बई. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर शहर में टैक्सी सेवाओं और पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक विदेशी पर्यटक ने आरोप लगाया है कि मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने के तुरंत बाद उसे टैक्सी चालक द्वारा ठगी का शिकार बनाया गया और महज 400 मीटर की दूरी तय करने के लिए उससे 18 हजार रुपये वसूले गए. यह आरोप सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया और लोगों में गुस्सा देखने को मिला.
पीड़ित विदेशी पर्यटक ने यह पूरा मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. अपने पोस्ट में पर्यटक ने बताया कि वह हाल ही में मुंबई पहुंची थी और एयरपोर्ट से एक टैक्सी लेकर हिल्टन होटल जा रही थी. होटल की दूरी महज 400 मीटर बताई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद टैक्सी चालक ने उनसे 200 डॉलर, यानी लगभग 18 हजार रुपये चार्ज कर लिए. पर्यटक का दावा है कि ड्राइवर ने न सिर्फ अत्यधिक किराया वसूला, बल्कि उन्हें पहले एक अज्ञात स्थान पर भी ले जाया गया, जिससे वे डर और असुरक्षा महसूस करने लगीं.
पर्यटक ने अपने पोस्ट में टैक्सी नंबर भी सार्वजनिक किया है. उन्होंने लिखा कि टैक्सी का रजिस्ट्रेशन नंबर MH 01 BD 5405 है. पोस्ट में उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि टैक्सी चालक के साथ एक और व्यक्ति भी मौजूद था, जिसने इस पूरे घटनाक्रम में भूमिका निभाई. उनके अनुसार, पहले उन्हें सीधे होटल न ले जाकर किसी अनजान जगह घुमाया गया और फिर होटल छोड़ते समय भारी-भरकम रकम वसूली गई.
इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने इसे मुंबई जैसे अंतरराष्ट्रीय शहर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया और टैक्सी चालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. कुछ लोगों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं विदेशी पर्यटकों के मन में भारत को लेकर नकारात्मक छवि बनाती हैं, जबकि सरकार और प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने की बात करते हैं.
मामला वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने भी इस पर संज्ञान लिया. मुंबई पुलिस के आधिकारिक अकाउंट से पर्यटक के पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा गया कि पुलिस ने उन्हें फॉलो कर लिया है और उनसे संपर्क विवरण डायरेक्ट मैसेज में साझा करने का अनुरोध किया गया है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई की है या नहीं.
सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि केवल संपर्क विवरण मांग लेना काफी नहीं है, बल्कि दोषी टैक्सी चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर एयरपोर्ट टैक्सी सेवाओं की निगरानी क्यों नहीं की जाती और कैसे ऐसे चालक पर्यटकों को खुलेआम ठगने में सफल हो जाते हैं.
मुंबई जैसे महानगर में टैक्सी और कैब सेवाएं यात्रियों की पहली पसंद मानी जाती हैं, खासकर विदेशी पर्यटकों के लिए. ऐसे में इस तरह की घटना न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि शहर की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाती है. इससे पहले भी कई बार विदेशी और घरेलू पर्यटकों द्वारा टैक्सी चालकों पर अधिक किराया वसूलने, गलत रास्तों पर ले जाने और डराने-धमकाने जैसे आरोप लगाए जा चुके हैं.
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं भारत के पर्यटन उद्योग के लिए बेहद नुकसानदायक हैं. एक पर्यटक का खराब अनुभव सैकड़ों संभावित पर्यटकों को देश आने से रोक सकता है, क्योंकि सोशल मीडिया के दौर में ऐसी खबरें तेजी से फैलती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट से जुड़ी टैक्सी सेवाओं पर विशेष निगरानी और कड़े नियम लागू किए जाने की जरूरत है.
वहीं, आम नागरिकों का भी कहना है कि इस तरह की ठगी सिर्फ विदेशी पर्यटकों के साथ ही नहीं, बल्कि कई बार स्थानीय यात्रियों के साथ भी होती है. फर्क सिर्फ इतना है कि विदेशी पर्यटक का मामला सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ जाता है. लोगों ने मांग की है कि टैक्सी किराए को लेकर पारदर्शी व्यवस्था हो और डिजिटल भुगतान व मीटर सिस्टम को सख्ती से लागू किया जाए.
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मुंबई जैसे बड़े शहर में आने वाले पर्यटक खुद को सुरक्षित महसूस कर पा रहे हैं. सरकार और प्रशासन जहां एक ओर भारत को ‘टूरिस्ट फ्रेंडली’ देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं इस तरह की घटनाएं उन दावों को कमजोर करती नजर आती हैं.
फिलहाल, सभी की निगाहें मुंबई पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं. लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या आरोपी टैक्सी चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और क्या उसे सजा मिलेगी. साथ ही यह उम्मीद भी की जा रही है कि प्रशासन इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी ठगी की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा.
इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि महानगरों में पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर अभी भी गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं. अगर समय रहते इन पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इसका असर न सिर्फ पर्यटन पर पड़ेगा, बल्कि देश की वैश्विक छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
वीडियो देखें : https://x.com/ArgentinaAriano/status/2015714947456770383/photo/1
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

