आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज एरॉन जॉर्ज ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में एरॉन जॉर्ज ने मैच जिताऊ शतक जड़ते हुए भारत को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई, जहां अब टीम इंडिया का सामना इंग्लैंड से होगा। 19 वर्षीय एरॉन जॉर्ज ने दबाव की स्थिति में संयम और शानदार तकनीक का परिचय देते हुए 104 गेंदों में 115 रन की पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।
अफगानिस्तान द्वारा दिए गए 311 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 41.1 ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया और 59 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की। इस जीत में एरॉन जॉर्ज की पारी सबसे अहम रही। उन्होंने पूरे मैच के दौरान जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूती दी। जब शुरुआती बल्लेबाजों के आउट होने के बाद टीम दबाव में नजर आ रही थी, तब एरॉन ने धैर्य और समझदारी के साथ पारी को संभाला और जीत की मजबूत नींव रखी। उनके साथ वैभव सूर्यवंशी ने 68 रन और कप्तान आयुष म्हात्रे ने 62 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूती दी। वहीं उपकप्तान विहान मल्होत्रा ने 47 गेंदों में 38 रन बनाकर एरॉन का अच्छा साथ निभाया।
एरॉन जॉर्ज की इस शतकीय पारी ने उन्हें टूर्नामेंट का बड़ा सितारा बना दिया है। खास बात यह है कि टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में उनका प्रदर्शन साधारण रहा था। उन्होंने पहले मैचों में 7, 23 और 16 रन बनाए थे, लेकिन सेमीफाइनल में खेली गई उनकी यह पारी उनके आत्मविश्वास और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि एरॉन जॉर्ज में भविष्य में भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बनने की पूरी क्षमता नजर आती है।
एरॉन जॉर्ज का जन्म 2006 में केरल के कोट्टायम में हुआ था, लेकिन उनका पालन-पोषण हैदराबाद में हुआ। उनके पिता ईसो वर्गीस केरल के मावेलिकारा क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं और वह जिला स्तर के क्रिकेटर भी रह चुके हैं। बाद में उन्होंने हैदराबाद पुलिस में सब इंस्पेक्टर के रूप में सेवाएं दीं। उनकी मां प्रीति वर्गीस गणित विषय की पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षिका हैं। एरॉन के जन्म के कुछ समय बाद ही उनका परिवार हैदराबाद शिफ्ट हो गया, जहां से उनकी क्रिकेट यात्रा की शुरुआत हुई।
एरॉन जॉर्ज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई हैदराबाद के दिल्ली पब्लिक स्कूल, नाचरम से पूरी की। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट का शौक था और उन्होंने सबसे पहले अपने घर के लिविंग रूम में क्रिकेट खेलना शुरू किया। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए माता-पिता ने उन्हें सात साल की उम्र में हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के कैंप में दाखिला दिलाया। इसके बाद आठ साल की उम्र में उन्होंने बीजू नायर की देखरेख में क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण लिया। यहीं से उनके क्रिकेट करियर को सही दिशा मिली।
हालांकि एरॉन जॉर्ज हैदराबाद में पले-बढ़े, लेकिन उनकी केरल की जड़ें आज भी उनकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अक्सर उन्हें कोट्टायम या केरल से जुड़ा खिलाड़ी बताया जाता है। उनके परिवार और जन्मस्थान की वजह से केरल से उनका जुड़ाव हमेशा चर्चा में रहता है, लेकिन उनकी क्रिकेट ट्रेनिंग और करियर का विकास पूरी तरह हैदराबाद में हुआ है।
एरॉन जॉर्ज ने घरेलू क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने हैदराबाद की अंडर-16 और अंडर-19 टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। पहली बार वह तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने 2022-23 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में बिहार के खिलाफ नाबाद 303 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इसके बाद उन्होंने विनू मांकड़ ट्रॉफी 2023-24 और 2024-25 सीजन में हैदराबाद के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए। इन दोनों सीजन में उन्होंने क्रमशः 341 और 373 रन बनाए।
साल 2025 एरॉन जॉर्ज के करियर के लिए बेहद खास साबित हुआ। उन्होंने हैदराबाद टीम की कप्तानी करते हुए विनू मांकड़ ट्रॉफी का खिताब जिताया और राज्य के 38 साल पुराने इंतजार को खत्म किया। इसी वर्ष उन्होंने एशिया कप 2025 में भारतीय अंडर-19 टीम के लिए डेब्यू किया, जहां उन्होंने चार मैचों में 76 की औसत से 228 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
एशिया कप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें अंडर-19 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह मिली। विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए यूथ वनडे सीरीज में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और तीन मैचों में 143 रन बनाए, जिसमें एक शतक भी शामिल था। इन लगातार अच्छे प्रदर्शनों की वजह से उनसे विश्व कप में काफी उम्मीदें थीं।
हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत में एरॉन जॉर्ज अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए, लेकिन सेमीफाइनल में उनकी शतकीय पारी ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मुकाबलों के खिलाड़ी हैं। उनकी बल्लेबाजी शैली में धैर्य, तकनीक और सही समय पर आक्रामकता का संतुलन देखने को मिलता है, जो किसी भी सफल अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज की पहचान होती है।
भारतीय टीम अब फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड का सामना करने के लिए तैयार है और एरॉन जॉर्ज से एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। उनके हालिया प्रदर्शन ने न केवल टीम को मजबूती दी है, बल्कि भारतीय क्रिकेट को एक नया भविष्य का सितारा भी दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का मानना है कि अगर एरॉन इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो आने वाले समय में वह भारतीय सीनियर टीम का अहम हिस्सा बन सकते हैं।
अंडर-19 विश्व कप 2026 में एरॉन जॉर्ज की शानदार पारी ने यह दिखा दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और यह युवा बल्लेबाज आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा नाम बन सकता है।,
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