मोदी कैबिनेट का निर्णय : अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, सिडबी को 5000 करोड़ रुपये मिले

मोदी कैबिनेट का निर्णय : अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, सिडबी को 5000 करोड़ रुपये मिले

प्रेषित समय :14:52:31 PM / Wed, Jan 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक विस्तार दिया है और एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए सिडबी में 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी डालने को मंजूरी दी है. सरकार के इस फैसले से 1.12 करोड़ नए रोजगार सृजित होने और 25 लाख से अधिक नए उद्यमियों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार ने बुधवार को दो बड़े और दूरगामी फैसले लिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में जहां एक ओर आम आदमी की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को 2030-31 तक विस्तार दिया गया है, वहीं दूसरी ओर रोजगार सृजन और लघु उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) में 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालने को मंजूरी दी गई है. ये फैसले असंगठित क्षेत्र के कामगारों के भविष्य को सुरक्षित करने और छोटे उद्योगों को सस्ती दरों पर ऋण मुहैया कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

अटल पेंशन योजना से करोड़ों कामगारों को राहत

कैबिनेट ने सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना, अटल पेंशन योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है. इस विस्तार के साथ ही योजना के प्रचार, विकासात्मक गतिविधियों और गैप फंडिंग के लिए वित्तीय सहायता को भी स्वीकृति मिली है.

सिडबी में 5,000 करोड़ की पूंजी, एमएसएमई के लिए बूस्टर डोज

लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को राहत देते हुए सरकार ने सिडबी को 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता देने का फैसला किया है. यह पूंजी वित्तीय सेवा विभाग यानी डीएफएस की ओर से अलग-अलग तीन किस्तों में दी जाएगी.बुधवार को लिए गए ये फैसले संकेत देते हैं कि सरकार का फोकस सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास के दोहरे एजेंडे पर है. अटल पेंशन योजना का विस्तार जहां कमजोर वर्ग को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा, वहीं सिडबी के जरिए पूंजी प्रवाह बढऩे से छोटे उद्योगों को विस्तार करने और नए रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी.