जबलपुर में जमकर हो रही गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, ग्राहक बनकर पहुंचे अधिकारी, 12 एजेंसियों को नोटिस जारी

जबलपुर में जमकर हो रही गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, ग्राहक बनकर पहुंचे अधिकारी, 12 एजेंसियों को नोटिस जारी

प्रेषित समय :16:27:59 PM / Thu, Feb 5th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. जबलपुर कलेक्टर कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि घरेलू गैस सिलेंडर तय दर से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं. शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर जांच कराई गईए जिसमें सामने आया कि शहर की कई रसोई गैस एजेंसियां ग्राहकों से प्रति सिलेंडर 150 से 200 रुपए तक अधिक वसूली कर रही हैं.

शुरुआती जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्राहक बनाकर गैस एजेंसियों में भेजा. जांच अधिकारी खाली सिलेंडर लेकर एजेंसियों पर पहुंचे और भरे हुए सिलेंडर की मांग की. इस दौरान न केवल अधिक राशि वसूल की गईए बल्कि पूरे मामले के वीडियो भी बनाए गएए जिन्हें बाद में कलेक्टर को सौंपा गया. जांच में यह पाया गया कि शहर की 12 गैस एजेंसियों द्वारा निर्धारित दर 860 रुपए के स्थान पर 1000 से 1100 रुपए तक लेकर घरेलू गैस सिलेंडर बेचे गए. इतना ही नहीं, गैर-पंजीकृत उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर उपलब्ध कराए गए. भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया गया, जिसका रिकॉर्ड भी जांच दल के पास है.

कलेक्टर ने दोषी पाए गए सभी 12 रसोई गैस वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की जाएगी. दरअसल जिन लोगो के पास गैस की बुक है, उनके पास समय पर सिलेंडर नहीं पहुंच रहा था, पता किया तो जानकारी लगी कि सिलेंडर के अधिक रुपए लेकर ब्लेक किया जा रहा है. शिकायत की कलेक्टर ने जांच करवाई तो सहीं पाया. जिसके बाद एक अभियान के तहत एक साथ 12 स्थान पर अधिकारियों को ग्राहक बनाकर भेजाए जहां देखा गया कि बिना बुक के सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है.  

कलेक्टर द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस में उल्लेख किया गया है कि गैस एजेंसी संचालकों एवं उनके कर्मचारियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी कर अधिक लाभ कमाने का प्रयास किया गया है. जो कि द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 की कंडिका 3(3) 4(2) 9(घ) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 सहपठित धारा 7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है. कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि घरेलू रसोई गैस के दुरुपयोग और व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-