कोलंबो। आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे ने एक और बड़ा उलटफेर करते हुए सह-मेजबान Sri Lanka national cricket team को 6 विकेट से हरा दिया। आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने आखिरी ओवर में रोमांचक अंदाज में लक्ष्य हासिल कर क्रिकेट जगत को चौंका दिया। इससे पहले जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को भी हराकर टूर्नामेंट में सनसनी फैलाई थी।
178 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे ने संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। आखिरी ओवर में टीम को जीत के लिए 8 रन की जरूरत थी। पहली ही गेंद पर मुयोंगा ने छक्का जड़ दिया, जिससे समीकरण बेहद आसान हो गया। इसके बाद शेष पांच गेंदों में दो रन बनाकर टीम ने शानदार जीत दर्ज की। दबाव की घड़ी में जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों ने जिस शांत और संतुलित रवैये का प्रदर्शन किया, उसने दर्शकों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया।
पारी की शुरुआत से ही जिम्बाब्वे ने सकारात्मक रुख अपनाया। सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने 48 गेंदों पर 68 रन की प्रभावशाली पारी खेली, जिसमें आठ चौके शामिल थे। उनकी पारी ने लक्ष्य का मजबूत आधार तैयार किया। कप्तान सिकंदर रज़ा ने भी अहम योगदान देते हुए 45 रन बनाए और मध्यक्रम को स्थिरता दी। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा और अंत में जीत की राह आसान की।
इससे पहले श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 178 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका ने 41 गेंदों पर 62 रन की तेजतर्रार पारी खेली और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि मध्यक्रम अपेक्षित तेजी से रन नहीं जोड़ सका, जिसके कारण स्कोर 180 के पार नहीं जा पाया। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में रनगति पर नियंत्रण बनाए रखा और अंतिम ओवरों में प्रभावी गेंदबाजी की।
मुकाबले का निर्णायक क्षण अंतिम ओवर में आया जब जिम्बाब्वे को जीत के लिए 8 रन चाहिए थे। दर्शकों की धड़कनें तेज थीं, लेकिन मुयोंगा के पहले ही गेंद पर लगाए गए छक्के ने समीकरण बदल दिया। इसके बाद टीम ने बिना किसी घबराहट के लक्ष्य हासिल कर लिया। यह जीत न केवल अंक तालिका के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई पर ले जाने वाली है।
जिम्बाब्वे इस टूर्नामेंट में अंडरडॉग के रूप में उतरा था, लेकिन अब वह सुपर 8 चरण में पहुंचकर स्पष्ट संदेश दे चुका है कि उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद श्रीलंका पर जीत ने उसकी दावेदारी और मजबूत कर दी है। टीम ने साबित किया है कि छोटे प्रारूप में अनुशासित गेंदबाजी और संयमित बल्लेबाजी से किसी भी बड़ी टीम को चुनौती दी जा सकती है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिम्बाब्वे की सफलता का श्रेय टीम की सामूहिक रणनीति और दबाव में शांत रहने की क्षमता को जाता है। बल्लेबाजों ने परिस्थिति के अनुरूप खेल दिखाया, जबकि गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर विरोधी टीम की रफ्तार रोकी। कप्तान सिकंदर रज़ा की नेतृत्व क्षमता भी इस जीत में निर्णायक रही।
दूसरी ओर श्रीलंका के लिए यह हार निराशाजनक रही, विशेषकर घरेलू परिस्थितियों में। सह-मेजबान होने के बावजूद टीम निर्णायक क्षणों में बढ़त कायम नहीं रख सकी। हालांकि टूर्नामेंट अभी बाकी है, लेकिन इस हार ने श्रीलंका की आगे की राह कठिन बना दी है।
आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में अब प्रतिस्पर्धा और तीखी होने वाली है। जिम्बाब्वे ने दिखा दिया है कि वह केवल भाग लेने नहीं, बल्कि इतिहास रचने आया है। आने वाले मुकाबलों में सभी टीमों को उससे सतर्क रहना होगा। इस जीत ने टूर्नामेंट को और रोमांचक बना दिया है और दर्शकों को एक और यादगार मुकाबला देखने को मिला है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

