कपल फ्रेंडली: संतोष सोबन और मानसा वरनासी की परिपक्व प्रेम कहानी दिल को छू लेती है

कपल फ्रेंडली: संतोष सोबन और मानसा वरनासी की परिपक्व प्रेम कहानी दिल को छू लेती है

प्रेषित समय :22:14:10 PM / Sat, Feb 14th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

निर्देशक Ashwin Chandrasekar की पहली फिल्म Couple Friendly आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं को हल्के, सजीव और संवेदनशील अंदाज में परदे पर उतारती है. संतोष सोबन और मानसा वरनासी अभिनीत यह तेलुगु रोमांस ड्रामा सतही तौर पर एक साधारण लव स्टोरी लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्तों की गहराई, असुरक्षाओं और परिपक्वता की ओर बढ़ती एक भावनात्मक यात्रा बन जाती है.

फिल्म की कहानी दो युवाओं—शिवा और मिथ्रा—के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने-अपने छोटे शहरों से चेन्नई आते हैं. शिवा (Santosh Soban) नेल्लोर का रहने वाला है और एक पारंपरिक परिवार की अपेक्षाओं से घिरा हुआ है. वह इंटीरियर डिजाइनिंग में करियर बनाना चाहता है, लेकिन पिता का दबाव उसे भीतर ही भीतर तोड़ता रहता है. दूसरी ओर मिथ्रा (Manasa Varanasi) चित्तूर से है और चेन्नई में नौकरी की प्रतीक्षा करते-करते निराशा के दौर से गुजर रही है.

संयोग से दोनों रूममेट बनते हैं, जब दोनों का जीवन अस्थिरता के दौर में है. शिवा हालिया ब्रेकअप और करियर संघर्ष से जूझ रहा है, जबकि मिथ्रा भविष्य को लेकर असमंजस में है. शुरुआती एक घंटे में फिल्म एक हल्की-फुल्की स्लाइस-ऑफ-लाइफ रोमांस की तरह आगे बढ़ती है. फोन कॉल्स पर बातचीत, साथ रहते हुए बढ़ती नजदीकियां और छोटे-छोटे भावनात्मक क्षणों को निर्देशक ने बेहद सादगी से पेश किया है.

फिल्म का बड़ा आकर्षण यह है कि यह लाइव-इन रिलेशनशिप को बिना सनसनीखेज बनाए दिखाती है. दोनों किरदार अपनी स्वतंत्र सोच रखते हैं और सामाजिक मान्यताओं से अलग रास्ता चुनते हैं. लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, प्राथमिकताओं में बदलाव और ईगो क्लैश रिश्ते की परीक्षा लेने लगते हैं.

इंटरवल के बाद फिल्म एक अप्रत्याशित मोड़ लेती है, जिससे कहानी का भावनात्मक स्तर गहरा हो जाता है. हालांकि इस तरह का मोड़ कई प्रेम कहानियों में देखा गया है, फिर भी यहां इसे जिस संवेदनशीलता से संभाला गया है, वह प्रभावित करता है. अंतिम हिस्सों में हल्का-फुल्का मेलोड्रामा जरूर आता है, लेकिन संवादों और निर्देशन की सादगी इसे संतुलित बनाए रखती है.

चेन्नई शहर इस फिल्म में सिर्फ लोकेशन नहीं, बल्कि एक मौन साक्षी की तरह मौजूद है. बारिश से भीगी गलियां, छतों से दिखते दृश्य और रोजमर्रा की भागदौड़ कहानी के भावनात्मक टोन को मजबूत बनाते हैं. सिनेमैटोग्राफी और संगीत दोनों मिलकर फिल्म को एक आत्मीय अनुभव में बदल देते हैं.

संतोष सोबन अपने किरदार के साथ परिपक्व होते दिखाई देते हैं. एक लड़कपन से जिम्मेदार व्यक्ति तक का उनका बदलाव प्रभावी है. वहीं मानसा वरनासी ने एक महत्वाकांक्षी लेकिन संवेदनशील युवती का किरदार संतुलित ढंग से निभाया है. दोनों के बीच की केमिस्ट्री स्वाभाविक और विश्वसनीय लगती है.

सहायक कलाकारों में गोपराजु रमना और राजीव कनाकला सख्त लेकिन स्नेही पिता की भूमिकाओं में प्रभाव छोड़ते हैं. लिविंग्स्टन और योगी बाबू की मौजूदगी चेन्नई के परिवेश को प्रामाणिकता देती है.

कुल मिलाकर, कपल फ्रेंडली भले ही कहानी के स्तर पर पूरी तरह नई न लगे, लेकिन इसका प्रस्तुतीकरण आधुनिक, संवेदनशील और संतुलित है. यह फिल्म बताती है कि मुख्यधारा की प्रेम कहानी भी परिपक्वता और गरिमा के साथ कही जा सकती

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-