वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी से भारत बना अंडर 19 विश्व चैंपियन रिकॉर्ड, छठी बार जीता खिताब

वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी से भारत बना अंडर 19 विश्व चैंपियन रिकॉर्ड, छठी बार जीता खिताब

प्रेषित समय :20:54:48 PM / Fri, Feb 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करते हुए आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 का खिताब शानदार अंदाज में अपने नाम कर लिया. भारत ने फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी जीत ली. भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत में 14 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी ने निर्णायक भूमिका निभाई. सूर्यवंशी ने फाइनल में मात्र 80 गेंदों पर 175 रन बनाकर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए.

फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड के सामने 412 रन का विशाल लक्ष्य रखा. भारतीय टीम की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. उनकी पारी में चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली. सूर्यवंशी की इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया.

वैभव सूर्यवंशी को कप्तान आयुष म्हात्रे का भी शानदार साथ मिला. आयुष म्हात्रे ने महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई साझेदारी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी. भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 411 रन बनाकर फाइनल में मजबूत पकड़ बना ली थी.

विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम ने शुरुआत में संघर्षपूर्ण लेकिन आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी की. इंग्लैंड के दोनों ओपनरों ने टीम को मजबूत शुरुआत देने की कोशिश की. बल्लेबाज बेन डॉकिन्स ने शानदार अर्धशतक लगाकर इंग्लैंड की उम्मीदों को जीवित रखा. इसके बाद कैलिब फाल्कनर ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए केवल 66 गेंदों में 115 रन बनाए और भारतीय गेंदबाजों को चुनौती दी.

हालांकि इंग्लैंड की टीम आवश्यक रन रेट को लंबे समय तक नियंत्रण में रखने में सफल रही, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से उनकी पारी कमजोर पड़ती चली गई. भारतीय गेंदबाजों ने सामूहिक प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा. अंततः इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 100 रन से जीत लिया.

इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्व कप में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए छठा खिताब अपने नाम कर लिया. इससे पहले भारत इस टूर्नामेंट को कई बार जीत चुका है और युवा क्रिकेट में भारत की मजबूत पकड़ एक बार फिर साबित हुई है. भारत ने पिछली बार यह खिताब वर्ष 2022 में जीता था.

भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे भी इस जीत के साथ खास उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं. उन्होंने अंडर-19 विश्व कप जीतने वाले कप्तानों की सूची में विराट कोहली और उन्मुक्त चंद जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ अपना नाम दर्ज करा लिया है. मैच के बाद कप्तान म्हात्रे ने टीम के सामूहिक प्रयास और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को जीत का मुख्य कारण बताया.

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय क्रिकेट की मजबूत घरेलू संरचना, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की बड़ी संख्या, आधुनिक कोचिंग सुविधाएं और युवाओं में खेल के प्रति बढ़ता जुनून इस सफलता की बड़ी वजह है. भारत में क्रिकेट को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिलता है, जिसका परिणाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मिल रही सफलताओं के रूप में सामने आ रहा है.

वैभव सूर्यवंशी की पारी को इस टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में शामिल किया जा रहा है. इतनी कम उम्र में उनके द्वारा खेली गई यह विस्फोटक पारी भारतीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर उम्मीदें और मजबूत करती है. उनकी बल्लेबाजी शैली और आत्मविश्वास ने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया है.

भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है. क्रिकेट प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर युवा खिलाड़ियों की जमकर सराहना की है. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस जीत से भारतीय क्रिकेट को भविष्य के कई सितारे मिलने की संभावना है.

आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारत की यह जीत न केवल टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट की मजबूत नींव और भविष्य की संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर सामने आई है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-