मुंबई. करियर की ऊंचाइयों और मातृत्व की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना किसी भी महिला के लिए एक बड़ी चुनौती होती है, और बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम भी इससे अछूती नहीं हैं. 'ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे' को दिए एक हालिया इंटरव्यू में यामी ने अपने बेटे के साथ काम के दौरान होने वाले संघर्षों और उस गहरे 'मॉम गिल्ट' (मां होने का पछतावा) पर खुलकर बात की है, जो अक्सर कामकाजी महिलाओं को अपनी गिरफ्त में ले लेता है. अपनी आगामी फिल्म 'हक' (Haq) की शूटिंग के अनुभवों को साझा करते हुए यामी ने बताया कि कैसे एक मां के लिए अपने नन्हे बच्चे को घर छोड़ना या उसे मुश्किल परिस्थितियों में ले जाना कितना 'क्रूर और कठोर' हो सकता है. विभागीय सूत्रों और सोशल मीडिया पर वायरल इंटरव्यू के हवाले से यह खबर सामने आई है कि यामी ने पेशेवर प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए अपनी नींद और मानसिक शांति तक से समझौता किया, जो आज के समय में हर वर्किंग मदर की कहानी बयां करता है.
इस पूरे मामले का विश्लेषणात्मक पहलू यह है कि यामी ने बताया कि 'हक' की शूटिंग के दौरान उनके बेटे को उनके साथ यात्रा करनी थी, लेकिन उनके पति आदित्य धर ने उन्हें पहले हालात का जायजा लेने की सलाह दी. जब यामी लोकेशन पर पहुंचीं, तो उन्होंने पाया कि रहने की जगह से शूटिंग स्पॉट तक का सफर ही एक तरफ से दो घंटे का था और लोकेशंस काफी आंतरिक और दुर्गम क्षेत्रों में थीं. यामी के अनुसार, इतने छोटे बच्चे को ऐसी परिस्थितियों में रखना उसके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा था. यद्यपि अभिनेत्री ने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया, लेकिन अपुष्ट और व्यक्तिगत चर्चाओं के अनुसार उन्होंने कई बार सुबह 5 बजे की फ्लाइट्स पकड़कर काम और बच्चे के बीच की दूरी को पाटने की कोशिश की. यह संघर्ष केवल एक सेलिब्रिटी का नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं का है जो बच्चे के महत्वपूर्ण पलों को खोने के डर और करियर की भागदौड़ के बीच फंसी रहती हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि यामी गौतम का यह बयान समाज में 'मॉम गिल्ट' की चर्चा को फिर से हवा देगा. अक्सर यह माना जाता है कि फिल्मी सितारों के पास सुविधाओं का अंबार होता है, लेकिन यामी की बातों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक मां का दिल हर परिस्थिति में एक जैसा ही धड़कता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक छोटे बच्चे के साथ काम पर लौटना केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी थका देने वाला होता है. विश्वस्त सूत्रों के अनुसार यामी अब अपनी प्रोजेक्ट्स का चुनाव करते समय इस बात का खास ख्याल रख रही हैं कि वे अपने बेटे के लिए भी पर्याप्त समय निकाल सकें. वर्तमान में उनका यह इंटरव्यू इंटरनेट पर काफी चर्चा में है और कई नई मांएं खुद को उनकी स्थिति से जोड़कर देख रही हैं, क्योंकि यह मुद्दा केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं बल्कि एक वैश्विक सामाजिक वास्तविकता है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

