गुरुग्राम में 500 करोड़ का रियल एस्टेट घोटाला, एक ही फ्लोर 25 लोगों को बेचने वाला 32nd एवेन्यू का डायरेक्टर गिरफ्तार

गुरुग्राम में 500 करोड़ का रियल एस्टेट घोटाला, एक ही फ्लोर 25 लोगों को बेचने वाला 32nd एवेन्यू का डायरेक्टर गिरफ्तार

प्रेषित समय :21:16:51 PM / Sun, Feb 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

 नई दिल्ली. गुरुग्राम में सामने आए एक बड़े रियल एस्टेट घोटाले ने प्रॉपर्टी बाजार और निवेशकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुग्राम पुलिस ने करीब 500 करोड़ रुपये के कथित संपत्ति घोटाले के मामले में 32nd एवेन्यू के निदेशक ध्रुव दत्त शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक ही व्यावसायिक भवन के एक फ्लोर को 25 से अधिक लोगों को बेच दिया और बाद में उसी फ्लोर को लीज पर लेकर कारोबार करता रहा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी ध्रुव दत्त शर्मा को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया और शहर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। यह कार्रवाई जनवरी में दर्ज कराई गई एक शिकायत के आधार पर की गई, जो ट्रैम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि द्वारा सिविल लाइंस थाने में दी गई थी।

शिकायत के अनुसार मामला वर्ष 2021 का है, जब अप्रा मोटल्स, जिसे अब 32 माइलस्टोन विस्टाज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता है, के निदेशकों और शेयरधारकों ने ट्रैम वेंचर्स से संपर्क किया। उन्होंने 32nd माइलस्टोन कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर स्थित यूनिट नंबर 24 को बेचने का प्रस्ताव दिया था। यह यूनिट करीब 3,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल की थी और सौदा 2.5 करोड़ रुपये में तय हुआ था। शिकायतकर्ता के मुताबिक 21 सितंबर 2021 को पूरी भुगतान राशि भी कर दी गई थी और समझौता भी हस्ताक्षरित हुआ था।

हालांकि आरोप है कि भुगतान और समझौते के बावजूद खरीदार के पक्ष में आज तक रजिस्ट्री यानी कन्वेयंस डीड नहीं की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा और जब 11 अक्टूबर 2023 को कानूनी नोटिस भेजा गया, तब भी कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि समझौते के अनुसार आरोपी कंपनी को फ्लोर बेचने के बाद भी उसका किराया देना था। इसी दौरान जब ट्रैम वेंचर्स ने मामले की गहराई से पड़ताल की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वर्ष 2022 से 2023 के बीच उसी फ्लोर की रजिस्ट्री 25 अन्य लोगों के नाम कर दी गई थी।

इस खुलासे के बाद सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई और मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा गया। जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने आरोपी ध्रुव दत्त शर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक शर्मा सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित डीएलएफ कैमलियास का निवासी है।

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने वर्ष 2021 में शिकायतकर्ता कंपनी के साथ 32 माइलस्टोन बिल्डिंग की पहली मंजिल को लेकर 2.5 करोड़ रुपये का सौदा किया था। इसके बाद भी उसी फ्लोर को अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया।

पुलिस का आरोप है कि मामला यहीं खत्म नहीं होता। फ्लोर को कई लोगों को बेचने के बाद आरोपी ने उसी फ्लोर को 30 वर्षों के लिए लीज पर ले लिया। यह लीज 25 अलग-अलग खरीदारों से ली गई और इसे ग्रोथ हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक एक अन्य कंपनी के नाम पर दिखाया गया। इस तरह एक ही संपत्ति से कई स्तरों पर वित्तीय लेन-देन कर कथित रूप से भारी लाभ कमाया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक फ्लोर तक सीमित नहीं हो सकता और जांच के दौरान अन्य संपत्तियों से जुड़े लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या निवेशकों को धोखा देने की यह एक संगठित योजना थी।

रियल एस्टेट से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह मामला निवेशकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। कागजी कार्रवाई, रजिस्ट्री और संपत्ति के स्वामित्व की पूरी जांच किए बिना निवेश करना बड़े जोखिम का कारण बन सकता है। वहीं पुलिस का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और आर्थिक अपराध शाखा मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और संपत्ति रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस बहुचर्चित रियल एस्टेट घोटाले की पूरी तस्वीर सामने आ पाएगी।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-