ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 का फाइनल सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम मुकाबला नहीं है, बल्कि यह टेनिस की दो पीढ़ियों के बीच चल रही सबसे दिलचस्प जंग का अगला अध्याय है। एक ओर 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच हैं, जिनका अनुभव, मानसिक मजबूती और कोर्ट पर पढ़ने की क्षमता उन्हें आज भी सबसे खतरनाक खिलाड़ी बनाती है, वहीं दूसरी ओर कार्लोस अल्कराज हैं, जो युवा जोश, तेज़ मूवमेंट और अप्रत्याशित शॉट्स के दम पर नई पीढ़ी का चेहरा बन चुके हैं। लेकिन रविवार को होने वाले फाइनल से पहले हालात कुछ ऐसे बनते दिख रहे हैं, जहां जोकोविच खुद को अल्कराज पर भारी मानने का पूरा कारण रखते हैं।
जैनिक सिनर के खिलाफ सेमीफाइनल में खेले गए पांच सेटों के मैराथन मुकाबले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जोकोविच को समय से पहले आंकना उनकी सबसे बड़ी गलती रही है। जिस खिलाड़ी को कई विशेषज्ञ बीते दो वर्षों से ‘ढलान पर’ मान रहे थे, उसी जोकोविच ने दुनिया के सबसे पावरफुल और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर मात दे दी। मैच के बाद जोकोविच का बयान उनके आत्मविश्वास को साफ बयां करता है, जहां उन्होंने आलोचकों को ही अपनी प्रेरणा बताया और यह जताया कि उन्हें अपनी क्षमताओं पर कोई शक नहीं है।
कार्लोस अल्कराज भले ही इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे हों, लेकिन उनकी खेल शैली और जैनिक सिनर की खेल शैली में बुनियादी अंतर है। सिनर जहां बेसलाइन से लगातार तेज़ और भारी शॉट्स खेलते हैं, वहीं अल्कराज का खेल ज्यादा चतुराई, विविधता और अचानक किए गए बदलावों पर आधारित है। यही वह पहलू है, जिसे जोकोविच पहले भी कई बार बेअसर कर चुके हैं। जोकोविच की रिटर्न गेम, डिफेंस से अटैक में बदलने की क्षमता और लंबे रैलियों में धैर्य, अल्कराज की आक्रामक लेकिन जोखिम भरी रणनीति को तोड़ सकती है।
पिछले कुछ मुकाबलों में यह साफ देखा गया है कि जब जोकोविच अल्कराज के ड्रॉप शॉट्स और एंगल्स को पढ़ने लगते हैं, तो युवा स्पेनिश खिलाड़ी पर दबाव बढ़ने लगता है। जोकोविच गेंद को कोर्ट में गहराई तक वापस भेजते हैं, जिससे अल्कराज को बार-बार अतिरिक्त शॉट खेलने पड़ते हैं। फाइनल जैसे बड़े मंच पर, जहां हर गलती की कीमत भारी होती है, यह दबाव निर्णायक साबित हो सकता है।
एक और बड़ा फैक्टर है जोकोविच का ऑस्ट्रेलियन ओपन रिकॉर्ड। मेलबर्न पार्क की हार्ड कोर्ट पर उन्होंने खुद को लगभग अजेय साबित किया है। यह कोर्ट उनकी मूवमेंट, स्लाइडिंग और रिटर्निंग स्किल्स के लिए सबसे मुफीद मानी जाती है। अल्कराज भले ही युवा हैं और फिटनेस उनकी ताकत है, लेकिन ग्रैंड स्लैम फाइनल का मानसिक दबाव अनुभव के सामने अक्सर फीका पड़ जाता है।
हालांकि जोकोविच ने सेमीफाइनल में पांच सेट का लंबा मैच खेला, लेकिन टूर्नामेंट में कुल कोर्ट टाइम के लिहाज़ से उन्होंने अपेक्षाकृत कम समय बिताया है। इसके अलावा, जोकोविच की रिकवरी क्षमता और बड़े मैचों से पहले खुद को मानसिक रूप से रीसेट करने की कला जगजाहिर है। वह कई बार साबित कर चुके हैं कि थकान उनके लिए उतनी बड़ी बाधा नहीं होती, जितनी दूसरे खिलाड़ियों के लिए।
अल्कराज के लिए यह मुकाबला खुद को ‘नई पीढ़ी का निर्विवाद बादशाह’ साबित करने का मौका है, लेकिन जोकोविच के सामने यह लड़ाई सिर्फ एक और ट्रॉफी जीतने की नहीं है। यह उनके करियर, उनकी विरासत और उन तमाम आलोचनाओं का जवाब है, जिन्होंने उन्हें समय से पहले खत्म मान लिया था। सिनर के खिलाफ जीत ने यह साफ कर दिया कि जोकोविच अब भी बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं और जब दांव सबसे ऊंचा होता है, तब उनका सर्वश्रेष्ठ रूप सामने आता है।
रविवार का फाइनल इसलिए और खास हो जाता है क्योंकि यह सिर्फ तकनीक या ताकत की टक्कर नहीं है, बल्कि अनुभव बनाम युवा चतुराई की परीक्षा है। अल्कराज के पास दर्शकों को रोमांचित करने की क्षमता है, लेकिन जोकोविच के पास मैच को नियंत्रित करने की कला है। यही कला उन्हें अल्कराज के खिलाफ बढ़त दिला सकती है।
अगर जोकोविच शुरुआती सेटों में मैच की गति अपने हिसाब से तय करने में कामयाब हो जाते हैं, लंबी रैलियों में अल्कराज को उलझाते हैं और उनके आक्रामक मूव्स को मजबूरी में बदल देते हैं, तो ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में एक और ऐतिहासिक खिताब उनके नाम होता दिख सकता है। टेनिस की दुनिया रविवार को सिर्फ एक चैंपियन नहीं देखेगी, बल्कि यह भी तय होगा कि अनुभव का ताज अभी पूरी तरह उतरा नहीं है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

