18 फरवरी 2026 को अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुई हॉलीवुड एरोटिक थ्रिलर सीरीज़ 56 Days अब दर्शकों और क्रिटिक्स के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन चुकी है। रिलीज़ के साथ ही यह सीरीज़ सोशल मीडिया से लेकर ओटीटी एनालिसिस प्लेटफॉर्म्स तक ट्रेंड करने लगी है। प्यार, जुनून, लॉकडाउन की अकेलापन भरी सच्चाई और एक रहस्यमयी हत्या को बेहद सधी हुई कहानी में पिरोने वाली यह सीरीज़ दर्शकों को आखिरी एपिसोड तक बांधे रखने में कामयाब रही है। 56 Days सिर्फ एक रोमांटिक थ्रिलर नहीं बल्कि आधुनिक रिश्तों की उस सच्चाई को उजागर करती है, जहां आकर्षण और भरोसे के पीछे छिपे अंधेरे चेहरे धीरे-धीरे सामने आते हैं।
सीरीज़ की कहानी डबलिन शहर से शुरू होती है, जहां एक साधारण से सुपरमार्केट में दो अजनबी अचानक टकराते हैं। सियारा वाइज और ऑलिवर केनेडी की यह मुलाकात पहली नजर के प्यार में बदल जाती है। दोनों के बीच तुरंत एक गहरा कनेक्शन बनता है और बातचीत से आगे बढ़कर रिश्ता बेहद तेज़ी से अंतरंग हो जाता है। शुरुआती एपिसोड्स में यह रिश्ता दर्शकों को किसी रोमांटिक फैंटेसी जैसा लगता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, वैसा ही असहज माहौल भी बनने लगता है। लॉकडाउन की पृष्ठभूमि में शुरू हुआ यह रिश्ता दोनों को एक ही छत के नीचे ले आता है, जहां बाहरी दुनिया से कटे हुए ये दो लोग एक-दूसरे पर पूरी तरह निर्भर हो जाते हैं।
यहीं से कहानी एक खतरनाक मोड़ लेती है। दर्शकों को शुरुआत में ही यह संकेत दे दिया जाता है कि 56 दिनों बाद ऑलिवर के अपार्टमेंट में एक लाश मिलती है। लेकिन वह लाश किसकी है, हत्या किसने की और इन 56 दिनों में ऐसा क्या हुआ जिसने हालात को यहां तक पहुंचाया, यही सवाल पूरी सीरीज़ की रीढ़ बन जाता है। हर एपिसोड में कहानी अतीत और वर्तमान के बीच झूलती रहती है, जिससे सस्पेंस लगातार गहराता जाता है। दर्शक जितना जानने की कोशिश करता है, उतनी ही नई परतें सामने आती हैं।
सियारा का किरदार Dove Cameron ने निभाया है, जो बाहर से शांत, समझदार और भरोसेमंद दिखाई देती है, लेकिन धीरे-धीरे उसके भीतर छिपे डर, असुरक्षा और राज़ सामने आने लगते हैं। वहीं Avan Jogia द्वारा निभाया गया ऑलिवर का किरदार शुरुआत में आकर्षक, केयरिंग और भरोसेमंद लगता है, लेकिन उसके व्यवहार में मौजूद नियंत्रण और रहस्यमय प्रवृत्ति दर्शकों को असहज करने लगती है। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री इस सीरीज़ की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है, जो रिश्ते की खूबसूरती और उसकी भयावहता दोनों को समान प्रभाव के साथ दिखाती है।
56 Days की खास बात यह है कि यह सिर्फ मर्डर मिस्ट्री पर फोकस नहीं करती, बल्कि मानसिक दबाव, अकेलेपन और रिश्तों में बढ़ते कंट्रोल जैसे विषयों को बेहद संवेदनशील तरीके से पेश करती है। लॉकडाउन की स्थिति में जब लोग अपने-अपने घरों तक सीमित थे, उस समय बने रिश्तों की मनोवैज्ञानिक जटिलता को सीरीज़ ने सटीक ढंग से दिखाया है। कहानी यह सवाल उठाती है कि क्या हम किसी को सच में जानते हैं या सिर्फ वही देखते हैं, जो वह हमें दिखाना चाहता है।
सीरीज़ में पुलिस जांच का एंगल भी धीरे-धीरे सामने आता है, जहां हर किरदार संदिग्ध नजर आने लगता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, सियारा और ऑलिवर दोनों के अतीत से जुड़े ऐसे राज़ सामने आते हैं, जो उनके रिश्ते की नींव को हिला देते हैं। हर एपिसोड के अंत में छोड़ा गया क्लिफहैंगर दर्शकों को अगला एपिसोड देखने के लिए मजबूर कर देता है। यही वजह है कि रिलीज़ के बाद बड़ी संख्या में दर्शकों ने इसे एक ही बैठक में खत्म करने की बात कही है।
तकनीकी रूप से भी 56 Days मजबूत सीरीज़ साबित हुई है। सिनेमैटोग्राफी डबलिन के सर्द और उदास माहौल को बखूबी पकड़ती है, जो कहानी के टोन के साथ पूरी तरह मेल खाता है। बैकग्राउंड म्यूज़िक सस्पेंस और बेचैनी को और गहरा करता है, वहीं निर्देशन कहानी को बिना भटकाव के आगे बढ़ाता है। सीरीज़ का स्क्रीनप्ले दर्शकों को बार-बार सोचने पर मजबूर करता है कि सच क्या है और झूठ क्या।
रिलीज़ के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस सीरीज़ को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई क्रिटिक्स ने इसे आधुनिक रोमांटिक थ्रिलर की एक सशक्त मिसाल बताया है, तो वहीं कुछ ने इसकी डार्क थीम और इंटेंस कंटेंट की तारीफ की है। सोशल मीडिया पर दर्शक इस बात पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं कि आखिर 56 दिनों में किस मोड़ पर कहानी ने सबसे चौंकाने वाला रूप लिया। खासतौर पर फिनाले एपिसोड को लेकर बहस तेज़ है, जिसे कई दर्शकों ने दिल दहला देने वाला बताया है।
हॉलीवुड ओटीटी कंटेंट में 56 Days ने यह साबित कर दिया है कि सीमित किरदारों और सीमित लोकेशन के बावजूद अगर कहानी दमदार हो, तो दर्शकों को पूरी तरह बांधा जा सकता है। यह सीरीज़ उन दर्शकों के लिए खास बन गई है, जो रोमांस के साथ-साथ सायकोलॉजिकल थ्रिल और मर्डर मिस्ट्री का मिश्रण देखना पसंद करते हैं। रिलीज़ के कुछ ही दिनों में 56 Days अमेज़न प्राइम वीडियो की चर्चित सीरीज़ में शामिल हो चुकी है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह साल की सबसे यादगार थ्रिलर सीरीज़ में गिनी जाएगी।
कुल मिलाकर, 56 Days सिर्फ 56 दिनों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे, जुनून और अंधेरे की कहानी है, जो कभी-कभी प्यार के नाम पर हमारी जिंदगी में दाखिल हो जाता है और हमें पता भी नहीं चलता कि कब सब कुछ हाथ से निकल गया।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-
