नीना गुप्ता ने चेताया युवा अभिनेत्रियों को शुरुआत में कॉमेडी से बचने की सलाह

नीना गुप्ता ने चेताया युवा अभिनेत्रियों को शुरुआत में कॉमेडी से बचने की सलाह

प्रेषित समय :21:55:44 PM / Mon, Feb 2nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

अभिनेत्री नीना गुप्ता ने हाल ही में अपने करियर के अनुभवों को साझा करते हुए युवा अभिनेत्रियों को शुरुआती कॉमिक भूमिकाओं से सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी शुरुआती कॉमेडी भूमिका ने उनकी छवि को टाइपकास्ट कर दिया और मुख्य भूमिकाओं में आने के रास्ते पर लंबे समय तक असर डाला।

नीना गुप्ता ने बातचीत में कहा कि अगर कोई अभिनेत्री मुख्य नायिका बनना चाहती है, तो शुरुआत में कॉमिक रोल लेना सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि कॉमिक भूमिकाएं दर्शकों में लोकप्रिय हो सकती हैं, लेकिन यह कलाकार को एक निश्चित छवि में बांध सकती हैं और बाद में गंभीर या प्रमुख भूमिकाओं में काम पाना मुश्किल कर सकती है।

उन्होंने अपने करियर का उदाहरण देते हुए 1982 की फिल्म ‘साथ-साथ’ का जिक्र किया। इस फिल्म में उन्होंने चश्मा पहने और सब कुछ जान लेने वाली लड़की का किरदार निभाया, जो दर्शकों में बेहद लोकप्रिय हुआ। नीना गुप्ता ने इसे अपने करियर का सबसे बड़ा "डिजास्टर" बताया, न इसलिए कि फिल्म असफल रही, बल्कि इसलिए कि उनकी भूमिका की लोकप्रियता ने उन्हें टाइपकास्ट कर दिया। इस कारण फिल्म निर्माताओं ने उन्हें मुख्य नायिका की भूमिका देने में हिचक महसूस की।

फिल्म की प्रीमियर पार्टी में प्रसिद्ध नाटककार और निर्देशक गिरीश कर्नाड ने bluntly कहा था, "अब तुम्हारा करियर खत्म है। तुम्हें कभी हीरोइन रोल नहीं मिलेगा।" नीना गुप्ता ने बताया कि उन्होंने इस भूमिका के कारण कम से कम आठ और ऐसी ही भूमिकाएं निभाईं।

नीना गुप्ता ने अन्य कलाकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि मेह्मूद या सुनील ग्रोवर जैसे अच्छे दिखने वाले और प्रतिभाशाली कलाकारों को भी मुख्य भूमिका मिलने में मुश्किल हुई। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बदलाव दिखाई देने लगे हैं, जैसे कपिल शर्मा को फिल्मों में अवसर मिलना।

नीना गुप्ता आज भी ‘पंचायत’, ‘मसाबा मसाबा’, ‘ऊँचाई’, और ‘वध 2’ जैसी परियोजनाओं में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा पा रही हैं। उनके अभिनय को कई राष्ट्रीय पुरस्कारों और Filmfare Awards सहित अन्य सम्मान मिल चुके हैं।

नीना गुप्ता की यह सलाह युवा अभिनेत्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो करियर की शुरुआत में लोकप्रियता और अवसर के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि करियर में सही निर्णय और भूमिका का चुनाव कितने महत्वपूर्ण होते हैं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-