मुंबई। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले सुपरस्टार आमिर खान ने अपने सबसे महत्वाकांक्षी और ड्रीम प्रोजेक्ट 'महाभारत' को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है जिससे फिल्मी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। 20 जनवरी 2026 की शाम एक साक्षात्कार के दौरान आमिर खान ने उन अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की जो पिछले कई वर्षों से इस महाकाव्य पर बनने वाली फिल्म को लेकर लगाई जा रही थीं। आमिर खान ने बेहद भावुक और गंभीर लहजे में स्वीकार किया कि महाभारत महज एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय समाज की आत्मा और सांस्कृतिक ताने-बाने का अटूट हिस्सा है और इसी वजह से वह इसे बनाने में जल्दबाजी नहीं करना चाहते। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि इस महान गाथा को पर्दे पर उतारना उनके अब तक के करियर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और वह इसे लेकर किसी भी तरह की त्रुटि की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते। उनका मानना है कि महाभारत भारतीयों के रक्त में बसा है और देश का शायद ही कोई ऐसा नागरिक हो जिसने भगवद गीता न पढ़ी हो या अपनी नानी-दादी से इसकी कहानियाँ न सुनी हों।
आमिर खान ने अपनी कार्यशैली के अनुरूप इस बात पर जोर दिया कि एक खराब फिल्म इस महान महाकाव्य के साथ अन्याय होगी। उन्होंने एक बेहद प्रभावशाली टिप्पणी करते हुए कहा कि आप महाभारत को निराश कर सकते हैं लेकिन महाभारत आपको कभी निराश नहीं करेगी। उनका इशारा साफ था कि यदि फिल्म निर्माण में कोई कमी रही तो वह ऐतिहासिक भूल होगी इसलिए वह अपना पूरा समय ले रहे हैं ताकि जब भी यह प्रोजेक्ट दुनिया के सामने आए तो हर भारतीय गर्व महसूस कर सके। आमिर ने इस प्रोजेक्ट की तुलना हॉलीवुड की 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' और 'अवतार' जैसी वैश्विक फ्रेंचाइजी से करते हुए कहा कि तकनीकी और भव्यता के मामले में दुनिया ने बहुत कुछ देखा है लेकिन 'महाभारत' उन सभी कहानियों की जननी है। इसकी गहराई और विरासत के सामने दुनिया का कोई भी सिनेमाई तमाशा छोटा नजर आता है। यही कारण है कि वह स्क्रिप्ट और संवेदनशीलता के स्तर पर इसे पूरी तरह सही (Get it right) करना चाहते हैं।
इस खबर ने प्रशंसकों के बीच इसलिए भी अधिक उत्सुकता पैदा कर दी है क्योंकि आमिर खान ने पूर्व में संकेत दिए थे कि 'महाभारत' उनके फिल्मी सफर का आखिरी पड़ाव हो सकता है। जून 2025 के दौरान एक पॉडकास्ट में उन्होंने इस बात का जिक्र किया था कि शायद इस फिल्म को बनाने के बाद उन्हें महसूस होगा कि अब उनके पास करने के लिए कुछ भी शेष नहीं बचा है। उनके अनुसार इस विषय की सामग्री इतनी सघन और व्यापक है कि इसके बाद किसी अन्य प्रोजेक्ट पर काम करना लगभग असंभव सा होगा। आमिर खान फिलहाल अपनी पिछली फिल्म 'हैप्पी पटेल' की सफलता के बाद किसी नए प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं कर रहे हैं और उनका पूरा ध्यान शोध और तैयारी पर केंद्रित नजर आ रहा है।
सिनेमा जगत के जानकारों का मानना है कि आमिर खान का यह बयान उनकी उस संवेदनशीलता को दर्शाता है जो वह अक्सर ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों के प्रति दिखाते रहे हैं। भारत के इस सबसे बड़े महाकाव्य को सिनेमाई पर्दे पर उतारने के लिए जिस स्तर के बजट, तकनीक और विजन की आवश्यकता है उसके लिए आमिर खान की यह 'धीमे चलो' की रणनीति सही साबित हो सकती है। हालांकि दर्शक लंबे समय से इस घोषणा का इंतजार कर रहे हैं लेकिन आमिर के हालिया शब्दों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह गुणवत्ता और सम्मान से समझौता करने के बजाय इंतजार करना बेहतर समझते हैं। वर्तमान में मुंबई के प्रदूषित वातावरण और सामाजिक कार्यों जैसे टाटा मुंबई मैराथन और पानी फाउंडेशन में सक्रिय रहने के बीच आमिर का यह खुलासा निश्चित रूप से भारतीय सिनेमा के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

