मेरठ के जोड़े ने त्रियुगीनारायण मंदिर में रचाई शादी, भारी बर्फबारी ने बनाया पल को यादगार

मेरठ के जोड़े ने त्रियुगीनारायण मंदिर में रचाई शादी, भारी बर्फबारी ने बनाया पल को यादगार

प्रेषित समय :22:36:46 PM / Sun, Jan 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

त्रियुगीनारायण. देवभूमि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित पवित्र त्रियुगीनारायण मंदिर, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का साक्षी माना जाता है, एक बार फिर एक अनोखी और जादुई शादी का गवाह बना। उत्तर प्रदेश के मेरठ से आए एक नवविवाहित जोड़े के लिए उनका वैवाहिक समारोह तब किसी परीकथा जैसा हो गया, जब शादी की रस्मों के बीच अचानक भारी बर्फबारी शुरू हो गई। प्रकृति के इस अद्भुत उपहार ने न केवल इस विवाह को दिव्य आभा प्रदान की, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इस पल ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। बर्फ की सफेद चादर के बीच लाल लहंगे में सजी दुल्हन और शेरवानी पहने दूल्हे के वीडियो को इंटरनेट पर 'ईश्वर के शादी के उपहार' के रूप में देखा जा रहा है।

अखंड धुनी की साक्षी में सात फेरे और प्रकृति का आशीर्वाद

ठिठुरती ठंड और चारों ओर जमती बर्फ के बीच मेरठ के इस जोड़े ने उसी पवित्र स्थान पर सात फेरे लिए, जहां मान्यता है कि सतयुग में महादेव और मां पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। मंदिर परिसर में जल रही 'अखंड धुनी' (वह अग्नि जो युगों से जल रही है) की साक्षी में जब यह विवाह संपन्न हुआ, तब बाहर का नजारा पूरी तरह बदल चुका था। जैसे ही नवदंपति मंदिर से बाहर निकले, आसमान से गिरते बर्फ के फाहों ने उनका स्वागत किया। इंस्टाग्राम पर महेंद्र सेमवाल द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे भारी बर्फबारी के बीच दूल्हा और दुल्हन संभल-संभल कर कदम रख रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद उनके चेहरों पर जो मुस्कान थी, उसने इस कड़कड़ाती सर्दी को भी फीका कर दिया।

परंपरा और आधुनिकता का संतुलन: जैकेट के साथ दुल्हन का स्वैग

इस शादी की सबसे खास बात दुल्हन का अंदाज रहा। कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए दुल्हन ने अपने पारंपरिक लाल जरी वाले लहंगे के ऊपर एक भारी विंटर जैकेट पहन रखी थी। वहीं, दूल्हे ने भी अपनी शेरवानी के ऊपर जैकेट पहनकर ठंड का मुकाबला किया। वीडियो में एक महिला दुल्हन के लहंगे को जमीन पर जमी बर्फ से बचाने के लिए पीछे से पकड़कर चलती नजर आ रही है। यह दृश्य न केवल मानवीय सहयोग को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब इरादे मजबूत हों और विश्वास अडिग हो, तो मौसम की चुनौतियां भी उत्सव का हिस्सा बन जाती हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स दुल्हन के इस साहसी और गरिमापूर्ण अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

त्रियुगीनारायण मंदिर: विवाह के लिए क्यों है यह पहली पसंद?

केदारनाथ मार्ग पर स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर का आध्यात्मिक महत्व अतुलनीय है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह में स्वयं भगवान विष्णु ने माता पार्वती के भाई की भूमिका निभाई थी और ब्रह्मा जी इस विवाह के पुरोहित थे। मंदिर के भीतर जलने वाली ज्वाला को उसी दिव्य विवाह की अग्नि माना जाता है। यही कारण है कि देशभर से जोड़े यहां आकर अपनी गृहस्थी की शुरुआत करना चाहते हैं। मेरठ के इस जोड़े के लिए भी यहां आना एक सपना था, जो भारी बर्फबारी के बीच किसी अलौकिक अनुभव में बदल गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि शादी के दिन बर्फ गिरना महादेव के प्रसन्न होने और अपना आशीर्वाद देने का संकेत है।

डिजिटल जगत में छाई 'स्नोई वेडिंग'

जैसे ही इस अनोखी शादी का वीडियो वायरल हुआ, प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। मात्र कुछ ही घंटों में हजारों व्यूज बटोरने वाले इस वीडियो पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह शादी जीवन भर याद रहेगी, ऐसा लग रहा है मानो स्वर्ग से फूल बरस रहे हों।" वहीं एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, "प्रभु का आशीर्वाद साक्षात बर्फ के रूप में मिल गया।" कई लोगों ने इसे 'वन्स इन अ लाइफटाइम एक्सपीरियंस' (जीवन में एक बार होने वाला अनुभव) बताया है। आज के दौर में जहां लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विदेशों का रुख करते हैं, वहां मेरठ के इस जोड़े ने अपनी संस्कृति और देवभूमि की पवित्रता को चुनकर एक मिसाल पेश की है।

इस विवाह ने यह भी संदेश दिया है कि खुशियां और यादें आलीशान होटलों से नहीं, बल्कि आस्था, धैर्य और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने से बनती हैं। त्रियुगीनारायण की पहाड़ियों पर गिरती बर्फ के बीच हाथ में हाथ डाले चलते इस जोड़े की तस्वीर 2026 की सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक यादों में दर्ज हो गई है।

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें :https://twitter.com/i/status/2014654162576007601

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-