उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. इसके साथ ही वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी. बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने रविवार को इस तिथि की आधिकारिक घोषणा की.
यह घोषणा उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद की गई. धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाट खुलने की तिथि तय होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई. देश और विदेश में बसे भक्त अब यात्रा की तैयारियों में जुट गए हैं.
समुद्र तल से लगभग 3,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर मंदाकिनी नदी के तट पर बसा है और हिमालय की भव्य पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा हुआ है. हर वर्ष सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण यह धाम लगभग छह महीने के लिए बंद रहता है. गर्मियों के आगमन के साथ अप्रैल या मई में कपाट खुलते हैं और अक्टूबर या नवंबर में शीतकाल के लिए पुनः बंद कर दिए जाते हैं.
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होते ही यात्रा तैयारियों को तेज कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे, जिससे चारधाम यात्रा का क्रम निर्धारित हो गया है. समिति ने यात्रा सीजन को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि अतिथि गृहों और कार्यालयों का निरीक्षण कार्य प्रारंभ हो चुका है. प्राथमिक स्तर की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अब व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा, आवास, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर काम कर रहे हैं.
पंचमुखी डोली यात्रा का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है. 18 अप्रैल को उखीमठ में भगवान भैरवनाथ की पूजा संपन्न की जाएगी. इसके बाद 19 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर से पंचमुखी डोली फाटा के लिए प्रस्थान करेगी. 20 अप्रैल को डोली गौरीकुंड पहुंचेगी और 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी. डोली के आगमन के एक दिन बाद 22 अप्रैल को मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे.
इस धार्मिक समारोह में केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कपरवान सहित कई धार्मिक विद्वान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे. सभी ने यात्रा के सफल और सुरक्षित आयोजन की कामना की.
वर्ष 2026 की यात्रा के लिए एमटी गंगाधर को केदारनाथ धाम का मुख्य पुजारी नियुक्त किया गया है. वहीं शिवशंकर लिंग ओंकारेश्वर मंदिर में श्री मदमहेश्वर धाम की पूजा व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे. बागेश लिंग अतिरिक्त पुजारी के रूप में सेवाएं देंगे. मंदिर समिति के अधिकारियों ने बताया कि परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा.
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, अर्थव्यवस्था और पर्यटन का प्रमुख आधार है. हर वर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं.
कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के साथ ही यात्रा पंजीकरण, आवास बुकिंग और परिवहन व्यवस्थाओं को लेकर गतिविधियां बढ़ गई हैं. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करें और मौसम व स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतते हुए यात्रा की योजना बनाएं.
22 अप्रैल की सुबह जैसे ही केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे, हिमालय की वादियों में घंटियों की गूंज और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के साथ चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ होगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

