जबलपुर। एमपी के जबलपुर में सेंट्रल जेल के बंदियों ने अनुपयोगी सामग्री का उपयोग करते हुए 30 फीट ऊंचे डायनासोर का निर्माण किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल व स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित यह कलाकृति कबाड़ में एकत्र सामान से बनाई गई है। इसमें लोहा व प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है।
जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश ने बताया कि इस कलाकृति के निर्माण में पूरी तरह अनुपयोगी और कबाड़ सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसमें पुराने ढहे हुए आवासों से निकला लोहा और जालियां, वाहनों के पुराने टायर, प्लास्टिक की बोतलें, गत्ते के कार्टन व अन्य बेकार सामग्री शामिल है। संरचना को मजबूत और आकर्षक स्वरूप देने के लिए सीमेंट और पुट्टी से फिनिशिंग की गई है। इस परियोजना में जेल के बंदियों के साथ-साथ बाहरी विशेषज्ञों व स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों का भी सहयोग लिया गया। मुख्य डायनासोर के साथ दो छोटे डायनासोर बच्चों की आकृतियां भी बनाई गई हैं। इन्हें पथरीले और बीहड़ जैसे कृत्रिम वातावरण में स्थापित किया गया हैए जिससे पूरा दृश्य बेहद जीवंत और आकर्षक दिखाई देता है। जेल अधीक्षक ने बताया कि जबलपुर जेल में समय-समय पर आगंतुक व लॉ इंटर्न आते रहते हैं। इस रचनात्मक पहल से न केवल जेल परिसर का सौंदर्यीकरण हुआ हैए बल्कि बंदियों के मानसिक विकास और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने में भी मदद मिली है। यह डायनासोर आने वाले समय में जेल परिसर में आने वाले लोगों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।
जबलपुर के सेंट्रल जेल में कबाड़ से जुगाड़,अनुपयोगी लोहे-प्लास्टिक से कैदियों ने बनाया 30 फीट ऊंचा डायनासोर
प्रेषित समय :23:31:38 PM / Mon, Jan 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

