नकल पर लगेगी टेक्नोलॉजी की सख्त पहरेदारी, यूपी बोर्ड परीक्षा में पहली बार जैमर से बंद होगी मोबाइल की पहुंच

नकल पर लगेगी टेक्नोलॉजी की सख्त पहरेदारी, यूपी बोर्ड परीक्षा में पहली बार जैमर से बंद होगी मोबाइल की पहुंच

प्रेषित समय :22:31:15 PM / Fri, Feb 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को पूरी तरह नकलमुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए इस बार अभूतपूर्व तकनीकी व्यवस्था लागू की जा रही है.

पहली बार बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क को बाधित करने के लिए जैमर का उपयोग किया जाएगा. परिषद ने इस कदम को परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है. यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेंगी और इस वर्ष लाखों विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे.

बोर्ड द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इस बार जैमर लगाने का निर्णय पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया गया है. प्रदेश के कुल 8033 परीक्षा केंद्रों में से 20 केंद्रों का चयन कर वहां जैमर लगाए जाएंगे. परिषद ने इन केंद्रों की सूची गोपनीय रखी है ताकि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे. अधिकारियों का कहना है कि जैमर के प्रयोग से परीक्षा केंद्र के भीतर से मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह बंद हो जाएगा, जिससे प्रश्नपत्र या उत्तर पुस्तिका से जुड़ी किसी भी जानकारी को व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाहर भेजना संभव नहीं होगा.

परीक्षा को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. यूपी बोर्ड पहले ही पिछले कुछ वर्षों में कई नई व्यवस्थाएं लागू कर चुका है. वर्ष 2025 से प्रश्नपत्रों में केंद्रवार कोडिंग की व्यवस्था शुरू की गई, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर उसकी तुरंत पहचान की जा सके. वर्ष 2023 से प्रश्नपत्रों को चार लेयर में पैक किया जाने लगा है ताकि पेपर लीक की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके. इसके अलावा 2024 से प्रश्नपत्रों की निगरानी के लिए मुख्यालय और पांच क्षेत्रीय कार्यालयों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां 24 घंटे परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखी जाती है.

बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विद्यार्थियों को सिली हुई आंसर शीट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी जारी रखी जाएगी. इस व्यवस्था के जरिए उत्तर पुस्तिका में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना को समाप्त करने की कोशिश की गई है. परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती भी की जाएगी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित रहे.

यूपी बोर्ड का यह कदम देश की अन्य प्रतिष्ठित परीक्षाओं से प्रेरित माना जा रहा है. संघ लोक सेवा आयोग अपनी सिविल सेवा परीक्षा सहित कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पहले से जैमर का उपयोग करता रहा है. कर्मचारी चयन आयोग भी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में जैमर का प्रयोग कर चुका है. बोर्ड का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में प्रदेश के अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी जैमर लगाए जा सकते हैं.

परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 15 कार्य दिवसों में संपन्न कराई जाएंगी. बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ विद्यार्थियों को सुविधाजनक माहौल देने पर भी जोर दिया है ताकि छात्र बिना किसी तनाव और दबाव के परीक्षा दे सकें. शिक्षा विभाग का कहना है कि तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना और मेहनती विद्यार्थियों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करना है.

परीक्षा परिणाम को लेकर भी बोर्ड ने संभावित समयसीमा तय कर दी है. अधिकारियों के अनुसार यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक घोषित किए जा सकते हैं. बोर्ड परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया को भी तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रहा है.

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में तकनीक का बढ़ता उपयोग भविष्य में नकल और पेपर लीक जैसी समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को तकनीकी सख्ती से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि इसे निष्पक्ष परीक्षा के रूप में देखना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की व्यवस्था से शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों मजबूत होती हैं.

यूपी बोर्ड द्वारा परीक्षा में जैमर के प्रयोग को शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इससे न केवल परीक्षा की गोपनीयता सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी बल्कि छात्रों और अभिभावकों का बोर्ड परीक्षाओं पर विश्वास भी और मजबूत होने की उम्मीद है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-