर 1.0 पर आ गई है. अब चीन सामाजिक बदलावों और टैक्स जैसे उपायों के जरिए इसे सुधारने की कोशिश कर रहा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-