जबलपुर. शहर में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. संभाग क्रमांक 13 में आयोजित चलित कोर्ट की कार्यवाही के दौरान गंदगी पाए जाने पर शहर के तीन प्रसिद्ध रेस्टोरेंट्स पर चालानी कार्रवाई की गई. मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई से पूरे शहर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है. निगम प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
चलित कोर्ट की इस कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट अरुण गोयल ने विधि अधिकारी राजीव अनभोरे और मुख्य स्वच्छता निरीक्षक संदीप पटैल के साथ संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान दरबार रेस्टोरेंट, दाल चीनी रेस्टोरेंट और इंदौर स्वीट्स के किचन और आसपास के परिसर में गंभीर गंदगी पाई गई. खाद्य सामग्री के रख-रखाव में लापरवाही, फर्श और बर्तनों की सफाई में कमी, कचरे के अनुचित निपटान जैसी खामियां सामने आने पर तीनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ मौके पर ही चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 8 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि रेस्टोरेंट्स के किचन में साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. कुछ स्थानों पर खुले में कचरा पड़ा मिला तो कहीं खाद्य सामग्री को अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा गया था. अधिकारियों ने इसे सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ मानते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की. मजिस्ट्रेट अरुण गोयल ने मौके पर मौजूद रेस्टोरेंट संचालकों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि व्यापार के नाम पर लोगों की सेहत से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
कार्रवाई के दौरान नगर निगम का अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. इस मौके पर नगर निगम के विधि अधिकारी राजीव अनभोरे, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक संदीप पटेल, स्वच्छता कर्मी सौरभ, पुलिस प्रशासन से एसआई अभिषेक अपनी टीम के साथ तथा खाद्य विभाग से खाद्य सुरक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे. पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी गई.
मजिस्ट्रेट अरुण गोयल और निरीक्षण टीम ने रेस्टोरेंट संचालकों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि भविष्य में यदि इसी तरह की लापरवाही पाई गई तो केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है. उन्होंने कहा कि शहर में खाने-पीने के प्रतिष्ठानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करें.
निरीक्षण के दौरान टीम ने मौके पर मौजूद सुपरवाइजर्स को भी कड़े निर्देश दिए. अधिकारियों ने कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में रेस्टोरेंट्स, होटल और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए. किसी भी प्रकार की गंदगी या नियमों की अनदेखी सामने आने पर तत्काल रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी एक दिन या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी. आने वाले दिनों में शहर के अन्य संभागों में भी आकस्मिक निरीक्षण और चलित कोर्ट की कार्यवाही जारी रहेगी. निगम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ बनाना और नागरिकों को सुरक्षित व स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है.
इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य रेस्टोरेंट्स और खाद्य प्रतिष्ठानों में भी हलचल देखी जा रही है. कई संचालकों ने आनन-फानन में अपने किचन और परिसरों की सफाई शुरू कर दी है. नगर निगम की इस सख्ती को आम नागरिकों ने भी सकारात्मक कदम बताया है और उम्मीद जताई है कि इससे शहर में स्वच्छता का स्तर बेहतर होगा और खाद्य गुणवत्ता में सुधार आएगा.
नगर निगम प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.