सागर में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, जबलपुर जा रहे ट्रक से 1100 पेटी शराब गायब

सागर में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, जबलपुर जा रहे ट्रक से 1100 पेटी शराब गायब

प्रेषित समय :19:07:49 PM / Sat, Feb 7th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. मध्यप्रदेश में अवैध शराब परिवहन और हेराफेरी के एक बड़े मामले का खुलासा उस समय हुआ जब रायरू डिस्टिलरी से जबलपुर के लिए रवाना हुआ शराब से भरा ट्रक सागर जिले में पकड़ा गया और जांच में करीब 1100 पेटी शराब गायब मिलने से हड़कंप मच गया. आबकारी विभाग की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते फर्जी लूट की कहानी गढ़कर शराब गायब करने की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया. इस कार्रवाई को प्रदेश में शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है और मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है.

जानकारी के अनुसार ट्रक क्रमांक एमपी 07 एमए 5050 रायरू डिस्टिलरी से करीब 2000 पेटी देशी मसाला शराब लेकर जबलपुर के लिए रवाना हुआ था. परिवहन के दौरान शराब को सुरक्षित रूप से निर्धारित वेयरहाउस तक पहुंचाया जाना था, लेकिन रास्ते में ही शराब की बड़ी खेप गायब कर दी गई. मामले को छिपाने के लिए ट्रक मालिक और चालक ने लूट की झूठी कहानी तैयार की और ट्रक को पलटाकर घटना को दुर्घटना और लूट का रूप देने का प्रयास किया. हालांकि आबकारी विभाग को पहले से ही इस ट्रक की गतिविधियों पर संदेह था और इसी वजह से टीम लगातार निगरानी कर रही थी.

आबकारी विभाग को जब संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली तो तत्काल जांच शुरू की गई. जांच के दौरान ट्रक को सागर जिले की हीरापुर तहसील के बंडा क्षेत्र से बरामद कर लिया गया. जब अधिकारियों ने ट्रक की जांच की तो उसमें केवल 976 पेटी देशी मसाला मदिरा ही पाई गई, जबकि ट्रक में लगभग 2000 पेटी शराब लोड होने का रिकॉर्ड मौजूद था. इससे स्पष्ट हो गया कि बड़ी मात्रा में शराब रास्ते में ही गायब कर दी गई थी. इस खुलासे के बाद विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है.

जांच के दौरान अधिकारियों को एक अहम सुराग मिला जिसने पूरे मामले की परतें खोल दीं. आबकारी टीम को सूचना मिली कि रायरू क्षेत्र के ग्राम बीलपुरा में अवैध रूप से शराब छिपाकर रखी गई है. सूचना के आधार पर 2 फरवरी की रात करीब 11 बजकर 50 मिनट पर टीम ने ग्राम बीलपुरा में उदयभान उर्फ सोनू यादव के पशुबाड़े पर दबिश दी. यहां भूसे के ढेर के अंदर छिपाकर रखी गई 30 पेटी देशी मसाला शराब बरामद की गई. यह शराब जबलपुर जिले के लिए निर्मित बताई जा रही थी. इस बरामदगी के बाद अधिकारियों को पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली और शराब हेराफेरी की साजिश का खुलासा हो गया.

जांच में यह भी सामने आया कि ट्रक ने अपने निर्धारित मार्ग से हटकर ग्वालियर में एक रिश्तेदार के घर पर करीब 400 पेटी शराब उतारी थी. इसके बाद शेष शराब को अन्य स्थानों पर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई थी. अधिकारियों का मानना है कि यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित तरीके से की गई थी और इसमें कई लोगों की मिलीभगत हो सकती है. विभाग अब ट्रक मालिक, चालक और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है.

आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार शराब परिवहन से जुड़े नियम बेहद सख्त होते हैं और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीर अपराध माना जाता है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब की अवैध तस्करी और हेराफेरी से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है और इससे अवैध व्यापार को बढ़ावा मिलता है. अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो अन्य जिलों में भी जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा.

इस पूरे मामले ने प्रदेश में शराब परिवहन व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि शराब परिवहन के दौरान निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके. वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए ऐसे मामलों पर नियंत्रण किया जा रहा है और भविष्य में निगरानी को और सख्त किया जाएगा.

स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है. कई लोगों का मानना है कि शराब तस्करी का यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और इस कार्रवाई से अन्य अवैध कारोबारों पर भी असर पड़ेगा. आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है.

सूत्रों के अनुसार विभाग अब बरामद शराब की जांच के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों, परिवहन परमिट और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रहा है. अधिकारियों को संदेह है कि गायब हुई शराब को अवैध बाजार में बेचने की योजना बनाई गई थी. यदि जांच में इस बात के प्रमाण मिलते हैं तो मामले में और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं. विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि इस नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका थी और शराब को किन स्थानों पर पहुंचाया जाना था.

आबकारी अधिकारियों ने कहा है कि प्रदेश में अवैध शराब परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है. विभाग ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में शराब परिवहन से जुड़े वाहनों की निगरानी और जांच को और अधिक सख्त किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सके.

फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही गायब हुई शराब की पूरी खेप और उससे जुड़े लोगों का पता लगाया जा सकेगा. इस घटना ने शराब परिवहन प्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है. आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध शराब कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-