जबलपुर. एमपी के जबलपुर में डीएफओ योजना के पद पर पदस्थ आईएफएस अधिकारी विपिन पटेल ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. विपिन पटेल के इस्तीफा देने के बाद धर्मपत्नी ने पीसीसीएफ एंड हॉफ को आवेदन देकर इस्तीफा न मंजूर करने का आग्रह किया था और कहा था कि पति विपिन पटेल की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है.
विपिन पटेल की पत्नी के आवेदन के बाद पीसीसीएफ एंड हॉफ ने विपिन पटेल से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा था जिसके बाद पटेल ने इस्तीफा वापस लेने की बात कही है. गौरतलब है कि रीवा, दमोह, सतना व अनूपपुर के डीएफओ रह चुके पटेल ने इस्तीफा देने की वजह निजी कारण बताया था. 4 फरवरी को पीसीसीएफ और हॉफ को भेजे इस्तीफे में विपिन पटेल ने कहा था कि वे अपनी आईएफएस सर्विस से अनकंडीशनल इस्तीफा दे रहे है, जिसका कारण निजी है.
इस्तीफे में पटेल ने कहा था कि उनका इस्तीफा कांपीटेंट अथॉरिटी को फॉरवर्ड करें और आईएफएस सेवा से उन्हें मुक्त किया जाए. पटेल ने इस्तीफे की कॉपी वन विभाग के सचिव को भी भेजी थी. भारतीय वन सेवा के अधिकारी विपिन कुमार पटेल का इस्तीफा वापसी से संबंधित पत्र वन विभाग को मिल गया है. पत्र में पटेल ने लिखा है कि जल्दबाजी में उन्होंने यह कदम उठा लिया था और उनकी मानसिक स्थिति उस समय ठीक नहीं थी. वर्तमान में पटेल डीएफओ वर्किंग प्लान जबलपुर में पदस्थ हैं. वन विभाग ने पत्नी के पत्र के आधार पर पटेल से ई-मेल के जरिए स्पष्टीकरण मांगा था और कहा था कि वे तीन दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करें अन्यथा उनके त्यागपत्र पर एकपक्षीय निर्णय लेकर उसे स्वीकार कर लिया जाएगा.
इन जिलों में विवादित रहे डीएफओ-
आईएफएस अधिकारी विपिन पटेल सतना, अनूपपुर में विवादित रहे थे. उनके विरुद्ध सागर लोकायुक्त पुलिस में भी शिकायत की गई थी. पटेल ने अनूपपुर डीएफओ रहने के दौरान एक विवादित आदेश जारी किया था. जिसका प्रदेश भर में विरोध हुआ था. उनके द्वारा जारी आदेश में कहा गया था उनके क्षेत्राधिकार में वनकर्मियों को उच्च पदभार दिए गए हैं, उसे तत्काल निरस्त कर दिया गया है. आदेश में यह भी लिखा था कि सभी स्टाफ कर्मी मूल पद पर वापस आकर काम करेंगे. डीएफओ विपिन पटेल द्वारा 4 नवंबर को आदेश दिया गया था. इसके बाद मप्र कर्मचारी मंच ने सीएम को पत्र लिखकर इसका विरोध जताया था.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

