जबलपुर. मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बजट वर्ष 2026–27 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इसी बीच शहर को लेकर एक बड़ी उम्मीद सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक आगामी बजट में जबलपुर के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर परियोजना को शामिल किए जाने पर गंभीर मंथन चल रहा है. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बजट पूर्व चर्चाओं और विभागीय प्रस्तावों के आधार पर यह मुद्दा शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
जबलपुर, जो मध्य प्रदेश का एक प्रमुख प्रशासनिक, न्यायिक और शैक्षणिक केंद्र है, पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव की समस्या से जूझ रहा है. शहर की सड़कों पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि सड़क ढांचा उसी अनुपात में विकसित नहीं हो पाया है. इसके चलते प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर दिन के अधिकांश समय जाम की स्थिति बनी रहती है. इस समस्या के समाधान के लिए लंबे समय से फ्लाईओवर निर्माण की मांग उठती रही है.
बजट की तैयारियों के दौरान लोक निर्माण विभाग और शहरी विकास से जुड़े विभागों द्वारा जबलपुर की यातायात व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है. इन रिपोर्टों में शहर के उन इलाकों को चिन्हित किया गया है जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे अधिक रहता है और जहां फ्लाईओवर या एलिवेटेड रोड की आवश्यकता महसूस की जा रही है. इन्हीं प्रस्तावों के आधार पर 300 करोड़ रुपये के संभावित फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को बजट में स्थान मिलने की संभावना जताई जा रही है.
शहर के जानकारों का कहना है कि यदि यह प्रस्ताव बजट में शामिल होता है, तो यह जबलपुर के शहरी ढांचे के लिए एक बड़ा कदम साबित हो सकता है. फ्लाईओवर बनने से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी, बल्कि शहर के भीतर आवागमन भी अधिक सुचारू हो सकेगा. रोजाना ऑफिस, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जाने वाले हजारों लोगों को समय की बचत का लाभ मिलेगा.
व्यापारिक दृष्टि से भी इस प्रस्ताव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जबलपुर के कई प्रमुख बाजार और व्यावसायिक क्षेत्र ट्रैफिक जाम से बुरी तरह प्रभावित रहते हैं. जाम के कारण ग्राहक बाजार तक पहुंचने से बचते हैं, जिससे व्यापार पर असर पड़ता है. फ्लाईओवर के निर्माण से बाजारों तक पहुंच आसान होने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
बजट तैयारियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सरकार सभी जिलों और प्रमुख शहरों से आए विकास प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही है. अंतिम निर्णय बजट पेश किए जाने के समय ही सामने आएगा. ऐसे में जबलपुर के फ्लाईओवर को लेकर अभी केवल संभावना और प्रस्ताव की स्थिति है, न कि कोई अंतिम स्वीकृति.
राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज है. स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार यह मांग उठा रहे हैं कि जबलपुर जैसे बड़े शहर को यातायात सुधार के लिए विशेष बजटीय प्रावधान मिलना चाहिए. उनका तर्क है कि यदि समय रहते ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं.
सोशल मीडिया पर भी बजट पूर्व चर्चाओं के बीच जबलपुर फ्लाईओवर का मुद्दा उभरकर सामने आया है. फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग उम्मीद जता रहे हैं कि इस बार के बजट में शहर को कोई ठोस राहत मिले. हालांकि कई लोग यह भी कह रहे हैं कि केवल प्रस्ताव नहीं, बल्कि समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण क्रियान्वयन ही असली परीक्षा होगी.
एमपी बजट 2026–27 की तैयारियों के बीच जबलपुर को 300 करोड़ रुपये के फ्लाईओवर की उम्मीद ने शहरवासियों की नजरें बजट पर टिका दी हैं. अब यह देखना होगा कि सरकार इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देती है या नहीं. यदि यह योजना बजट में शामिल होती है, तो जबलपुर के लिए यह ट्रैफिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

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