रिमी सेन ने भारत छोड़ दुबई को बनाया अपना नया ठिकाना, भारत की सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल

रिमी सेन ने भारत छोड़ दुबई को बनाया अपना नया ठिकाना, भारत की सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल

प्रेषित समय :22:21:42 PM / Tue, Jan 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

दुबई/मुंबई। 'धूम', 'हंगामा' और 'गोलमाल' जैसी सुपरहिट फिल्मों से दर्शकों के दिलों में अपनी पहचान बनाने वाली पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री रिमी सेन ने अभिनय की दुनिया को अलविदा कहकर अब रियल एस्टेट के क्षेत्र में अपनी नई पारी की शुरुआत की है। मुंबई की चकाचौंध से दूर रिमी सेन अब दुबई के रियल एस्टेट मार्केट में एक पेशेवर एजेंट के रूप में काम कर रही हैं और हाल ही में दिए गए उनके एक साक्षात्कार ने भारत और दुबई के व्यापारिक माहौल के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। रिमी सेन ने 'बिल्डकैप्स रियल एस्टेट' को दिए अपने इंटरव्यू में खुलकर बताया कि उन्होंने भारत के बजाय दुबई को अपने करियर के लिए क्यों चुना और वहां के सिस्टम की कौन सी बातें उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। रिमी के अनुसार दुबई एक ऐसा शहर है जो दुनिया भर के लोगों का खुले दिल से स्वागत करता है और वहां की 95 प्रतिशत आबादी प्रवासियों की होने के बावजूद वहां का अनुशासन और समावेशिता अनुकरणीय है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि दुबई में मस्जिदें और मंदिर दोनों ही समान रूप से मौजूद हैं और वहां की सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर, आसान और आरामदायक बनाना है।

भारत और दुबई के शासन मॉडल की तुलना करते हुए रिमी सेन ने भारतीय नीतियों पर कटाक्ष करने में भी कोई संकोच नहीं किया। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि भारत में सरकारें रातों-रात अपनी नीतियां बदल देती हैं जिससे व्यापारिक समुदाय के लिए स्थितियां बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं। रिमी ने भारत की वर्तमान व्यापारिक स्थितियों को लेकर निराशा जताते हुए कहा कि हजारों तरह के टैक्स और अंतहीन पेचीदगियों के कारण अब भारत 'बिजनेस फ्रेंडली' देश नहीं रह गया है। उनके अनुसार दुबई का रियल एस्टेट मार्केट इसलिए सुचारू रूप से चलता है क्योंकि वहां एक पारदर्शी सिस्टम और अनुशासन है जहाँ डेवलपर्स, एजेंसियां और एजेंट अपने निर्धारित दायरे में रहकर पेशेवर तरीके से काम करते हैं।

इस साक्षात्कार में रिमी सेन ने भारत में प्रॉपर्टी एजेंटों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत में यदि कोई एजेंट दो महीने की ब्रोकरेज या दलाली की मांग करता है तो लोग उसे ऐसे देखते हैं जैसे उसने कोई अपराध कर दिया हो। इसके विपरीत दुबई में रियल एस्टेट एजेंटों को वित्तीय सलाहकारों (Financial Consultants) के समान सम्मान और दर्जा दिया जाता है। रिमी के इस बयान ने भारत में रियल एस्टेट के असंगठित क्षेत्र और वहां काम करने वाले लोगों की सामाजिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिमी सेन का यह नया अवतार सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि वर्षों बाद सामने आई रिमी को पहचानना उनके प्रशंसकों के लिए थोड़ा मुश्किल हो रहा है। हालांकि उन्होंने हाल ही में यह स्वीकार किया था कि उन्होंने बोटॉक्स और अन्य कॉस्मेटिक उपचार लिए हैं लेकिन उनका यह नया पेशेवर लुक उनके फिल्मी दिनों के लुक से काफी अलग और परिपक्व नजर आता है। अभिनय के शिखर पर रहने के बावजूद अचानक फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाना और फिर सात समंदर पार एक बिल्कुल अलग क्षेत्र में खुद को स्थापित करना रिमी की निडरता को दर्शाता है। 2000 के दशक की शुरुआत में अपनी कॉमिक टाइमिंग और खूबसूरती के लिए मशहूर रहीं रिमी अब यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि वे केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं और दुबई की स्थिरता ने उन्हें वह मंच प्रदान किया जो उन्हें अपने देश में नहीं मिल पा रहा था। उनके इस बयान के बाद अब भारत के रियल एस्टेट सेक्टर और सरकारी कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-