मुंबई। पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान 15 फरवरी को भारत के खिलाफ अपने ग्रुप स्टेज मैच से बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है, जिससे क्रिकेट जगत में नई बहस छिड़ गई है। इस फैसले पर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने तीखी प्रतिक्रिया दी और पाकिस्तान की इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, “वे कौन होते हैं जो तय करें कि खेलेंगे या नहीं। भारत को स्पष्ट कहना चाहिए था कि हम आपके साथ नहीं खेलना चाहते।”
वारिस पठान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “ये वही आतंकी थे जिन्होंने हमारे निर्दोष, असहाय पर्यटकों को धर्म के नाम पर मौत के घाट उतारा। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत उनके शिविरों को तबाह किया। ऐसे लोग कैसे यह तय कर सकते हैं कि हम खेलेंगे या नहीं?” पठान ने अपने बयान में पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया।
पाकिस्तान सरकार ने अपने इस निर्णय का कोई औपचारिक कारण नहीं बताया। वहीं, भारतीय टीम वर्ल्ड कप से पहले शानदार फॉर्म में है और न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से जीत चुकी है।
इस मामले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने चेतावनी दी कि किसी भी टीम का चयनात्मक रूप से हिस्सा न लेना टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और खेल की निष्पक्षता को प्रभावित करता है। ICC ने कहा कि PCB को सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करते हुए एक आपसी समाधान निकालना चाहिए। ICC ने स्पष्ट किया कि टूर्नामेंट में सभी योग्य टीमों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खेलना अनिवार्य है, और चयनात्मक भागीदारी खेल की मूल भावना के खिलाफ है।
BCCI ने भी पाकिस्तान के इस बहिष्कार पर प्रतिक्रिया दी। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि ICC ने खेल भावना पर बड़ा बयान जारी किया है और BCCI पूरी तरह से ICC के साथ है। शुक्ला ने कहा, “हम ICC से बातचीत के बाद ही किसी कदम पर विचार करेंगे। अभी तक BCCI कोई टिप्पणी नहीं करेगा।”
इतिहास में भारत और पाकिस्तान के बीच ICC टी20 वर्ल्ड कप में आठ बार मुकाबला हुआ है, जिसमें भारत का रिकॉर्ड 7-1 के पक्ष में रहा है। वर्ल्ड कप का आगाज 7 फरवरी से हो रहा है और पाकिस्तान के बहिष्कार के निर्णय ने टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले ही क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच बहस का माहौल पैदा कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम से क्रिकेट जगत में राजनीतिक और खेल दोनों तरह की चुनौतियां सामने आई हैं। भारत की टीम ने अपनी तैयारी और फॉर्म बनाए रखी है, जबकि पाकिस्तान के बहिष्कार ने ICC और BCCI के बीच अंतरराष्ट्रीय नियमों और खेल नीति पर गंभीर चर्चा शुरू कर दी है।