ऑस्कर की रेस से बाहर हुई फिल्म होमबाउंड तो टूटा विशाल जेठवा का दिल, बोले हमारा सपना जरूर टूटा है पर कोशिशें नहीं

ऑस्कर की रेस से बाहर हुई फिल्म होमबाउंड तो टूटा विशाल जेठवा का दिल, बोले हमारा सपना जरूर टूटा है पर कोशिशें नहीं

प्रेषित समय :21:26:33 PM / Fri, Jan 23rd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नीरज घेवान के निर्देशन में बनी और नेटफ्लिक्स पर धूम मचा रही फिल्म 'होमबाउंड' के ऑस्कर की अंतिम नामांकन सूची से बाहर होने की खबर ने भारतीय सिनेमा प्रेमियों और फिल्म की पूरी स्टारकास्ट को मायूस कर दिया है. ईशान खट्टर, जान्हवी कपूर और विशाल जेठवा जैसे सितारों से सजी इस फिल्म को लेकर भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर काफी उम्मीदें लगाई जा रही थीं. धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी और हॉलीवुड के दिग्गज मार्टिन स्कोर्सेसे द्वारा कार्यकारी रूप से निर्मित यह फिल्म 98वें अकादमी पुरस्कारों के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि थी. हालांकि फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में शीर्ष 15 (Shortlist) में जगह बनाकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी, लेकिन अंतिम पांच नामांकन की सूची में स्थान न पा सकना टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है. इस आधिकारिक घोषणा के बाद फिल्म के मुख्य अभिनेता विशाल जेठवा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा कर अपना दर्द और गर्व दोनों बयां किए हैं.

विशाल जेठवा ने इंस्टाग्राम पर फिल्म की एक तस्वीर साझा करते हुए 'होमबाउंड' के साथ हार्टब्रेक इमोजी का इस्तेमाल किया और लिखा कि ऑस्कर नामांकन की दौड़ से बाहर होने ने उस उम्मीद को तोड़ दिया है जिसे पूरी टीम पिछले कई महीनों से अपने साथ लेकर चल रही थी. विशाल ने स्वीकार किया कि इस खबर ने उन्हें भावनात्मक रूप से आहत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने हार को देखने का एक नया नजरिया भी पेश किया. उन्होंने लिखा कि वह मानते हैं कि विफलता तब नहीं होती जब आप हार जाते हैं, बल्कि तब होती है जब आप प्रयास करना ही छोड़ देते हैं. उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि उनकी पूरी टीम ने पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक केवल और केवल 'कोशिश' की. उनके लिए ऑस्कर जैसे प्रतिष्ठित मंच के साथ अपनी फिल्म का नाम जुड़ा देखना और शीर्ष 15 तक पहुंचना ही किसी सपने के सच होने जैसा है. विशाल ने इस सफर के लिए निर्देशक नीरज घेवान, करण जौहर और कास्टिंग डायरेक्टर जोगी सर का आभार व्यक्त करते हुए अपने सह-कलाकारों ईशान और जान्हवी के प्रति भी गहरा प्रेम प्रकट किया है.

फिल्म 'होमबाउंड' की कहानी उत्तर भारतीय गांव के दो गहरे दोस्तों, शोएब और चंदन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखते हैं. फिल्म की गंभीरता इस बात में है कि यह जाति, धर्म, प्रेम और अस्तित्व की लड़ाई को बेहद संजीदगी से दिखाती है. फिल्म में एक मुस्लिम और एक दलित युवक के संघर्षों के माध्यम से भारतीय समाज की उन कड़वी सच्चाइयों को पर्दे पर उतारा गया है जो अक्सर अनदेखी रह जाती हैं. कोविड-19 महामारी की पृष्ठभूमि में सेट यह फिल्म न केवल सामाजिक बाधाओं बल्कि आर्थिक दबावों और व्यक्तिगत संघर्षों की भी एक मर्मस्पर्शी दास्तां है. पिछले साल 26 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से ही फिल्म को समीक्षकों की ओर से जबरदस्त सराहना मिली थी और इसे भारत की सर्वश्रेष्ठ समकालीन फिल्मों में से एक माना गया था. विशाल जेठवा ने अपने पोस्ट के अंत में अपने गुरु शोएब खान के 'गुरु मंत्र' का जिक्र करते हुए ईश्वर को धन्यवाद दिया और संदेश दिया कि वे इस अनुभव से सीखकर आगे बढ़ेंगे.

भले ही 'होमबाउंड' ऑस्कर की ट्रॉफी तक न पहुंच पाई हो, लेकिन वैश्विक मंच पर इस तरह की संवेदनशील कहानी का प्रतिनिधित्व करना ही भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है. नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही इस फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों का ध्यान खींचा है और विशाल जेठवा के अभिनय को खास तौर पर सराहा गया है. फिल्म के बाहर होने से प्रशंसकों में भी उदासी है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग विशाल और उनकी टीम के जज्बे की तारीफ कर रहे हैं. फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि 'होमबाउंड' जैसी फिल्मों का ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट तक पहुंचना यह दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा अब क्षेत्रीय सीमाओं को लांघकर वैश्विक संवेदनाओं को छू रहा है. विशाल की भावुक प्रतिक्रिया ने यह साबित कर दिया है कि भले ही आज उनकी आंखों में आंसू हैं, लेकिन उनके हौसले अब भी बुलंद हैं और वे भविष्य में और भी सशक्त कहानियों के साथ लौटने के लिए तैयार हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-